हाथरस। शासन के निर्देश पर जिले भर की गर्भवती महिलाओं के लिए मातृत्व सप्ताह का द्वितीय चरण आज 14 अक्टूबर से शुरू होगा और 21 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान गर्भवती महिलाओं को पहचान कर उनका पंजीकरण किया जायेगा और गर्भवती महिलाओं का संस्थागत प्रसव कराना व हाई रिस्क प्रेगनेंसी का फाॅलोअप उनकी 5 तरह की जांचे की जायेंगी।
उक्त बातें आज कलेक्ट्रेट सभागार में प्रेसवार्ता के दौरान जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह व सीएमओ डा. रामवीर सिंह ने बताते हुए कहा कि हाई रिस्क प्रेगनेंसी (एचआरपी) में गर्भवती महिलाओं की जांचें सीवियर एनीमिया, हाई बी.पी., डायबिटीज, हृदय रोग, टीबी, गुर्दा रोग, एपीलेप्सी, प्री एक्लैम्पसिया, पूर्व मृत शिशु का जन्म, पूर्व सीजर, पी.पी.एच. की हिस्ट्री, कम लम्बाई, कम वजन आदि की जांच की जायेगी तथा गर्भवती महिलाओं की जांच हेतु पूरे जिले में सभी ब्लाक पर 35 कलस्टर बनाये गये हैं। प्रत्येक ब्लाक पर 5 कलस्टर बनाये हैं जिनमें सादाबाद में 6 व सहपऊ में 4 कलस्टर बनाये हैं।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक कलस्टर पर एक एएनएम, आशा, आंगनबाडी माइक्रो प्लान के तहत कार्य करेंगी तथा ब्लाक स्तरीय प्रेक्षण हेतु एक आयुष चिकित्सक तथा एक जिला विकास कार्यक्रम के एक सुपरवाइजर की ड्यूटी भी कलस्टर में रहेगी। प्रत्येक ब्लाक में 2 जिला स्तरीय अधिकारी प्रेक्षण हेतु आगे गये हैं जो अपनी प्रत्येक दिन की रिपोर्ट सीडीओ को देंगे। 23 अक्टूबर को छूटी हुई गर्भवती महिलाओं का सत्र लगाया जायेगा।
उन्होंने बताया कि 24 एवं 25 अक्टूबर को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा जिला महिला चिकित्सालय में एचआरपी क्लीनिक होगा और एचआरपी की सभी जांचे होंगी। एचआरपी को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा जिला महिला अस्पताल तक लाने के लिए 102 व 108 एम्बूलेंस सेवा रहेगी। एचआरपी मिलने पर प्रत्येक आशा को 6 सौ रूपये व एएचएम को प्रोत्साहन राशि दी जायेगी।
उक्त बातें आज कलेक्ट्रेट सभागार में प्रेसवार्ता के दौरान जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह व सीएमओ डा. रामवीर सिंह ने बताते हुए कहा कि हाई रिस्क प्रेगनेंसी (एचआरपी) में गर्भवती महिलाओं की जांचें सीवियर एनीमिया, हाई बी.पी., डायबिटीज, हृदय रोग, टीबी, गुर्दा रोग, एपीलेप्सी, प्री एक्लैम्पसिया, पूर्व मृत शिशु का जन्म, पूर्व सीजर, पी.पी.एच. की हिस्ट्री, कम लम्बाई, कम वजन आदि की जांच की जायेगी तथा गर्भवती महिलाओं की जांच हेतु पूरे जिले में सभी ब्लाक पर 35 कलस्टर बनाये गये हैं। प्रत्येक ब्लाक पर 5 कलस्टर बनाये हैं जिनमें सादाबाद में 6 व सहपऊ में 4 कलस्टर बनाये हैं।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक कलस्टर पर एक एएनएम, आशा, आंगनबाडी माइक्रो प्लान के तहत कार्य करेंगी तथा ब्लाक स्तरीय प्रेक्षण हेतु एक आयुष चिकित्सक तथा एक जिला विकास कार्यक्रम के एक सुपरवाइजर की ड्यूटी भी कलस्टर में रहेगी। प्रत्येक ब्लाक में 2 जिला स्तरीय अधिकारी प्रेक्षण हेतु आगे गये हैं जो अपनी प्रत्येक दिन की रिपोर्ट सीडीओ को देंगे। 23 अक्टूबर को छूटी हुई गर्भवती महिलाओं का सत्र लगाया जायेगा।
उन्होंने बताया कि 24 एवं 25 अक्टूबर को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा जिला महिला चिकित्सालय में एचआरपी क्लीनिक होगा और एचआरपी की सभी जांचे होंगी। एचआरपी को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा जिला महिला अस्पताल तक लाने के लिए 102 व 108 एम्बूलेंस सेवा रहेगी। एचआरपी मिलने पर प्रत्येक आशा को 6 सौ रूपये व एएचएम को प्रोत्साहन राशि दी जायेगी।
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