सिकन्दराराव। जहां एक ओर प्रदेश सरकार कानून व्यवस्था को दुरूस्त करने में जुटी है तो वही कानून के रखवाले अपने कर्तव्यो को भूलकर अपनी पुलिस चौकियो को सूनी छोडने में कोर्इ कसर नही छोड रहे हैं। आलम यह है कि कस्बा में पुलिस चौकी तो बनी हुयी है लेकिन वहां पुलिस का कोर्इ भी कर्मी नजर नहीं आता है, अगर नगर व क्षेत्र में कोर्इ अप्रिय घटना घटित होती है तो फरियादी को कोतवाली जाने को ही मजबूर होना पडता है।
बतादे कि नगर में स्थानीय पुरानी तहसील स्थित एक पुलिस चौकी तो बनी हुयी है किन्तु दुर्भाग्यपूर्ण इस चौकी पर किसी भी पुलिसकर्मी को तैनात नही देखा गया है। काफी लम्बे समय से इस पुलिस चौकी पर ताला पडा हुआ है और वही सूनी पुलिस चौकी अराजक तत्वो का जमावाडा व जुआरियो की शरण स्थली बन चुकी है। इस खेल के चलते हुऐ इसपर एक कहावत चीरतार्थ है कि सूनी खेती भेडियो का राज। ठीक इसी का सटीक अर्थ है कि खाली पडी चौकी पर असमाजिक तत्वो का बोलबाला है। वहीं स्थानीय कोतवाली में चौकियो को छोडकर कोतवाली कार्यालय में दिन में ही दरोगाओं को आराम फरमाते हुऐ देखा जा सकता है।

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