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हाथरस/सासनी- गांव नगला गढू में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का भंडारा प्रसाद वितरण के साथ हुआ समापन

हाथरस/सासनी। गांव नगला गढू में चल रहे  श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के दौरान आचार्य पं. मुकेश शास्त्री इगलास वालों ने तक्षक नाग द्वारा राजा परीक्षित को डसना और मार्ग में धन्वतरि गुरू द्वारा तक्षक की परीक्षा लेना कथा का रोचक वर्णन किया।
शुक्रवार केा आचार्य ने सुनाया कि जब श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण के ऋिषि पुत्र द्वारा दिया गया श्राप से राजा की मृत्यु का समय आया तो तक्षक नाग राजा को डंसने के लिए चला। इस बात का पता जब धन्वतरि गुरू को चला तो वे राजा को बचाने के  िलए चल दिए। इसी बीच तक्षक की मुलाकात गुरू धन्वंतरि से हो गई। तक्षक ने धन्वतरि गुरू को कई प्रलोभन दिए मगर वह लोभ में नहीं आए तब तक्षक ने कहा कि मैं ही तक्षक हूं इस पेड को मैं डसता हूं यदि इस पेड को तुमने पुनः जिला दिया तो मैं तुम्हारी शक्ति को पहचानूंगा। तक्षक ने वट वक्ष को डस लिया। डसते ही पेड जलकर राख हो गया। उस पर बैठै पक्षी भी जलकर राख हो गये। तब धन्वंतरि गुरू ने संजीवनी मंत्र के साथ जल छिडककर पेड को जिला दिया । तब तक्षक ने धन्वंतरि गुरू को बहुत सा धन देकर रास्ते से वापस कर दिया। और एक फूल में जाकर छिप गया। जिसे राजा ने सूंघा तो राजा को तक्षक ने डंस लिया ओर उसकी मौत हो गई। कक्षा के बाद भंडारा प्रसाद वितरण कि गया। जिसे पाकर भक्तों ने पुण्यलाभ अर्जित किया। इस दौरान राजा परीक्षित बने पन्नालाल जैसवाल तथा उनकी पत्नी इंदिरा देवी के साथ-साथ रामकृष्ण, ब्रजेश कुमार, ओमप्रकाश, मोरमुकुट शर्मा, विशाल कुमार, सोनू, बबलू, योगेश दीक्षित, भोला शंकर अनीता देवी, पूजा, आरती, माया देवी, सुनीता देवी, राजकुमारी, विनीता देवी, आदि मौजूद थे।  

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