हाथरस/सिकन्दराराव (संदीप पुण्ढीर)। दिल के अरमान आंसूओं में बह गये.... जी हां फिल्म निकाह में सलमा आगा द्वारा गाये गये गाने की यही धुन आज क्षेत्र के पूर्व विधायक अमर सिंह यादव के जहन में गूंज रही होगी। क्योंकि काफी दिनों से चर्चित तहसील परिसर में आयोजित उनके धरना प्रदर्शन कार्यक्रम को पुलिस प्रशासन ने आज होने नहीं दिया । धरना प्रदर्शन कार्यक्रम के एक दिन पूर्व से ही प्रशासन ने क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी थी तथा धरना प्रदर्शन स्थल तहसील परिसर को छावनी के रूप में तब्दील कर दिया गया था तहसील परिसर में जहां चारों ओर केवल खाकी ही खाकी नजर आ रही थी तो वहीं शहर की चारों ओर की सीमाओं पर भी भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था और धरना स्थल की ओर आ रहे लोगों को पुलिस बल ने रोककर धारा 144 का हवाला देते हुये वापस लौटा दिया। बाबजूद इसके पूर्व विधायक अमर सिंह यादव ने शहर की सीमा के बाहर हाथरस रोड पर गांव लश्करगंज के पास सडक किनारे ही फर्स डालकर लोगों को सम्बाधित किया और प्रशासन को खूब खरे-खरे शब्दों में अपना आक्रोश व्यक्त करते हुये कहा कि पुलिस कप्तान की दादागिरी के खिलाफ उन्होंने अभियान छेडा है उसे मंजिल तक पंहुचाकर ही वह चैन की सांस लेंगें। पुलिस ने क्षेत्र में कई निर्दोष लोगों को फंसाकर जेल भेजा है तथा किसानों को दिये जाने वाले मुआवजें में भी बडे स्तर पर धांधली की गयी है और राशन डीलर अधिकारियों की मिली भगत से जनता को मिलने वाले राशन की कालाबजारी कर रहे हैं। इन सब मुद्दों को लेकर उन्होने बीती 29 तारीख को ज्ञापन देकर प्रशासन को चेताया था कि अगर इस ओर ध्यान देकर दोशियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही नहीं की जाती है तो वह तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन करेंगें। पूर्व में घोषित कार्यक्रम को अनुमति न मिलने का बहाना बनाकर रोककर प्रशासन ने जहां जनता की आवाज को दबाकर लोकतंत्र का अपमान किया है तो वहीं अपनी दबंगई भी दिखाई है। इसके लिए वह अदालत का दरवाजा खटखटायेंगें। आपको बता दें कि क्षेत्र के पूर्व विधायक अमर सिंह यादव द्वारा पुलिस पर निर्दोष लोगों को झूठे केसों में फंसाकर जेल भेजने का आरोप तथा राशन डीलरो द्वारा जनता को मिलने वाले राशन की कालाबजारी एवं किसानों को मिलने वाले मुआवजे में धांधली का आरोप लगाते हुये तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन करने की घोषणा पूर्व विधायक द्वारा की गयी थी जिसके लिए क्षेत्र में पूर्व विधायक द्वारा होर्डिंग भी लगाये गये थे जिसमें प्रमुखता से पुलिस कप्तान को जेल भिजवाने के लिए धरना प्रदर्शन का उल्लेख किया गया था। बस इसी के बाद से पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया था और रातों रात शहर भर में लगे होर्डिंग उतर गये थे। वहीं पुलिस प्रशासन ने धारा 144 लगाकर यह कहते हुये कि धरना प्रदर्शन की अनुमति नहीं ली गयी है कार्यक्रम को रोकने के लिए भारी पुलिस बल के साथ जनपद भर के थानों का पुलिस बल शहर में तैनात कर दिया था। जिसके चलते धरना प्रदर्शन में आ रहे लोगों को शहर के अन्दर नही आने दिया गया और तहसील परिसर में धरना प्रदर्श न हो पाने के बाद प्रशासन ने चैन की सांस ली। वहीं इधर पूर्व विधायक अमर सिंह यादव ने शहर की सीमा से बाहर सडक किनारे पर ही फर्श बिछाकर लोगों को सम्बोधित किया और प्रशासन को खूब खरी खोटी सुनाईं। उन्होंने अपने धरना प्रदर्शन को 2 माह तक स्थगित करते हुये चेतावनी दी कि अगर 2 माह के अन्दर उनकी मांगों पर कार्यवाही नहीं की जाती है तो वह 2 माह बाद आज ही के दिन क्षेत्र भर के गांवों में जाकर धरना प्रदर्शन करेंगें।
