शिक्षामित्र सम्मान समारोह कार्यक्रम का किया गया आयोजन

हाथरस। शिक्षामित्र सम्मान समारोह एवं बढ़े हुए मानदेय वितरण के उपलक्ष्य में सेंट फ्रांसिस इंटर कॉलेज (सीनियर विंग), हाथरस के ऑडिटोरियम में सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि की अध्यक्षता एवं जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा उपाध्याय, विधायक सदर अंजुला सिंह माहौर, विधायक सि0राऊ वीरेंद्र सिंह राणा, विधायक सादाबाद प्रदीप कुमार, जिला अध्यक्ष प्रेमसिंह कुशवाह, जिलाधिकारी अतुल वत्स, मुख्य विकास अधिकारी पी0एन0 दीक्षित की गरिमामई उपस्थित में वृहद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। स्वागत की कड़ी में मंच पर उपस्थित जनप्रतिनिधिगणों तथा अधिकारियों का स्वागत बुके भेंटकर किया गया। इस मौके पर छात्राओं ने स्वागत गीत पर मनमोहक प्रस्तुति दी। शिक्षामित्र सम्मान समारोह एवं बढ़े हुए मानदेय वितरण का शुभारम्भ मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ द्वारा किया गया।


कार्यक्रम के शुभारंभ, शिक्षा के महत्त्व पर आधारित लघु फिल्म, छात्रों के उन्नयन हेतु तैयार कैलेंडर का विमोचन तथा मुख्यमंत्री के उद्बोधन का सजीव प्रसारण आडिटोरियम में उपस्थित जनप्रतिनिधिगणों, अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षा मित्रो ने देखा और सुना। मुख्यमंत्री के उद्बोधन के उपरान्त सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि, जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा उपाध्याय, विधायक सदर अंजुला सिंह माहौर, विधायक सि0राऊ वीरेंद्र सिंह राणा, विधायक सादाबाद प्रदीप कुमार, जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाह, जिलाधिकारी अतुल वत्स, मुख्य विकास अधिकारी पी0एन0 दीक्षित ने शिक्षा मित्रों को बढ़े हुए मानदेय से सम्बंधित डैमो चेक का वितरण कर हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी।

कार्यक्रम के दौरान सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि ने उपस्थित शिक्षामित्रों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि कर उनके लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष और परिश्रम का सम्मान किया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री जी द्वारा शिक्षामित्रों को कैशलैश योजना का भी लाभ दिया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पूर्व में 10,000 रुपये मानदेय को बढ़ाकर 18,000 रुपये किया जाना शिक्षामित्रों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय है। शिक्षामित्र शिक्षा व्यवस्था की नींव हैं और उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी बच्चों को शिक्षित करने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों की नियुक्ति वर्ष 1999 के आसपास प्रारंभ हुई थी और उस समय उनका मानदेय मात्र 3,500 रुपये था, जो आज बढ़कर 18,000 रुपये हो गया है। यह वृद्धि उनकी मेहनत और योगदान का परिणाम है। उन्होंने आगे कहा कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार हुए हैं। सरकार द्वारा बच्चों को निःशुल्क यूनिफॉर्म, बेहतर सुविधाएं एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चे भी निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों के समान आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में लाखों बच्चों का पुनः नामांकन हुआ है, जो शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव का संकेत है। उन्होंने शिक्षामित्रों से अपेक्षा की कि वे अपनी जिम्मेदारी को सेवा भाव से निभाते हुए कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करें और उनकी शैक्षिक नींव को मजबूत बनाएं। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों के प्रयासों से ही प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि शिक्षामित्रों की समस्याओं और मांगों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा तथा उनके हित में आगे भी सकारात्मक निर्णय लिए जाएंगे। शिक्षामित्र सम्मान समारोह एवं बढ़े हुए मानदेय वितरण कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधिगणों ने अपने-अपने सम्बोधन में कहा कि हमारी सरकार ने शिक्षामित्रों के हित में ऐतिहासिक कार्य किए हैं। वर्ष 2017 में मानदेय को रूपये 3500 से बढ़ाकर रूपये 10000 किया गया और आज यह बढ़कर रूपये 18000 तक पहुंचा है। यह केवल आर्थिक वृद्धि नहीं, बल्कि आपके सम्मान और योगदान का सम्मान है। आप सभी ने संघर्ष का रास्ता चुना, लेकिन सदैव सकारात्मक सोच के साथ अपनी बात सरकार तक पहुंचाई। सरकार आपकी समस्याओं को सुनने और समाधान करने के लिए सदैव तत्पर रही है। शिक्षामित्रों का परिश्रम, समर्पण और बच्चों के भविष्य निर्माण में उनका योगदान अतुलनीय है। आप सभी गुरु के रूप में समाज का मार्गदर्शन कर रहे हैं। सरकार आपकी प्रत्येक समस्या को गंभीरता से लेते हुए निरंतर समाधान के लिए कार्य करती रहेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षामित्रों के सम्मान और उनके मानदेय में वृद्धि कर उन्हें नई ऊर्जा प्रदान की है। शिक्षामित्रों ने अपने अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष किया है और हम सभी जनप्रतिनिधि सदैव आपके साथ खड़े रहे हैं। ‘स्कूल चलो अभियान’ को सफल बनाने में शिक्षामित्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। आप सभी के अथक प्रयासों से ही हमारे बच्चे शिक्षित हो रहे हैं और देश का भविष्य मजबूत हो रहा है। जब बच्चों की नींव मजबूत होगी, तभी वे आगे चलकर देश की जिम्मेदारियों को संभाल सकेंगे और भारत को श्रेष्ठ बनाने में अपना योगदान देंगे। कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी ने उपस्थित जनप्रतिनिधिगणों, शिक्षामित्रों एवं अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि आज का यह अवसर केवल मानदेय वृद्धि का नहीं, बल्कि शिक्षामित्रों के वर्षों के समर्पण, धैर्य एवं निष्ठा का सम्मान है। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों ने लंबे समय से प्राथमिक शिक्षा को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, उन्होंने शिक्षामित्रों से कहा कि इस मानदेय को आर्थिक दृष्टि से नहीं बल्कि सेवाभाव के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्र हमारे प्राथमिक शिक्षा तंत्र की मजबूत आधारशिला हैं। उनके द्वारा दी गई शिक्षा से ही अनेक छात्र जीवन में आगे बढ़कर सफलता प्राप्त कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि साधारण पृष्ठभूमि से पढ़कर कोई व्यक्ति उच्च पद तक पहुंच सकता है, तो यह शिक्षामित्रों की शिक्षा और मार्गदर्शन का ही परिणाम है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दिए गए सम्मान और विश्वास के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए शिक्षामित्र शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने में निरंतर प्रयासरत रहें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शिक्षामित्रों के सहयोग से जनपद की शिक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा प्रत्येक बच्चा आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त करेगा। कार्यक्रम समापन के अवसर पर मंच पर उपस्थित जनप्रतिनिधिगणों एवं अधिकारियों को स्मृति चिन्ह एवं मुंशी प्रेमचन्द्र द्वारा लिखित पुस्तक गोदान भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान भूतपूर्व विधायक सुरेश प्रताप गांधी, सांसद प्रतिनिधि राजेश उर्फ गुड्डू, जिलाध्यक्ष शिक्षामित्र बृजेश वशिष्ठ, नगर अध्यक्ष विवेक, अन्य जनप्रतिनिधिगण, प्रधानाचार्य डायट, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, शिक्षा मित्र, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकार बंधु आदि उपस्थित रहे।

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