हाथरस/सिकन्दराराव। नगर के मोहल्ला बारहसैनी में देर शाम को दो समुदाय के पक्षों में बबाल हो गया। एक समुदाय विशेष के लोगों ने घर में घुसकर महिलाओं से छेडछाड की और लोगों से जमकर मारपीट भी की विरोध करने पर जमकर पथराव किया गया। घटना की सूचना पर पंहुची पुलिस टीम का भी कोई खौफ नही देखने को नही मिला और पुलिस टीम पर भी जमकर पथराव और अवैध हथियारों से फायरिंग की गयी। हालांकि पुलिस के आला अधिकारी पुलिस टीम पर हुये पथराव और फायरिंग की घटना को सिरे से नकार रहे हैं परन्तु सच्चाई में पुलिस टीम पर जमकर पथराव हुआ है और अवैध हथियारों से फायरिंग भी हुयी है। बाद में कई थानों और लगभग 2 ट्रक पीएसी के तैनात कर देने के बाद माहौल को कंट्रोल में किया जा सका है। समाचार लिखे जाने तक घटना स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था और मामले को पूरी तरह सेकंट्रोल में ले लिया गया था। शहर भर में पुलिस के शायरन की आवाज गूंज रही थी। वहीं इस घटना पर सांसद प्रतिनिधि और युवा भाजपा कार्यकर्ता विवेकशील राघव का कहना हे कि नगर में हुई साम्प्रदायिक झड़प प्रशासनिक अकर्मण्यता का परिणाम है। कोतवाली पुलिस हर घाटना में एक वर्ग विशेष के विरुद्ध कार्यवाही करने से कतराती है जिसके परिणामस्वरूप उस वर्ग का दुस्साहस बढ़ता जा रहा है।
नगर में 5 जुलाई को एक लाँड्री चलाने वाले व्यक्ति के साथ कुछ गुंडों ने मारपीट की थी जिसकी प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी एक भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गयी। आरोपी पक्ष ने आज जिस परिवार को निशाना बनाया है उस परिवार ने 5 जुलाई की घटना के पीड़ित पक्ष को मारपीट से बचाने का प्रयास किया था। पीड़ित लाँड्री संचालक को भी मुकदमा वापस न लेने पर बलात्कार आदि झूठे मामले में फंसाने की धमकियां दी जा रही हैं।
हाल ही में पुरदिलनगर सहित अन्य घटनाओं में भी प्रशासन ने कार्यवाही करने के बजाय मामलों को फौरी तौर पर निपटाने की औपचारिकता पूरी की है।
समाज को अराजक तत्वों से सुरक्षा का ध्यान रखते हुए शान्ति व्यवस्था बनाये रखनी चाहिए।
नगर में 5 जुलाई को एक लाँड्री चलाने वाले व्यक्ति के साथ कुछ गुंडों ने मारपीट की थी जिसकी प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी एक भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गयी। आरोपी पक्ष ने आज जिस परिवार को निशाना बनाया है उस परिवार ने 5 जुलाई की घटना के पीड़ित पक्ष को मारपीट से बचाने का प्रयास किया था। पीड़ित लाँड्री संचालक को भी मुकदमा वापस न लेने पर बलात्कार आदि झूठे मामले में फंसाने की धमकियां दी जा रही हैं।
हाल ही में पुरदिलनगर सहित अन्य घटनाओं में भी प्रशासन ने कार्यवाही करने के बजाय मामलों को फौरी तौर पर निपटाने की औपचारिकता पूरी की है।
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