हाथरस। हाथरस राज्य की स्थापना की 300 वीं वर्षगांठ, राजा दयाराम के 200 वें वर्ष, परमसंत पं. गयाप्रसाद जी की 125 वीं जयन्ती वर्ष बेला में राष्ट्रीय कवि संगम (पूर्व में श्यामधारा) के बैनर तले हाथरस के कवि ब्रज की देहरी का पूजन करेंगे। यह पूजन शुभारंभ सैकड़ों वर्ष की अज्ञात अवाधे बाद हो रहा है। संस्था के जिला संयोजक आशुकवि अनिल बौहरे का मानना है कि देहरी पूजन से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होगा तथा लक्ष्मी की कृपा से हाथरस का चहुमंुखी विकास होगा।
आशुकवि अनिल बौहरे के अनुसार कल 4 नवम्बर, पूर्णिमा को हाथुरसी माता के मंदिर पर कवियों के काव्य समारोह के मध्य 1 बजे ब्रज देहरी पूजन होगा तथा कार्यक्रम किला स्थित दाऊजी महाराज मंदिर पर सत्यनारायन की कथा सायं 4 बजे प्रारम्भ कराकर सम्पन्न होगा। राष्ट्रीय कवि संगम के तत्वावधान में होने वाले इस कार्यक्रम में शहर के कवि तथा साहित्यसेवी बढ़ चढ़कर आयोजन सफल बनाने में लगे हुये हैं।
आशुकवि अनिल बौहरे के अनुसार कल 4 नवम्बर, पूर्णिमा को हाथुरसी माता के मंदिर पर कवियों के काव्य समारोह के मध्य 1 बजे ब्रज देहरी पूजन होगा तथा कार्यक्रम किला स्थित दाऊजी महाराज मंदिर पर सत्यनारायन की कथा सायं 4 बजे प्रारम्भ कराकर सम्पन्न होगा। राष्ट्रीय कवि संगम के तत्वावधान में होने वाले इस कार्यक्रम में शहर के कवि तथा साहित्यसेवी बढ़ चढ़कर आयोजन सफल बनाने में लगे हुये हैं।
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