हाथरस। बागला महाविद्यालय के शिक्षक संघ इकाई ने आॅल इण्डिया टीचर फैडरेशन के आव्हान पर न्याय दिवस मनाया। केन्द्र सरकार-मानव संसाधन मंत्रालय के अधीन विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने उच्च शिक्षा के शिक्षकों के लिए सातवें वेतन आयोग की घोषणा अब तक नहीं की है। जबकि केन्द्र सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को सातवे वेतन का लाभ 1 जनवरी 16 से प्रदान कर दिया है तथा वहीं पर उच्च शिक्षा में कार्यरत शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा का बेसव्री से इंतजार है। बागला महाविद्यालय के शिक्षक संघ सचिव ने बैठक में केन्द्रीय शिक्षक संगठन, अखिल भारतीय विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक संगठन के मांग पत्र की विस्तृत जानकारी दी एवं आगरा विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के महामंत्री डा. ए.के. सिंह के पत्र का संदर्भ दिया कि सभी शिक्षक सातवें वेतन आयोग एवं शिक्षक हितों से सम्बन्धित 8 सूत्रीय मांगों के समर्थन में जिनमें प्रमुख ए.पी.आई. को हटाया जाना, नवीन पेंशन प्रणाली की जगह पुरानी प्रणाली, वेतन विसंगति को दूर करना एवं उच्च शिक्षा के बजट को 6 प्रतिशत किया जाना तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग व ए.आई.सी.टी.ई. जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं की जगह नवीन संस्थाओं के गठन का पुरजोर विरोध किया है। उच्च शिक्षा में कार्यरत अस्थायी, संविदा, अंशकालीन, अतिथि शिक्षक व स्ववित्तपोषित योजनाओं में कार्यरत शिक्षकों के वेतन एवं सेवा शर्तों को सुधारने की बात कही है एवं उच्च शिक्षा में नियुक्ति के लिए नेट, स्लेट, वेट एवं पीएचडी को अस्टिेन्ट प्रोफेसर की अनिवार्य अर्हता बनाए जाने की मांग की।
शिक्षक संघ के अध्यक्ष डा. पी.के. शर्मा ने 24 जुलाई को जंतर-मंतर, दिल्ली में आयोजित होने वाले धरने में सहभाग करने हेतु शिक्षकों से आव्हान किया। उपाध्यक्ष डा. राजेश कुमार ने सभी शिक्षकों से अपील की कि वे संगठन के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन करें। शिक्षक संघ सचिव डा. यू.पी. सिंह ने शिक्षकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा में कार्यरत शिक्षकों को अविलम्ब केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा सातवां वेतनमान लागू करने का कल्याणकारी कार्य करना चाहिए एवं सभी शिक्षक औटा, फुपुक्टा एवं एआईफुक्टो के शीर्ष नेतृत्व का आन्दोलन हेतु शत-प्रतिशत निर्देशन स्वीकार करेंगे एवं अपनी मांगों के समर्थन में जंतर-मंतर पर आयोजित धरने में सहभागिता करेंगे।
बैठक में डा. संदीप बंसल, डा. के.एन. त्रिपाठी, डा. सुनन्दा महाजन, डा. चन्द्रशेखर रावल, डा. प्रीति वर्मा, डा. रजनीश कुमार, डा. राजेश कुमार, डा. देवदत्त सिंह, डा. धर्मेन्द्र सिंह, डा. अहमद इकबाल, डा. प्रेमप्रकाश, डा. साहब सिंह, डा. दानिश मोहम्मद, डा. एम.पी. सिंह, डा. रमा शर्मा, डा. दीपा ग्रोवर, डा. डी.के सिंह, डा. डी.के. दीक्षित, डा. वीरेश शर्मा आदि उपस्थित थे।
शिक्षक संघ के अध्यक्ष डा. पी.के. शर्मा ने 24 जुलाई को जंतर-मंतर, दिल्ली में आयोजित होने वाले धरने में सहभाग करने हेतु शिक्षकों से आव्हान किया। उपाध्यक्ष डा. राजेश कुमार ने सभी शिक्षकों से अपील की कि वे संगठन के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन करें। शिक्षक संघ सचिव डा. यू.पी. सिंह ने शिक्षकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा में कार्यरत शिक्षकों को अविलम्ब केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा सातवां वेतनमान लागू करने का कल्याणकारी कार्य करना चाहिए एवं सभी शिक्षक औटा, फुपुक्टा एवं एआईफुक्टो के शीर्ष नेतृत्व का आन्दोलन हेतु शत-प्रतिशत निर्देशन स्वीकार करेंगे एवं अपनी मांगों के समर्थन में जंतर-मंतर पर आयोजित धरने में सहभागिता करेंगे।
बैठक में डा. संदीप बंसल, डा. के.एन. त्रिपाठी, डा. सुनन्दा महाजन, डा. चन्द्रशेखर रावल, डा. प्रीति वर्मा, डा. रजनीश कुमार, डा. राजेश कुमार, डा. देवदत्त सिंह, डा. धर्मेन्द्र सिंह, डा. अहमद इकबाल, डा. प्रेमप्रकाश, डा. साहब सिंह, डा. दानिश मोहम्मद, डा. एम.पी. सिंह, डा. रमा शर्मा, डा. दीपा ग्रोवर, डा. डी.के सिंह, डा. डी.के. दीक्षित, डा. वीरेश शर्मा आदि उपस्थित थे।
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