हाथरस। रमनुपर वाली चामुण्डा देवी शहर कोतवाल है बाबा पाताल गिरी ने बताया कि चामुण्डा की पूजा के बिना किसी भी प्रकार की सिद्वी प्राप्त करने के लिये पहले कोतवाल से अनुमति प्रदान करानी चाहिये। जिससे कि समस्त प्रकार की सिद्वी प्राप्त होती रहती है। रमनपुर की चामुण्डा इतिहास बताते हुये कहा माई ने स्वय देकर कहा कि कुंआ से निकालें बाबा संतोष गिरी जी ने निकाल कर नगर का उद्वार करवाया संतोष गिरी जी ने समाधी ली ओकार गिरी, नारायण गिरी, शम्भू गिरी, सेवा गिरी, जहवार गिरी, गोपाल गिरी, आनन्द गिरी, भोला गिरी, वर्तमान महन्त पाताल गिरी शिष्य नागा बाबा संगम गिरी रह रहे है। श्री पंच दश नाम जूना अखाड़ा तेरह मणी से सम्बध रखते है। सन 2001 से लगातार प्रति महा में यज्ञ बाबा पाताल गिरी करवा रहे है। जैसे की ग्यारह शतचण्डी महायज्ञ अतिरूद्व महायज्ञ रूद्व महायज्ञ पीताम्बरा यज्ञ लक्ष्मी नारायण महाराज, भैरव महायज्ञ, लक्ष्मी नारायण महायज्ञ जैसे यज्ञ यहां करवाये जाते है भागवत पुराण रामकथा, देवी जागरण, शिव पुराण आदि कथायें भी करवायी जाती है। मां चामुण्डा देवी से जो मांगों गें उसकी मां अवश्यक इच्छा पूरी करती है।
हाथरस- रमनपुर वाली चामुण्डा देवी शहर कोतवाल हैः पाताल गिरी बाबा, हर वर्ष होता है मन्दिर पर महायज्ञ
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