हाथरस। बिटिया बचाओ अभियान के तहत रमनपुर स्थित डा. भीमराव अम्बेडकर पार्क में गोष्ठी आयोजित हुई। गोष्ठी में महिला उत्पीड़न पर पूर्णतः अंकुश लगाने हेतु आगे आने का आव्हान किया गया, साथ ही बेटियों के जीवन, सम्मान व अधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर महिला कल्याण हेतु चलायी जा रही विभिन्न सरकारी योजनाओं पर भी प्रकाश डाला गया।
बिटिया बचाओ अभियान के सूत्रधार व पर्यावरण सुरक्षा संस्थान के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भवतोष मिश्र ने कहा कि हर मनुष्य को सामाजिक प्राणी होने के नाते सामाजिक बुराइयों के खात्मे के लिये आगे आना चाहिये। उन्होंने कहा कि 21 वीं सदी में भी कन्या भ्रूण हत्या, बेटियों के साथ भेदभाव, महिला निरक्षता, छेड़छाड़, घरेलू, हिंसा, दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों का बजूद सभ्य समाज के माथे पर कलंक का टीका है। कलंक के इस टीके को पौंछाने के लिये सामूहिक प्रयास किये जाने की जरूरत है। श्री मिश्र ने कहा कि हालातों को कोसने से कोई काम चलने वाला नहीं है। हालातों को बदलने के लिये रचनात्मक सोच वाले सभी लोगों को आगे आना होगा।
भारतीय किसान संघ के प्रांतीय नेता अनिल गुप्ता ने कहा कि भारतीय संस्कृति महिलाओं का सम्मान करना सिखाती है। मगर पाश्चात्य सभ्यता के अंधानुकरण के चलते आज विभिन्न सामाजिक बुराइयों ने जन्म ले लिया है। जिनका खात्मा नितांत आवश्यक है।
उ.प्र. टैंट व्यापार एसोसियेशन के प्रदेश सचिव हरीमोहन शर्मा गुरूजी ने कहा कि बिटिया बचाओ अभियान ने कई नये आयाम स्थापित किये हैं। उन्होंने कहा कि सभी संकीर्णताओं से परे हटकर अभियान को मिल रहा व्यापक जनसमर्थन यह साबित करता है कि यह अभियान ऐतिहासिक ऊंचाईयों को छूयेगा। मजदूर संगठन के अध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि बगैर किसी सरकारी मदद के तथा बगैर किसी राजनैतिक महत्वाकांक्षा के जमीनी स्तर पर चलाया जा रहा अभियान महिला उन्नयन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये राधाचरन ने कहा कि बेटियों के बगैर सृष्टि की कल्पना संभव नहीं है, इसलिये बेटियों के जीवन, सम्मान व अधिकारों की रक्षा होनी ही चाहिये। प्रेमचन्द, गुड्डी देवी, पूनम सिंह, सरोज, पूजा, ममता, त्रिवेणी देवी, सूरजमुखी ने भी विचार व्यक्त किये।
इस अवसर पर ओमप्रकाश सिंह, हरवंश सिंह, मोरमुकुट सिंह, विकास, अनिल कुमार, राधारमन, राजू, मुरारीलाल, चोखेलाल, राजकुमार, कान्ती देवी आदि उपस्थित थे।
बिटिया बचाओ अभियान के सूत्रधार व पर्यावरण सुरक्षा संस्थान के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भवतोष मिश्र ने कहा कि हर मनुष्य को सामाजिक प्राणी होने के नाते सामाजिक बुराइयों के खात्मे के लिये आगे आना चाहिये। उन्होंने कहा कि 21 वीं सदी में भी कन्या भ्रूण हत्या, बेटियों के साथ भेदभाव, महिला निरक्षता, छेड़छाड़, घरेलू, हिंसा, दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों का बजूद सभ्य समाज के माथे पर कलंक का टीका है। कलंक के इस टीके को पौंछाने के लिये सामूहिक प्रयास किये जाने की जरूरत है। श्री मिश्र ने कहा कि हालातों को कोसने से कोई काम चलने वाला नहीं है। हालातों को बदलने के लिये रचनात्मक सोच वाले सभी लोगों को आगे आना होगा।
भारतीय किसान संघ के प्रांतीय नेता अनिल गुप्ता ने कहा कि भारतीय संस्कृति महिलाओं का सम्मान करना सिखाती है। मगर पाश्चात्य सभ्यता के अंधानुकरण के चलते आज विभिन्न सामाजिक बुराइयों ने जन्म ले लिया है। जिनका खात्मा नितांत आवश्यक है।
उ.प्र. टैंट व्यापार एसोसियेशन के प्रदेश सचिव हरीमोहन शर्मा गुरूजी ने कहा कि बिटिया बचाओ अभियान ने कई नये आयाम स्थापित किये हैं। उन्होंने कहा कि सभी संकीर्णताओं से परे हटकर अभियान को मिल रहा व्यापक जनसमर्थन यह साबित करता है कि यह अभियान ऐतिहासिक ऊंचाईयों को छूयेगा। मजदूर संगठन के अध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि बगैर किसी सरकारी मदद के तथा बगैर किसी राजनैतिक महत्वाकांक्षा के जमीनी स्तर पर चलाया जा रहा अभियान महिला उन्नयन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये राधाचरन ने कहा कि बेटियों के बगैर सृष्टि की कल्पना संभव नहीं है, इसलिये बेटियों के जीवन, सम्मान व अधिकारों की रक्षा होनी ही चाहिये। प्रेमचन्द, गुड्डी देवी, पूनम सिंह, सरोज, पूजा, ममता, त्रिवेणी देवी, सूरजमुखी ने भी विचार व्यक्त किये।
इस अवसर पर ओमप्रकाश सिंह, हरवंश सिंह, मोरमुकुट सिंह, विकास, अनिल कुमार, राधारमन, राजू, मुरारीलाल, चोखेलाल, राजकुमार, कान्ती देवी आदि उपस्थित थे।
एक टिप्पणी भेजें
जयहिंद मीडिया नेटवर्क में अपनी बात रखने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।