हाथरस। निजी विद्यालयों/स्कूलों के प्रबंधकगण व स्टाफ द्वारा मनमाने तरीके से फीस वृद्धि कर वसूलने आदि के मामलों को लेकर अभिभावक जिलाधिकारी से मिले और उन्हें ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में अभिभावकों ने कहा है कि निजी विद्यालयों/स्कूलों के प्रबंधकगण/प्रधानाचार्यगण मनमाफिक, मनमाने तरीके द्वारा छात्र-छात्राओं से फीस वसूल कर रहे हैं तथा निर्धारित दुकानों से ही किताब, काॅपी, ड्रेस आदि लेने/खरीदने को बाध्य करते हैं तथा प्रतिवर्ष यूनीफार्म का कलर व डिजायन बदला जाता है। 11 माह स्कूलों का संचालन किया जाता है, 11 माह छात्र-छात्राओं का पठन पाठन होता है और 12 माह की फीस वसूली जाती है। अभिभावकों द्वारा विरोध करने पर अभद्र दुव्र्यवहार किया जाता है तथा देख लेने आदि की धमकी दी जाती है। छात्र-छात्राओं के साथ भेदभाव आदि किया जाता है एवं छात्र-छात्राओं को बाहर का रास्ता भी दिखा दिया जाता है।
अभिभावकों ने उक्त प्रकरण में जनहित, न्यायहित को दृष्टिगत रखते हुए निजी विद्यालय/स्कूलों के प्रबंधक/प्रधानाचार्यो द्वारा मनमाफिक, मनमाने तरीके से किये जा रहे कार्यो पर तत्काल प्रभाव से अंकुश लगाने के सम्बंध में सम्बंधित अधिकारियों प्रभावी आदेश कर कार्यवाही करने की मांग की है।
ज्ञापन देने वाले अभिभावकों में रामगोपाल दीक्षित, डा. रवि चैधरी, विश्वास दीक्षित, नरेश शर्मा, कुलदीप कौशिक, गौरव पाठक, सुधीर गुप्ता, डा. रवी सिंह, अरविन्द वशिष्ठ, शोभित उपाध्याय, देवेन्द्र पाल सिंह, हुशियार सिंह, उदय प्रताप सिंह, राघवेन्द्र सिंह राना आदि प्रमुख थे।
ज्ञापन में अभिभावकों ने कहा है कि निजी विद्यालयों/स्कूलों के प्रबंधकगण/प्रधानाचार्यगण मनमाफिक, मनमाने तरीके द्वारा छात्र-छात्राओं से फीस वसूल कर रहे हैं तथा निर्धारित दुकानों से ही किताब, काॅपी, ड्रेस आदि लेने/खरीदने को बाध्य करते हैं तथा प्रतिवर्ष यूनीफार्म का कलर व डिजायन बदला जाता है। 11 माह स्कूलों का संचालन किया जाता है, 11 माह छात्र-छात्राओं का पठन पाठन होता है और 12 माह की फीस वसूली जाती है। अभिभावकों द्वारा विरोध करने पर अभद्र दुव्र्यवहार किया जाता है तथा देख लेने आदि की धमकी दी जाती है। छात्र-छात्राओं के साथ भेदभाव आदि किया जाता है एवं छात्र-छात्राओं को बाहर का रास्ता भी दिखा दिया जाता है।
अभिभावकों ने उक्त प्रकरण में जनहित, न्यायहित को दृष्टिगत रखते हुए निजी विद्यालय/स्कूलों के प्रबंधक/प्रधानाचार्यो द्वारा मनमाफिक, मनमाने तरीके से किये जा रहे कार्यो पर तत्काल प्रभाव से अंकुश लगाने के सम्बंध में सम्बंधित अधिकारियों प्रभावी आदेश कर कार्यवाही करने की मांग की है।
ज्ञापन देने वाले अभिभावकों में रामगोपाल दीक्षित, डा. रवि चैधरी, विश्वास दीक्षित, नरेश शर्मा, कुलदीप कौशिक, गौरव पाठक, सुधीर गुप्ता, डा. रवी सिंह, अरविन्द वशिष्ठ, शोभित उपाध्याय, देवेन्द्र पाल सिंह, हुशियार सिंह, उदय प्रताप सिंह, राघवेन्द्र सिंह राना आदि प्रमुख थे।
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