हाथरस। मंगलवार को गुरु पूणर््िामा के अवसर पर ब्रज की देहरी में जमकर श्रद्धा और भक्ति उमड़ी। इस मौके पर गुरुजनों का शिष्यों ने उनके आवासों पर पहुंच कर पूजन किया और मनचाही आशीष पाई। जबकि तमाम भक्तों ने अपने गुरू से दूर होने पर भी मोबाइल फोन पर ही गुरू आशीर्वाद लिया।
आज की सुबह फिर से भक्ति और उमंग से भरी थी। क्योंकि मौका गुरु पूणर््िामा का था और शिष्यों में गुरुओं के प्रति जो आस्था थी। भोर की किरण फूटते ही शिष्यों ने पूजन की थाली सजा कर गुरु आवासों पर पहुंच पूजन-अर्चन किया।
इस मौके पर खाई वाली गली स्थित श्री वेद भगवान सनातन धर्मसभा के पूर्व अध्यक्ष व प्रकांड विद्वान पं. सुरेशचन्द्र गौड़ एवं युवा प्रकांड विद्वान व भागवताचार्य पं. सतेन्द्र गौड़ (सीपूजी महाराज), मालिन गली स्थित प्रकांड विद्वान पं. सुरेशचन्द्र मिश्र, गली बिछुआ स्थित भागवताचार्य पं. बल्लभजी महाराज, भूरापीर गली नं. 4 स्थित श्री रामकथा प्रवक्ता आचार्या शकुन्तला शर्मा, भूरापीर स्थित बालयोगी युवा विद्वान पं. हरिओम शास्त्री, सरक्यूलर रोड स्थित पं. विश्वनाथ पुरोहित, गली रेवाडपुरा रामजीद्वारा स्थित प्रकांड विद्वान पं. चन्द्रशेखर पांडया व पं. अरूण पांडया, गली डिब्बा स्थित पं. उपेन्द्रनाथ चतुर्वेदी, रामलीला मैदान स्थित भकाभेंडा महादेव स्थित पं. लब्बू गोस्वामी तथा लक्ष्मीनगर स्थित ज्योतिर्विद पं. गोपाल कृष्णा रावत, गोपाल धाम स्थित पं. रामबल्लभाधीश (रामजी महाराज) के आवासों पर शिष्यों की आस्था व भीड़ उमड़ती रही। वहीं गुरुओं ने भी मंत्रोच्चारण के साथ भगवान का शिष्यों से पूजन कराया और आशीर्वाद दिया। रोरी, चावल, मालाओं के अलावा सुगंधित इत्र से गुरुओं को शिष्यों ने सजाया। इसके बाद मिष्ठान से गुरुजनों का मुंह भी मीठा कराया। ज्यादातर शिष्य सपत्निक गुरु आवासों और आश्रमों पर पहुंचे। जिनके गुरुजन बाहर जैसे गिर्राजजी, मथुरा, वृंदावन आदि में थे वह पहले ही वहां के लिए निकल चुके थे। जबकि बाहर रहने वाले शिष्यों ने मोबाइल फोन पर सम्पर्क कर अपने गुरूजनों से आशीर्वाद लिया।
गुरू पूर्णिमा के पर्व पर आचार्य बल्लभजी महाराज व सीपूजी महाराज तथा बालयोगी हरिओम शास्त्री के तमाम शिष्यों ने अमेरिका, गुजरात, हैदराबाद, आंध्र प्रदेश, कोलकाता, कर्नाटक, मुम्बई, दिल्ली, मध्य प्रदेश, झारखंड, उत्तराखंड, राजस्थान, महाराष्ट्र, दुबई, लंदन, बड़ोदा, लखनऊ, इन्दौर आदि शहरों, राज्यों व विदेशों से फोन व इंटरनेट पर चेटिंग कर अपने गुरूओं से आशीर्वाद लिया गया।
आज की सुबह फिर से भक्ति और उमंग से भरी थी। क्योंकि मौका गुरु पूणर््िामा का था और शिष्यों में गुरुओं के प्रति जो आस्था थी। भोर की किरण फूटते ही शिष्यों ने पूजन की थाली सजा कर गुरु आवासों पर पहुंच पूजन-अर्चन किया।
इस मौके पर खाई वाली गली स्थित श्री वेद भगवान सनातन धर्मसभा के पूर्व अध्यक्ष व प्रकांड विद्वान पं. सुरेशचन्द्र गौड़ एवं युवा प्रकांड विद्वान व भागवताचार्य पं. सतेन्द्र गौड़ (सीपूजी महाराज), मालिन गली स्थित प्रकांड विद्वान पं. सुरेशचन्द्र मिश्र, गली बिछुआ स्थित भागवताचार्य पं. बल्लभजी महाराज, भूरापीर गली नं. 4 स्थित श्री रामकथा प्रवक्ता आचार्या शकुन्तला शर्मा, भूरापीर स्थित बालयोगी युवा विद्वान पं. हरिओम शास्त्री, सरक्यूलर रोड स्थित पं. विश्वनाथ पुरोहित, गली रेवाडपुरा रामजीद्वारा स्थित प्रकांड विद्वान पं. चन्द्रशेखर पांडया व पं. अरूण पांडया, गली डिब्बा स्थित पं. उपेन्द्रनाथ चतुर्वेदी, रामलीला मैदान स्थित भकाभेंडा महादेव स्थित पं. लब्बू गोस्वामी तथा लक्ष्मीनगर स्थित ज्योतिर्विद पं. गोपाल कृष्णा रावत, गोपाल धाम स्थित पं. रामबल्लभाधीश (रामजी महाराज) के आवासों पर शिष्यों की आस्था व भीड़ उमड़ती रही। वहीं गुरुओं ने भी मंत्रोच्चारण के साथ भगवान का शिष्यों से पूजन कराया और आशीर्वाद दिया। रोरी, चावल, मालाओं के अलावा सुगंधित इत्र से गुरुओं को शिष्यों ने सजाया। इसके बाद मिष्ठान से गुरुजनों का मुंह भी मीठा कराया। ज्यादातर शिष्य सपत्निक गुरु आवासों और आश्रमों पर पहुंचे। जिनके गुरुजन बाहर जैसे गिर्राजजी, मथुरा, वृंदावन आदि में थे वह पहले ही वहां के लिए निकल चुके थे। जबकि बाहर रहने वाले शिष्यों ने मोबाइल फोन पर सम्पर्क कर अपने गुरूजनों से आशीर्वाद लिया।
गुरू पूर्णिमा के पर्व पर आचार्य बल्लभजी महाराज व सीपूजी महाराज तथा बालयोगी हरिओम शास्त्री के तमाम शिष्यों ने अमेरिका, गुजरात, हैदराबाद, आंध्र प्रदेश, कोलकाता, कर्नाटक, मुम्बई, दिल्ली, मध्य प्रदेश, झारखंड, उत्तराखंड, राजस्थान, महाराष्ट्र, दुबई, लंदन, बड़ोदा, लखनऊ, इन्दौर आदि शहरों, राज्यों व विदेशों से फोन व इंटरनेट पर चेटिंग कर अपने गुरूओं से आशीर्वाद लिया गया।
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