सिकन्दराराव। पूर्वमंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक रामवीर उपाध्याय एवं उनके परिजनों के खिलाफ जांच में अचानक आर्इ तेजी को लेकर ब्राहमण समाज में तीव्र आक्रोष व्याप्त है। विप्रों का कहना है कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर चुनावी रणनीति से ध्यान हटाने के लिए उपाध्याय परिवार को घेरने की साजिश सत्ताधारी दल एवं विरोधियों के इशारे पर रची जा रही है। विधानसभा चुनाव से पूर्व जांच को लेकर हो-हल्ला करने वाले विरोधी लोकसभा चुनाव को नजदीक देख एक बार फिर से सक्रिय हो गये हैं। जब कि पिछले एक वर्ष में कहीं कोर्इ जाचं और शिकायत होती नजर नहीं आर्इ। ब्राहमण समाज इसका बदला आगामी लोकसभा चुनाव में जरूर चुकाएगा।
ब्राहमण समाज की एक बैठक मौहल्ला ब्राहमण पुरी स्थित नर्मदेश्वर महादेव मंदिर पर आयोजित की गयी। जिसकी अध्यक्षता पूर्व प्रधानाचार्य रमेश चन्द्र शर्मा ने तथा संचालन पूर्व सभासद चेतन शर्मा ने किया।
राष्ट्रीय युवा ब्राहमण महासभा के जिलाध्यक्ष आशीष दीक्षित ने कहा कि पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय और उनका परिवार दो दशक से अधिक समय से लगातार राजनीति एवं समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय है और प्रदेश की राजनीति में उन्होने महत्वपूर्ण पहचान बनार्इ है। तेजी से बढती उनकी लोकप्रियता को देख कर विपक्षी लोग बौखलाए हुए हैं। इस लिए विधानसभा चुनाव से पूर्व लोकायुक्त जांच के माध्यम से उनकी घेरावंदी की गयी। चुनाव होने के बाद जांच ठण्डे बस्ते में डाल दी गयी और जैसे ही इन लोगों ने लोकसभा चुनाव को नजदीक आते देखा तो एक बार पुन: यह हरकत दोहरार्इ जा रही है। लेकिन ब्राहमण समाज पूरी तरह रामवीर उपाध्याय के साथ है और लोकसभा चुनाव में फतेहपुर सीकरी ,गाजियाबाद के साथ-साथ हाथरस की सीट पर भी ब्राहमण समाज बसपा प्रत्याशियों को जिताने में कोर्इ कोर कसर नहीं छोडेगा। विप्र नेता मुन्नालाल दीक्षित ने कहा कि पिछले दस वर्ष से इसी प्रकार लगातार पूर्वमंत्री की जाचं चलती रही हैं। कभी किसी की शिकायत पर तो कभी सत्ता के इशारे पर लेकिन अब तक किसी भी जाचं में यह प्रमाणित नहीं हुआ कि पूर्वमंत्री रामवीर उपाध्याय ने कोर्इ भी अनैतिक कार्य किया है। आय से अधिक सम्पत्ति की जांच के बहाने जो “ाडयंत्र रचा जा रहा है वह जनता के सामने पहले ही स्पष्ट हो चुका है। विधानसभा चुनाव में भी जनता ने ऐसे तमाम आरोपों को दर किनार कर उन्हें जिता कर विधानसभा भेजा था।
बैठक में प्रमुख रूप से आरडी शर्मा,सीडी द्विवेदी,श्रीगोपाल शर्मा,श्रीकृष्ण दीक्षित,रमाशंकर शर्मा,अच्युत त्रिवेदी लाला भैया,राजीव चतुर्वेदी,ब्रजबिहारी कौशिक,अवनीश भारद्वाज,किशोर कुमार पण्डा,पंकज पचौरी,विष्णुकांत दीक्षित,पुरूशोत्तम दास टण्डन,मनोज उपाध्याय,रानू पण्डित,रामदत्त उपाध्याय,आकाश दीक्षित,धर्मेन्द्र शर्मा,अशोक शर्मा,अरविन्द्र शर्मा,नरेन्द्र शर्मा,गिरजाशंकर उपाध्याय,सुशील शर्मा,मुकेश भारद्वाज,पुष्पेन्द्र दीक्षित,मुनेश भारद्वाज,पुरूशोत्तम शर्मा,संजय शर्मा, मुनेश चतुर्वेदी, लक्ष्मण स्वरूप शर्मा,नरेश चतुर्वेदी,श्याम स्वरूप चतुर्वेदी,नवीन पाराशर,विनीत कौशिक,गौरव पण्डित,मनवीर शर्मा,अम्बरीश शर्मा,चन्द्रभान,रामकिशोर शर्मा,राजनलाल शर्मा,शिवकुमार शर्मा,बॉबी शर्मा,सुभाष शर्मा,शिवनारायण शर्मा आदि प्रमुख थे।

एक टिप्पणी भेजें
जयहिंद मीडिया नेटवर्क में अपनी बात रखने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।