Top News

हाथरस/सादाबाद- आगरा-अलीगढ़ रोड स्थित रामवती भवन के बराबर विशाल पंडाल में आयोजित श्रीराम कथा में उमड़े रहे है भक्त

हाथरस/सादाबाद।  आगरा-अलीगढ़ रोड स्थित रामवती भवन के बराबर विशाल पंडाल में आयोजित श्री रामकथा में प्रख्यात संत विजय कौशल जी महाराज ने रामकथा की अमृतवर्षा करते हुये राम वनगमन लीला का वर्णन कर भौतिक सुखों के आदी लोगों की आंखें खोल दीं।
 श्रीराम कथा वाचक विजय कौशल महाराज ने कलयुग की विशेषता बताते हुए कहा कि आज जितना समय हम टीवी देखने में व्यतीत कर देते हैं, उतना हरि भजन अथवा मन्दिर में नहीं देते। टीवी से उठने का और मन्दिर में जाने का मन नहीं करता। इस बात को प्रमाणित करते हुए आचार्य ने सुनाया कि बस एक बार आजा गुरुदेव की शरण में, महादेव की शरण में.. संकट तेरे मिटेगे गुरुदेव की शरण में, मंगल तेरे बनेंगे महादेव की शरण में। कथा व्यास ने कहा कि वेद का मार्ग ही सनातन मार्ग है। वनवास के दौरान घने जंगलों से निकलते हुए भगवान श्रीराम महर्षि भारद्वाज के आश्रम में पहुंचे थे। वहां उन्होंने वन में ठहरने के 14 स्थान बताये थे। भगवान के दिए आंख, नाक, कान, जीभ, त्वचा, होंठ, मन, बुद्धि, स्वभाव, मुंह, हाथ, पैर, मन आदि जिसका जो कार्य है, उसे हमेशा वही कार्य करना चाहिए। क्योंकि जिसका आधार बिगड़ जाता है, उसका आचरण बिगड़ जाता है।
चित्रकूट में भगवान श्रीराम के आगमन का वर्णन करते हुए कहा कि रथ को हांकने वाले सुमन्त के रथ से उतरकर जब भगवान जाने लगे और सुमन्त से कहा कि आप भी अयोध्या लौट जायें तो सुमन्त रोने लगे। आज्ञा का पालन करते हुए सुमन्त को वापस जाना ही पड़ा। कथा व्यास ने 14 वर्ष के वनवास के पीछे का कारण बताया और कहा कि अन्त समय में मुख पर राम नाम होना चाहिए, जिससे पुनः जन्म सुधर जाता है। सीता हरण की लीला में विजय कौशल जी महाराज ने बताया कि जानकी जी ने तीन भूल की थीं, पहली मृग के पीछे भेजकर भगवान को कुटिया से बाहर कर दिया। दूसरी संत लक्ष्मण को भी प्रभु राम की रक्षा के लिए भेज दिया। तीसरी भूल माता सीता ने लक्ष्मण रेखा को लांघकर की।
श्रीराम कथा का शुभारम्भ उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के न्यायाधीश एसएन शुक्ला, पूर्व न्यायाधीश भंवर सिंह, पूर्व जिला जज राजेन्द्र बाबू शर्मा, अपर जिला जज रामबाबू शर्मा एवं सिविल जज सादाबाद ने दीप प्रज्वलित कर किया। कथा श्रवण के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
पूर्व एमएलसी मुकुल उपाध्याय, योगेन्द्र शर्मा, रिंकी उपाध्याय, कल्पना उपाध्याय, सरोज उपाध्याय सहित उपाध्याय परिवार के तमाम सदस्यों ने आरती कर रामायण पूजन किया। जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय, जिला पंचायत सदस्य रामेश्वर उपाध्याय व चिरागवीर उपाध्याय ने अतिथियों का स्मृति चिन्ह् भेंट कर स्वागत किया।
श्रीराम कथा महोत्सव के शुभारंभ से पहले धर्मसंघ अध्यक्ष पं. सुरेशचंद्र मिश्र के सानिध्य में श्रीराम महायज्ञ हुआ। महायज्ञ में सुख शांति, समृद्धि के लिए लोकलेखा समिति सभापति रामवीर उपाध्याय, जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय, पूर्व सांसद सीमा उपाध्याय, पूर्व एमएलसी मुकुल उपाध्याय, जिला पंचायत सदस्य रामेश्वर उपाध्याय, सरोज उपाध्याय, कल्पना उपाध्याय, सतेन्द्र शर्मा, चिराग उपाध्याय आदि ने आहुतियां दीं।
कथा में महावीर प्रसाद गौतम, रामेश्वर सारस्वत प्रधान मई, नागेश शर्मा, बीएस उपाध्याय, रानू पंडित, लवकुश शर्मा, अरूण शर्मा, योगेश गौतम, अतुल शर्मा, कन्हैयालाल गौतम, मोहन लाल गौतम, रमेश गौतम, चिंटू गौतम, राजकुमार शर्मा, सतीश शर्मा, गुरुदत्त भारतीय, चै. लक्ष्मी नारायन सिंह, चै. श्यामवीर सिंह, चै. प्रेमपाल सिंह, चै. बच्चू सिंह, विजय गौतम, थान सिंह, फकीरचंद चैधरी, विनोद पहलवान, चै. विद्याधर पहलवान, चै. राहुल, चै. अनिल, चै. अर्जुन सिंह, चै. रामवीर फौजी, चै. सुल्तान सिंह, चै. विजय सिंह, चै. कृष्ण मुरारी, सत्यवीर ठेनुआ, चै. लाल बहादुर, भाव सिंह फौजी, चै. प्रताप सिंह, चै. महाराज सिंह (प्रधानाचार्य), चै. रामवीर (पूर्व प्रधान), सतीशचंद कौशिक एवं हजारों भक्तगण मौजूद थे।
विजय कौशल महाराज के श्रीमुख से रामकथा सुनने के लिए कथा स्थल पर संतों का भी डेरा जमा। ये साधु-संत ब्रज क्षेत्र के अलावा हरिद्वार आदि से भी आए हुये हैं।

Post a Comment

जयहिंद मीडिया नेटवर्क में अपनी बात रखने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

और नया पुराने