- सत्यापित ई-रिक्शाओं को मिलेगी विशिष्ट पहचान
- QR कोड के माध्यम से वाहन एवं चालक की जानकारी होगी उपलब्ध
हाथरस। पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा द्वारा जनपद हाथरस शहर में 600 ई-रिक्शाओं के सत्यापन अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अभियान का उद्देश्य ई-रिक्शा संचालन को सुव्यवस्थित करना, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, अपराध नियंत्रण में सहायता प्राप्त करना तथा यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाना है। अभियान के अंतर्गत ई-रिक्शा चालकों एवं वाहन स्वामियों का विवरण, पहचान, मोबाइल नंबर, पता तथा वाहन से संबंधित आवश्यक अभिलेखों का सत्यापन किया जा रहा है।
इसके साथ ही वाहन पंजीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस, बीमा, फिटनेस एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच कर अद्यतन रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। सत्यापन प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत प्रत्येक सत्यापित ई-रिक्शा को विशिष्ट पहचान एवं यूनिक QR कोड उपलब्ध कराया जाएगा। QR कोड के माध्यम से आवश्यकता पड़ने पर वाहन एवं चालक की पहचान आसानी से सुनिश्चित की जा सकेगी। यह व्यवस्था किसी दुर्घटना, शिकायत, आपात स्थिति अथवा जांच के दौरान संबंधित ई-रिक्शा एवं चालक की पहचान करने में सहायक होगी। पुलिस अधीक्षक हाथरस द्वारा ई-रिक्शा चालकों को यातायात नियमों का पालन करने, निर्धारित मार्गों पर ही वाहन संचालन करने, ओवरलोडिंग न करने तथा वाहन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज सदैव अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही उन्हें महिला एवं बच्चों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील रहने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने हेतु जागरूक किया गया। पुलिस द्वारा यह अभियान चरणबद्ध रूप से संचालित किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक ई-रिक्शाओं एवं उनके चालकों का सत्यापन सुनिश्चित कर नागरिकों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं भरोसेमंद परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराई जा सके। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक हाथरस श्री रामानन्द कुशवाह, क्षेत्राधिकारी नगर श्री हिमांशु माथुर, प्रभारी निरीक्षक यातायात श्री अनूप कुमार सहित अन्य पुलिस अधिकारी/कर्मचारी एवं ई-रिक्शा चालक उपस्थित रहे।
अभियान के प्रमुख बिंदु—
- ई-रिक्शा चालक एवं वाहन स्वामी का सत्यापन।
- वाहन पंजीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस, बीमा, फिटनेस आदि अभिलेखों की जांच।*
- सत्यापित ई-रिक्शाओं का डिजिटल डाटाबेस तैयार करना।
- प्रत्येक सत्यापित ई-रिक्शा को यूनिक QR कोड प्रदान करना।
- निर्धारित रूट एवं स्टैंड व्यवस्था का पालन सुनिश्चित कराना।
- ओवरलोडिंग एवं अवैध संचालन पर नियमानुसार कार्रवाई।
- नाबालिग द्वारा ई-रिक्शा संचालन पर रोक।
- महिलाओं, बच्चों एवं अन्य यात्रियों की सुरक्षा को और अधिक मजबूत करना।
- अपराध नियंत्रण एवं जांच में वाहन/चालक की त्वरित पहचान सुनिश्चित करना।

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