हाथरस। ए.आई.बी.ई.ए. तथा ए.आई.बी.ओ.ए. के आह्वान पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को बचाने के लिये अखिल भारतीय मांग दिवस 19 जुलाई को जिले के बैंककर्मियों द्वारा मनाया गया, जिसके तहत बैंककर्मचारियों ने सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंकों को सुदृढ़ करने तथा उनका विकास करने, बैंकों के निजीकरण को रोकने, स्टेट बैंक की सहयोगी बैंकों का स्टेट बैंक में बिलय रोकने, आई.डी.बी.आई. बैंक का निजीकरण रोकने, अषोध्य ऋणों की वसूली के उपाय शुरू करने एवं ऋण चूककर्ताओं के विरूद्ध कार्यवाही प्रारम्भ करने की मांगों का बैज लगाकर बैंककर्मियों ने कार्य किया तथा स्टेट बैंक आॅफ पटियाला पर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुये यू.पी. बैंक इम्प्लाईज एसोसियेशन के जिला मंत्री बी.एस.जैन ने कहा कि 19 जुलाई हमारे देश में बैंक राष्ट्रीयकरण की 47 वीं वर्षगांठ है। बैंक कर्मचारियों के आश्चर्यजनक योगदान से ही सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंकों द्वारा विगत 47 वर्षों में बैंकिंग वर्ग विशेष की बैंकिंग से आज कल के दिनों की जन सामान्य की बैंकिंग में परिवर्तित हो गई है। किन्तु सार्वजनिक बैंकिंग के हित लाभों को समेकित कर इसे आगे बढाने के स्थान पर हम यह पा रहे हैं कि सुधारों के नाम पर सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकिंग को विद्यटित किया जा रहा है और निजी क्षेत्र की बैंकिंग को बढाया जा रहा है तथा सरकार द्वारा महत्व दिया जा रहा है सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विस्तार के स्थान पर सरकार बैंकों के विलय और समेकन के बारे में बात कर रही है। घड़ी को वापस लौटाने के लिये खुले, ढके और छिपे प्रयास किये जा रहे हैं इसलिये आप सभी साथियों को अपने प्रयासों को सघन बनाकर इन प्रयासों और हमलों को नाकाम कर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की रक्षा करनी है।
अतः में यू.पी.बी.ई.यू के जिलाध्यक्ष वी.के.शर्मा ने सरकार की जनविरोधी नीतियों की निन्दा की और आन्दोलनों को सफल बनाने के लिये आह्वान किया। उन्होने आज के सफल प्रदर्शन के लिये सभी साथियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया।
आज के आदोलन कार्यक्रम को सफल बनाने में पी.एस.रावत, राकेश वर्मा, सन्तोष कुमार, नवल किशोर, अशोक शर्मा, उमाशंकर जैन, ओमप्रकाश, शोभित वर्मा, इतवारी लाल, गंगाप्रसाद, सतेन्द्र सिंह, रवि राकेश, विवेक अग्रवाल, अशोक सिंह, नरेन्द्र कुमार, तेजवीर सिंह, गया प्रसाद एवं धर्मेन्द्र कुमार ने सक्रिय भूमिका अदा की।
प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुये यू.पी. बैंक इम्प्लाईज एसोसियेशन के जिला मंत्री बी.एस.जैन ने कहा कि 19 जुलाई हमारे देश में बैंक राष्ट्रीयकरण की 47 वीं वर्षगांठ है। बैंक कर्मचारियों के आश्चर्यजनक योगदान से ही सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंकों द्वारा विगत 47 वर्षों में बैंकिंग वर्ग विशेष की बैंकिंग से आज कल के दिनों की जन सामान्य की बैंकिंग में परिवर्तित हो गई है। किन्तु सार्वजनिक बैंकिंग के हित लाभों को समेकित कर इसे आगे बढाने के स्थान पर हम यह पा रहे हैं कि सुधारों के नाम पर सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकिंग को विद्यटित किया जा रहा है और निजी क्षेत्र की बैंकिंग को बढाया जा रहा है तथा सरकार द्वारा महत्व दिया जा रहा है सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विस्तार के स्थान पर सरकार बैंकों के विलय और समेकन के बारे में बात कर रही है। घड़ी को वापस लौटाने के लिये खुले, ढके और छिपे प्रयास किये जा रहे हैं इसलिये आप सभी साथियों को अपने प्रयासों को सघन बनाकर इन प्रयासों और हमलों को नाकाम कर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की रक्षा करनी है।
अतः में यू.पी.बी.ई.यू के जिलाध्यक्ष वी.के.शर्मा ने सरकार की जनविरोधी नीतियों की निन्दा की और आन्दोलनों को सफल बनाने के लिये आह्वान किया। उन्होने आज के सफल प्रदर्शन के लिये सभी साथियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया।
आज के आदोलन कार्यक्रम को सफल बनाने में पी.एस.रावत, राकेश वर्मा, सन्तोष कुमार, नवल किशोर, अशोक शर्मा, उमाशंकर जैन, ओमप्रकाश, शोभित वर्मा, इतवारी लाल, गंगाप्रसाद, सतेन्द्र सिंह, रवि राकेश, विवेक अग्रवाल, अशोक सिंह, नरेन्द्र कुमार, तेजवीर सिंह, गया प्रसाद एवं धर्मेन्द्र कुमार ने सक्रिय भूमिका अदा की।
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