हाथरस। शहर के गांव नगरिया नन्दराम के 31 वर्षीय नन्द किशोर उर्फ नन्दू अपने रिश्तेदरों के साथ बरेली शादी समारोह मे जा रहे थे तभी रास्ते मे कछला घाट पर रूककर स्नान करने के लिये रूक गये और तेज बहाव के कारण नन्दकिशोर गंगा मे डूबगये। गोताखोर ने काफी तलाश की मगर समाचार लिखे जाने तक नन्द किशोर का पता नहीं चल सका है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नगरिया नन्दराम निवासी सदन शर्मा का 31 वर्षीय नन्द किशोर उर्फ नन्दू अपने रिश्तेदारों के साथ निजी गाडी से बरेली मे एक शादी समारोह मे भाग लेने जा रहे थें। तभी रास्ते मे कछला घाट मे नहाने के लिये रूक गये और सभी लोग स्नान करने लगे। गंगा मे पानी का तेज बहाव था जिसके चलते नन्दकिशोर उर्फ नन्दू गंगा मे डूब गया। गंगा मे डूब जाने के बाद वहां पर मौजूद लोगो की चीख पुकार निकलने लगी और बचाओं बचाओं की आवाज होने लगी। साथ ही रोना पीटना शुरू हो गया गोताखोरो ने भी उसको बचाने के लिये गंगा मे छलांग लगा दी। और उसको काफी ढूढने का प्रयास किया और साथ ही प्रसास जारी है मगर समाचार लिखे जाने तक उसका कोई पता नहीं चल सका है। जैसे ही नन्दकिशोर की गंगा मे डूबने की खवर हाथरस हुई तो खवर जंगल मे आग की तरह फैल गयी। बताते है कि नन्दकिशोर की शहर के घंटाघर पर उसकी दुकान है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नगरिया नन्दराम निवासी सदन शर्मा का 31 वर्षीय नन्द किशोर उर्फ नन्दू अपने रिश्तेदारों के साथ निजी गाडी से बरेली मे एक शादी समारोह मे भाग लेने जा रहे थें। तभी रास्ते मे कछला घाट मे नहाने के लिये रूक गये और सभी लोग स्नान करने लगे। गंगा मे पानी का तेज बहाव था जिसके चलते नन्दकिशोर उर्फ नन्दू गंगा मे डूब गया। गंगा मे डूब जाने के बाद वहां पर मौजूद लोगो की चीख पुकार निकलने लगी और बचाओं बचाओं की आवाज होने लगी। साथ ही रोना पीटना शुरू हो गया गोताखोरो ने भी उसको बचाने के लिये गंगा मे छलांग लगा दी। और उसको काफी ढूढने का प्रयास किया और साथ ही प्रसास जारी है मगर समाचार लिखे जाने तक उसका कोई पता नहीं चल सका है। जैसे ही नन्दकिशोर की गंगा मे डूबने की खवर हाथरस हुई तो खवर जंगल मे आग की तरह फैल गयी। बताते है कि नन्दकिशोर की शहर के घंटाघर पर उसकी दुकान है।
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