हाथरस। दिल्ली पब्लिक स्कूल, अलीगढ़ में भारतीय सिनेमा के सौ वर्षों के गौरवमयी सफ़र सिने सुदर्शन की तैयारियाँ जोर शोर से चल रही हैं। विद्यालय के छात्र-छात्राएँ अपने तन-मन से नृत्य, गीत, संगीत तथा अभिनय में लगे हुए हैं। विद्यालय के लगभग 150 बच्चे लाइव आॅर्केस्ट्रा के साथ म्यूजिकल प्रोप नृत्य की धमाकेदार प्रस्तुति देने जा रहे हैं, जिसकी तैयारी वे प्रतिदिन बड़े ही रोचक ढंग से वाद्य यंत्रों को बजाकर रहे हैं। एक ओर जहाँ ड्रम तथा ढोलक की थाप है तो वहीं दूसरी ओर खंजरी और ढपली की ताल है। एक तरफ पैड, कांगो, बोंगो का साज है तो दूसरी तरफ साइड ड्रम व म्यूजिकल बाॅल की लहरें सबके मन को झकझोर रहीं हैं। कहीं कीबोर्ड की सरगम है तो कहीं गिटार व सितार के तार झंकृत होकर श्रोताओं को भावविभोर कर रहे हैं।
डीपीएस, संगीत विभाग के अध्यक्ष आर. के. बज्जू, अमित उपाध्याय, सूर्य प्रकाश पाण्डेय, चारू वाष्र्णेय, मीनाक्षी मिश्रा, देवेन्द्र साहू व अंजली तोमर के निर्देशन में छात्र सुर, ताल, गीत व संगीत के समन्वय को सीख रहे हैं। छात्रों ने पापा कहते हैं, बड़ा नाम करेगा......बेटा हमारा ऐसा काम करेगा......., रंग भरे बादल से तेरे नैनों के काजल से.....तू मेरी चांदनी.........., बच के रहना रे बाबा बच के रहना रे..............., अपनी तो जैसे तैसे ..............., जैसे गीतों से समूचे विद्यालय प्रांगण को संगीतमय बना दिया है। ऐसा मालूम होता है कि मानो विद्यालय में संगीतमयी बयार बह रही हो।
प्रोग्राम को-आॅर्डिनेटर, प्रधानाचार्या पल्लवी उपाध्याय ने बताया कि संगीत एक जीता जागता जादू है जो सभी को झूमने पर मजबूर कर देता है, आर्केस्टा में बच्चे गीतों को सुर, ताल एवं संगीत के साथ अपनी प्रतिभा का परिचय दे रहे हैं।
डीपीएस, संगीत विभाग के अध्यक्ष आर. के. बज्जू, अमित उपाध्याय, सूर्य प्रकाश पाण्डेय, चारू वाष्र्णेय, मीनाक्षी मिश्रा, देवेन्द्र साहू व अंजली तोमर के निर्देशन में छात्र सुर, ताल, गीत व संगीत के समन्वय को सीख रहे हैं। छात्रों ने पापा कहते हैं, बड़ा नाम करेगा......बेटा हमारा ऐसा काम करेगा......., रंग भरे बादल से तेरे नैनों के काजल से.....तू मेरी चांदनी.........., बच के रहना रे बाबा बच के रहना रे..............., अपनी तो जैसे तैसे ..............., जैसे गीतों से समूचे विद्यालय प्रांगण को संगीतमय बना दिया है। ऐसा मालूम होता है कि मानो विद्यालय में संगीतमयी बयार बह रही हो।
प्रोग्राम को-आॅर्डिनेटर, प्रधानाचार्या पल्लवी उपाध्याय ने बताया कि संगीत एक जीता जागता जादू है जो सभी को झूमने पर मजबूर कर देता है, आर्केस्टा में बच्चे गीतों को सुर, ताल एवं संगीत के साथ अपनी प्रतिभा का परिचय दे रहे हैं।
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