हाथरस। शहर के प्रमुख धार्मिक स्थल श्रीराम दरबार प्रांगण में पिछले वर्षों की तरह इस बार भी श्री हनुमानजी महाराज का विशाल रोट (प्रसादी) बूटिया परिवार द्वारा आयोजित करायी गई। जिसमें प्रसादी ग्रहण करने के लिये जहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी वहीं इस मौके पर राम दरबार व पूरे मन्दिर परिसर को रंगीन लाइटों व फूलों से सजाया गया था।
शहर के प्रमुख चैराहा तालाब स्थित प्रमुख धार्मिक स्थल श्री राम दरबार का निर्माण प्रमुख उद्योगपति एवं धार्मिक व समाजसेवी कैलाशचन्द्र बूटिया द्वारा कराया गया है तथा उनके द्वारा श्री हनुमानजी महाराज का विशाल रोट (प्रसादी) का आयोजन किया जाता है और इस बार भी श्री हनुमानजी महाराज का 45 वां रोट (प्रसादी) आयोजित की गई। इस मौके पर जहां राम दरबार को रंगीन लाइटों व फूलों से सजाया गया था वहीं श्री राम दरबार, हनुमानजी, शिव परिवार, गणेशजी महाराज के भव्य श्रृंगार व दरबार सजाये गये थे जबकि संगीतमय सुन्दरकांड का पाठ भी हुआ।
इस मौके पर भक्तों ने जहां अलौकिक छप्पन भोग व फूलबंगला के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया वहीं स्वरूचि रोट (प्रसादी) ग्रहण की और कार्यक्रम देर रात तक जारी रहा। आगुन्तकों का स्वागत करने में सेठ कैलाशचन्द्र बूटिया, मनोज बूटिया, दीपक बूटिया, संजीव बूटिया, सजल बूटिया, अचल बूटिया, दीपांशु बूटिया, कृष्णा बूटिया, हनु बूटिया सहित पूरा बूटिया परिवार लगा हुआ था।
शहर के प्रमुख चैराहा तालाब स्थित प्रमुख धार्मिक स्थल श्री राम दरबार का निर्माण प्रमुख उद्योगपति एवं धार्मिक व समाजसेवी कैलाशचन्द्र बूटिया द्वारा कराया गया है तथा उनके द्वारा श्री हनुमानजी महाराज का विशाल रोट (प्रसादी) का आयोजन किया जाता है और इस बार भी श्री हनुमानजी महाराज का 45 वां रोट (प्रसादी) आयोजित की गई। इस मौके पर जहां राम दरबार को रंगीन लाइटों व फूलों से सजाया गया था वहीं श्री राम दरबार, हनुमानजी, शिव परिवार, गणेशजी महाराज के भव्य श्रृंगार व दरबार सजाये गये थे जबकि संगीतमय सुन्दरकांड का पाठ भी हुआ।
इस मौके पर भक्तों ने जहां अलौकिक छप्पन भोग व फूलबंगला के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया वहीं स्वरूचि रोट (प्रसादी) ग्रहण की और कार्यक्रम देर रात तक जारी रहा। आगुन्तकों का स्वागत करने में सेठ कैलाशचन्द्र बूटिया, मनोज बूटिया, दीपक बूटिया, संजीव बूटिया, सजल बूटिया, अचल बूटिया, दीपांशु बूटिया, कृष्णा बूटिया, हनु बूटिया सहित पूरा बूटिया परिवार लगा हुआ था।
एक टिप्पणी भेजें
जयहिंद मीडिया नेटवर्क में अपनी बात रखने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।