हाथरस/सिकन्दराराव (संदीप पुण्ढीर)। दिल के अरमान आंसूओं में बह गये.... जी हां फिल्म निकाह में सलमा आगा द्वारा गाये गये गाने की यही धुन आज क्षेत्र के पूर्व विधायक अमर सिंह यादव के जहन में गूंज रही होगी। क्योंकि काफी दिनों से चर्चित तहसील परिसर में आयोजित उनके धरना प्रदर्शन कार्यक्रम को पुलिस प्रशासन ने आज होने नहीं दिया । धरना प्रदर्शन कार्यक्रम के एक दिन पूर्व से ही प्रशासन ने क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी थी तथा धरना प्रदर्शन स्थल तहसील परिसर को छावनी के रूप में तब्दील कर दिया गया था तहसील परिसर में जहां चारों ओर केवल खाकी ही खाकी नजर आ रही थी तो वहीं शहर की चारों ओर की सीमाओं पर भी भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था और धरना स्थल की ओर आ रहे लोगों को पुलिस बल ने रोककर धारा 144 का हवाला देते हुये वापस लौटा दिया। बाबजूद इसके पूर्व विधायक अमर सिंह यादव ने शहर की सीमा के बाहर हाथरस रोड पर गांव लश्करगंज के पास सडक किनारे ही फर्स डालकर लोगों को सम्बाधित किया और प्रशासन को खूब खरे-खरे शब्दों में अपना आक्रोश व्यक्त करते हुये कहा कि पुलिस कप्तान की दादागिरी के खिलाफ उन्होंने अभियान छेडा है उसे मंजिल तक पंहुचाकर ही वह चैन की सांस लेंगें। पुलिस ने क्षेत्र में कई निर्दोष लोगों को फंसाकर जेल भेजा है तथा किसानों को दिये जाने वाले मुआवजें में भी बडे स्तर पर धांधली की गयी है और राशन डीलर अधिकारियों की मिली भगत से जनता को मिलने वाले राशन की कालाबजारी कर रहे हैं। इन सब मुद्दों को लेकर उन्होने बीती 29 तारीख को ज्ञापन देकर प्रशासन को चेताया था कि अगर इस ओर ध्यान देकर दोशियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही नहीं की जाती है तो वह तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन करेंगें। पूर्व में घोषित कार्यक्रम को अनुमति न मिलने का बहाना बनाकर रोककर प्रशासन ने जहां जनता की आवाज को दबाकर लोकतंत्र का अपमान किया है तो वहीं अपनी दबंगई भी दिखाई है। इसके लिए वह अदालत का दरवाजा खटखटायेंगें। आपको बता दें कि क्षेत्र के पूर्व विधायक अमर सिंह यादव द्वारा पुलिस पर निर्दोष लोगों को झूठे केसों में फंसाकर जेल भेजने का आरोप तथा राशन डीलरो द्वारा जनता को मिलने वाले राशन की कालाबजारी एवं किसानों को मिलने वाले मुआवजे में धांधली का आरोप लगाते हुये तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन करने की घोषणा पूर्व विधायक द्वारा की गयी थी जिसके लिए क्षेत्र में पूर्व विधायक द्वारा होर्डिंग भी लगाये गये थे जिसमें प्रमुखता से पुलिस कप्तान को जेल भिजवाने के लिए धरना प्रदर्शन का उल्लेख किया गया था। बस इसी के बाद से पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया था और रातों रात शहर भर में लगे होर्डिंग उतर गये थे। वहीं पुलिस प्रशासन ने धारा 144 लगाकर यह कहते हुये कि धरना प्रदर्शन की अनुमति नहीं ली गयी है कार्यक्रम को रोकने के लिए भारी पुलिस बल के साथ जनपद भर के थानों का पुलिस बल शहर में तैनात कर दिया था। जिसके चलते धरना प्रदर्शन में आ रहे लोगों को शहर के अन्दर नही आने दिया गया और तहसील परिसर में धरना प्रदर्श न हो पाने के बाद प्रशासन ने चैन की सांस ली। वहीं इधर पूर्व विधायक अमर सिंह यादव ने शहर की सीमा से बाहर सडक किनारे पर ही फर्श बिछाकर लोगों को सम्बोधित किया और प्रशासन को खूब खरी खोटी सुनाईं। उन्होंने अपने धरना प्रदर्शन को 2 माह तक स्थगित करते हुये चेतावनी दी कि अगर 2 माह के अन्दर उनकी मांगों पर कार्यवाही नहीं की जाती है तो वह 2 माह बाद आज ही के दिन क्षेत्र भर के गांवों में जाकर धरना प्रदर्शन करेंगें।
एक टिप्पणी भेजें
जयहिंद मीडिया नेटवर्क में अपनी बात रखने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।