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हाथरस- नगर पालिका द्वारा बढ़ाये गये बेतहाशा गृह कर व जल कर में भारी कटौती, मिलेगी राहत, विधायक हरीशंकर माहौर की अध्यक्षता में टैक्स निर्धारण कमेटी ने लिया फैसला

हाथरस। नगर पालिका परिषद हाथरस द्वारा बेतहाशा जल कर व गृह कर में वृद्धि किये जाने के बाद लगाये गये करों में शहरवासियों को 75 फीसदी तक की राहत का रास्ता कल साफ हो गया। समिति की बैठक में तय हुआ कि कर की तीनों श्रेणियों में छूट प्रदान की जायेगी।
टैक्स निर्धारण को लेकर विधायक हरीशंकर माहौर के आवास पर ईओ व समिति के अन्य सदस्यों की मौजूदगी में निर्णय हुआ। कुछ माह पहले पालिका ने शहर के लागों पर मोटा गृहकर व जलकर लगा दिया था। लोगों के पास टैक्स जमा कराने को नोटिस पहुंचा तो कई गुना टैक्स का जनता ने विरोध किया। पालिका में आपत्ति जमा कराई, लेकिन आज तक निदान नहीं हो सका। झांसी महानगर में जिस प्रकार करारोपण किया गया उसी प्रकार यहां टैक्स लगा दिया गया। अलीगढ़ नगर निगम द्वारा वहां के पाॅश इलाकों में सम्पत्तियों के वर्ग फुट की रेट इतने नहीं जितने यहां कुछ इलाकों पर लगाये गये। कहने को सम्पत्ति कर के लिए स्वकर मूल्यांकन योजना थी लेकिन पालिका ने खुद ही लोगों की सम्पत्तियों का मूल्यांकन कर उन्हें बिल भेज दिये। मोटी धनराशि के गृह व जल कर की मार आम लोगों ने क्षेत्रीय सभासदों से गुहार लगायी। तब जाकर सभासदों को अहसास हुआ कि उन्होंने बोर्ड की बैठक में गलत हाथ उठाकर इस प्रस्ताव का समर्थन कर दिया। सभासद कर बढोत्तरी के प्रस्ताव के विरोध में आये तभी विधानसभा चुनाव भी आ गया।
विधानसभा चुनावों के दौरान लोगों की दुखती रग पर भाजपा प्रत्याशी हरीशंकर माहौर ने हाथ रखा। टैक्स वापसी कराने का भरोसा दिया। विधायक चुने जाने के बाद वह वोर्ड की बैठक में भी पहुंचे थे। तब उनकी ही अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया था। शुक्रवार की शाम बैठक में पूर्व पालिकाध्यक्ष रमेशचन्द्र आर्य भी पहुंचे। ईओ लल्लनराम यादव व कर अधीक्षक राजेश कुमार जैन, राजस्व निरीक्षक विजय नाथ भी मौजूद रहे। टैक्स निर्धारण को तय करते हुए इस कमेटी ने निर्णय लिया कि ए श्रेणी के करदाताओं को 75 फीसद, बी श्रेणी वालों को 70 व सी श्रेणी के करदाताओं को 50 फीसद छूट दी जायेगी। बैठक में सभासद मनोज अग्निहोत्री, गीता प्रेमी, वीना जैन, प्रदीप शर्मा, आशीष गोयल, रामकुमार सिंह वर्मा, कप्तान सिंह ठेंनुआ, धीरज जैन, विनोद प्रेमी, विधायक प्रवक्ता मोहन पंडित, सुनीत आर्य आदि थे।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 1973 में भी पालिका बोर्ड द्वारा ऐसे ही जल कर व गृह कर में वृद्धि कर दी गई थी जिसके विरोध में व आम जनता के समर्थन में तत्कालीन जनसंघीय नेता एवं पूर्व पालिकाध्यक्ष रमेश चन्द्र आर्य ने आन्दोलन खडा कर हस्ताक्षर अभियान चलाया था साथ ही भूख हडताल भी की थी जिसके बाद पालिका प्रशासन को बढाये गये कर में कटौती करनी पडी थी।

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