हाथरस। रावत शिक्षा समिति वीरेश मैमोरियल एकेडमी मूक वधिर, दृष्टि हीन, मानसिक विशेष विद्यालय की संस्तुति एवं जिला प्रशासन की संस्तुति पर राज्य स्तरीय पुरूस्कार से सम्मानित श्री राजेश कुमार उपाध्याय को शहर के उपरांत ग्रामीण स्तर पर दिव्यांगजनों एवं बुद्धिजीवी व ग्राम प्रधानों द्वारा जगह-जगह माल्यार्पण व शाॅल उडाकर सम्मानित किया जा रहा है।
इसी क्रम में सासनी ब्लाक के गांव अजरोई, लुटसान, नगला ताल व सठिया में भी उपाध्याय को सम्मानित किया गया। इस मौके परे श्री उपाध्याय ने जनता व दिव्यांगजनों एवं ग्राम प्रधानों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मैं स्वयं 100 प्रतिशत दिव्यांग होते हुए भी अपने जीवन से निराशा को हौंसला बुलन्द करने वाली संस्था रावत शिक्षा समिति के अध्यक्ष डा. एम.एल. रावत को मुझे यहां तक पहुंचाने में प्रेरणा देने का श्रेय जाता है जिन्होंने हमेशा स्वयं निस्वार्थ भाव से कार्य करते हुए दिव्यांगजनों में हौंसला बुलन्द करने की प्रेरणा दी है। इसी का परिणाम है कि मैंने स्वयं दिव्यांगता को मात देते हुए दिव्यांगता को कभी अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया।
संस्था के अध्यक्ष डा. एम.एल. रावत ने कहा कि श्री उपाध्याय ने संस्था से जुडने के उपरांत कभी दिव्यांगता को आडे नहीं आने दिया। संस्था में विशेष शिक्षक होने के बावजूद पार्ट टाइम दिव्यांगजनों के लिए उत्थान हेतु अनेकों सराहनीय कार्य किये हैं। कुछ लोगों ने संस्था से जुडने के उपरांत पहचान बनने पर स्वयं को अहम की भावना से ग्रसित होकर पहचान के कारण गलत कार्यो का उपयोग करते हुए दिव्यांगजनों का शोषण किया। संस्था ने उनके खिलाफ तत्काल दण्डात्मक कार्यवाही करते हुए कार्य मुक्त कर दिया।
कार्यक्रम में नागराज उपाध्याय, महेशचन्द्र शर्मा, राधा शर्मा, प्रदीप उपाध्याय प्रधान, राकेश शर्मा आदि ने भी विचार व्यक्त किये। इस मौके पर पीयूष रावत, गौरव उपाध्याय, चै. राजकुमार, दिनेश कुमार, मुन्नी देवी, लीलावती, अजय, नवनीत, त्रिलोकचन्द, राजेन्द्र प्रसाद, उमेश राना, योगेन्द्र, पप्पू, शिवानी, अमन आदि मौजूद थे।
इसी क्रम में सासनी ब्लाक के गांव अजरोई, लुटसान, नगला ताल व सठिया में भी उपाध्याय को सम्मानित किया गया। इस मौके परे श्री उपाध्याय ने जनता व दिव्यांगजनों एवं ग्राम प्रधानों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मैं स्वयं 100 प्रतिशत दिव्यांग होते हुए भी अपने जीवन से निराशा को हौंसला बुलन्द करने वाली संस्था रावत शिक्षा समिति के अध्यक्ष डा. एम.एल. रावत को मुझे यहां तक पहुंचाने में प्रेरणा देने का श्रेय जाता है जिन्होंने हमेशा स्वयं निस्वार्थ भाव से कार्य करते हुए दिव्यांगजनों में हौंसला बुलन्द करने की प्रेरणा दी है। इसी का परिणाम है कि मैंने स्वयं दिव्यांगता को मात देते हुए दिव्यांगता को कभी अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया।
संस्था के अध्यक्ष डा. एम.एल. रावत ने कहा कि श्री उपाध्याय ने संस्था से जुडने के उपरांत कभी दिव्यांगता को आडे नहीं आने दिया। संस्था में विशेष शिक्षक होने के बावजूद पार्ट टाइम दिव्यांगजनों के लिए उत्थान हेतु अनेकों सराहनीय कार्य किये हैं। कुछ लोगों ने संस्था से जुडने के उपरांत पहचान बनने पर स्वयं को अहम की भावना से ग्रसित होकर पहचान के कारण गलत कार्यो का उपयोग करते हुए दिव्यांगजनों का शोषण किया। संस्था ने उनके खिलाफ तत्काल दण्डात्मक कार्यवाही करते हुए कार्य मुक्त कर दिया।
कार्यक्रम में नागराज उपाध्याय, महेशचन्द्र शर्मा, राधा शर्मा, प्रदीप उपाध्याय प्रधान, राकेश शर्मा आदि ने भी विचार व्यक्त किये। इस मौके पर पीयूष रावत, गौरव उपाध्याय, चै. राजकुमार, दिनेश कुमार, मुन्नी देवी, लीलावती, अजय, नवनीत, त्रिलोकचन्द, राजेन्द्र प्रसाद, उमेश राना, योगेन्द्र, पप्पू, शिवानी, अमन आदि मौजूद थे।
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