हाथरस । सोमवार 11 जुलाई को समूचे राज्य में चैबीस घण्टे की अवधि में पांच करोड पौधे लगाकर उत्तर प्रदेश का नाम गिनीज बुक आफ वल्र्ड रिकार्ड में दर्ज कराकर विश्व कीर्तिमान स्थापित करने के लिये जिले में सभी जरूरी तैयारियाॅ पूरी कर ली गई हैं। जिले के पाॅच विकास खण्डों में चयनित 39 स्थलों पर करीब 310 हैक्टेअर क्षेत्र में चार लाख वृक्ष रोपित करने के लिये कार्ययोजना को अंतिम रूप दे दिया गया है। मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में शामिल ’’ग्रीन यूपी, क्लीन यूपी’’ के तहत यह अभियान 11 जुलाई को प्रातः दस बजे से प्रारंभ होकर अगले दिन 12 जुलाई को प्रातः दस बजे सम्पन्न होगा।
जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने कलक्टेªेट में आहुत एक अहम बैठक में प्रदेश के मुख्यमंत्री की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल ’’ग्रीन यूपी, क्लीन यूपी’’ अभियान के तहत वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के संबंध में वानिकी, ग्राम्य विकास एवं अन्य विभागीय अधिकारियों से चर्चा की। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के सफलतापूर्वक क्रियान्वयन के लिये जिले में प्रत्येक विकास खण्ड को सैक्टर तथा प्रत्येक तहसील को जोन बनाया गया है। प्रत्येक बीडीओ संबंधित ब्लाक के सैक्टर अधिकारी, तहसीलदार संबंधित तहसील के जोनल अधिकारी तथा एसडीएम वरिष्ठ जोनल अधिकारी नामित किये गये हैं। जिलाधिकारी ने इस विश्व कीर्तिमान हासिल करने के लिये जिले में करीब चार लाख पौधे लगाने हेतु समय से सभी जरूरी व्यवस्थायें सुनिश्चित करने के बारे में अधिकारियो को कडे निर्देश दिये। उन्होंने आकस्मिक स्थिति से निबटने के लिये एम्बूलेंस सहित सभी सीएचसी एवं पीएचसी पर समुचित बन्दोबस्त सुनिश्चित करने के बारे में स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिये।
श्री अविनाश कृष्ण सिंह ने जिले में प्रत्येक पौधा रोपण स्थल के लिये गवाह तथा आडीटर की तैनाती, सैक्टर अधिकारियों द्वारा साक्ष्य सहित निर्धारित प्रारूप में आवश्यक अभिलेख वन विभाग में स्थापित कन्ट्रौल रूम को समय से उपलब्ध कराने के बारे में हिदायत दी। उन्होंने 11 जुलाई सोमवार को जिले में विभिन्न चयनित स्थलों पर वृक्षारोपण कार्य सुनिश्चित करने हेतु समय से सभी आवश्यक कार्यवाही एवं व्यवस्थायें सुनिश्चित करने के लिये डीएफओ को आवश्यक निर्देश दिये।
डीएफओ मधुकर दयाल ने बताया कि वृक्षारोपण कार्यक्रम के तहत जिले में चार लाख पौधे लगाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिये ब्लाक मुरसान में 03, ब्लाक हाथरस में 01, ब्लाक सासनी में 05, ब्लाक सिकन्दराराऊ में 13 तथा ब्लाक हसायन में 17 स्थलों का चयन किया गया है। उन्होंने बताया कि निर्धारित कार्ययोजना के मुताबिक इस कार्यक्रम हेतु गवाह,आडीटर,फोटोग्राफर तथा पर्याप्त संख्या में श्रमिकों की तैनाती की गई है। उन्होंने गिनीज वल्र्ड रिकार्ड के प्रोटोकाल के अनुसार आवश्यक अभिलेखों एवं साक्ष्य को पूर्ण करने के बारे में अधिकारियों को जानकारी दी।
जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने कलक्टेªेट में आहुत एक अहम बैठक में प्रदेश के मुख्यमंत्री की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल ’’ग्रीन यूपी, क्लीन यूपी’’ अभियान के तहत वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के संबंध में वानिकी, ग्राम्य विकास एवं अन्य विभागीय अधिकारियों से चर्चा की। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के सफलतापूर्वक क्रियान्वयन के लिये जिले में प्रत्येक विकास खण्ड को सैक्टर तथा प्रत्येक तहसील को जोन बनाया गया है। प्रत्येक बीडीओ संबंधित ब्लाक के सैक्टर अधिकारी, तहसीलदार संबंधित तहसील के जोनल अधिकारी तथा एसडीएम वरिष्ठ जोनल अधिकारी नामित किये गये हैं। जिलाधिकारी ने इस विश्व कीर्तिमान हासिल करने के लिये जिले में करीब चार लाख पौधे लगाने हेतु समय से सभी जरूरी व्यवस्थायें सुनिश्चित करने के बारे में अधिकारियो को कडे निर्देश दिये। उन्होंने आकस्मिक स्थिति से निबटने के लिये एम्बूलेंस सहित सभी सीएचसी एवं पीएचसी पर समुचित बन्दोबस्त सुनिश्चित करने के बारे में स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिये।
श्री अविनाश कृष्ण सिंह ने जिले में प्रत्येक पौधा रोपण स्थल के लिये गवाह तथा आडीटर की तैनाती, सैक्टर अधिकारियों द्वारा साक्ष्य सहित निर्धारित प्रारूप में आवश्यक अभिलेख वन विभाग में स्थापित कन्ट्रौल रूम को समय से उपलब्ध कराने के बारे में हिदायत दी। उन्होंने 11 जुलाई सोमवार को जिले में विभिन्न चयनित स्थलों पर वृक्षारोपण कार्य सुनिश्चित करने हेतु समय से सभी आवश्यक कार्यवाही एवं व्यवस्थायें सुनिश्चित करने के लिये डीएफओ को आवश्यक निर्देश दिये।
डीएफओ मधुकर दयाल ने बताया कि वृक्षारोपण कार्यक्रम के तहत जिले में चार लाख पौधे लगाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिये ब्लाक मुरसान में 03, ब्लाक हाथरस में 01, ब्लाक सासनी में 05, ब्लाक सिकन्दराराऊ में 13 तथा ब्लाक हसायन में 17 स्थलों का चयन किया गया है। उन्होंने बताया कि निर्धारित कार्ययोजना के मुताबिक इस कार्यक्रम हेतु गवाह,आडीटर,फोटोग्राफर तथा पर्याप्त संख्या में श्रमिकों की तैनाती की गई है। उन्होंने गिनीज वल्र्ड रिकार्ड के प्रोटोकाल के अनुसार आवश्यक अभिलेखों एवं साक्ष्य को पूर्ण करने के बारे में अधिकारियों को जानकारी दी।
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