हाथरस। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ द्वारा मनाये जाने वाले छः प्रमुख उत्सवों में से एक हिन्दू समा्रराज्य दिवस का आयोजन तुलसी देवी स्मृति भवन पर किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में प्रान्त वौद्विक प्रमुख कृष्ण कुमार कनोडिया ने कहा कि संघ बर्ष में छः प्रमुख उत्सव गुरू पूर्णिमा, रक्षाबंधन, मकर संक्रन्ति, विजय दशमी, और हिन्दू समा्रराज्य दिवस मनाता है। आज के दिन हिन्दू शिवशाही के प्रणेता शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक कर हिन्दू समा्रराज्य की स्थापना की गई थी। शिवाजी महाराज ने महाराष्ट्र के रायगण के किले में हिन्दू पदशाही की स्थापना कर भारत को गौरवान्वित किया। उस समय देश पर चमन ,मुगल ,आदिलशाही और औरंगजेब जैसे क्रूर शासकों का शासन था। दन क्रूर शासकों से लोहा लेकर शिवाजी महाराज ने छत्रपति शिवाजी बनकर मुगलों को धूल चटाने का कार्य किया। एक बार अदिलशाह के दरबार में झुक कर प्रणाम करने से इन्कार कर दिया और कहा कि जो हमारी गौमाता को काटता है, जनेऊ जलाता है और चोटी ख्ंडित करता है ऐसे शासक के सामने में सिर नही झुकाउगां।
भरत में गोरिल्ला युद्वनीति के उन्नायक शिवाजी महाराज को मना गया है। शिवाजी महाराज की माता जीजाबाई और समर्थ गुरू रामदास को शिवाजी को संस्कार देने में अहम योगदान था। शिवाजी ने अपनी सूझबूझ से अनेकों किलों को जीता । आज के दिन समस्त हिन्दू समाज के लिये गौरव का दिन है। कार्यक्रम की अध्यक्षता पं0 गया प्रसाद के सुपौत्र रामजीवन ने की। इस अवसर पर आरएसएस के जिला एवं नगर के दायित्वान कार्यकर्ताओं के साथ काफी संख्या में स्वयंसेवक मौैजूद थे।
भरत में गोरिल्ला युद्वनीति के उन्नायक शिवाजी महाराज को मना गया है। शिवाजी महाराज की माता जीजाबाई और समर्थ गुरू रामदास को शिवाजी को संस्कार देने में अहम योगदान था। शिवाजी ने अपनी सूझबूझ से अनेकों किलों को जीता । आज के दिन समस्त हिन्दू समाज के लिये गौरव का दिन है। कार्यक्रम की अध्यक्षता पं0 गया प्रसाद के सुपौत्र रामजीवन ने की। इस अवसर पर आरएसएस के जिला एवं नगर के दायित्वान कार्यकर्ताओं के साथ काफी संख्या में स्वयंसेवक मौैजूद थे।
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