हाथरस/सादाबाद (हाथरस लाइव डोट कोम ब्यूरो)। जिले की तहसील सादाबाद के गांव नगला पदम में अचानक खतरनाक जंगली जानवर तेंदुआ के आ जाने से हडकम्प मच गया। और गांव में दहशत का माहौल पैदा हो गया। कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों के सहयोग से वन विभाग की टीम ने देर शाम उसे बेहोश कर पकड़ लिया। पीपल के पेड़ पर चढ़े इस तेंदुए को वन विभाग की टीम पिजड़े में बंद करके ले गयी है। तब जाकर ग्रामीणों ने चैन की सांस ली। यह तेंदुआ जवान तेंदुआ था। माना जा रहा है कि यह चम्बल नदी किनारे के जंगल से सूखी नहर के जरिये यहां तक आया है।
आपको बता दें कि यूपी के हाथरस जिले की तहसील सादाबाद के गांव नगला पदम में कल सुबह खतरनाक जंगली जानवर तेंदुआ आ धमका था। सुबह सुबह गांव की आबादी में आ घुसे इस तेंदुए ने नगला पदम् तथा नगला मोहन के तीन लोगों को हमला करके घायल कर दिया था। तेंदुए के गांव में आने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया था। लोगों में अफरा तफरी मच गयी थी। भीड़ के एकत्रित होने और शोर मचाने पर यह तेंदुआ गांव के बाहर पीपल के एक पेड़ पर चढ़ गया था। वन विभाग और वाइल्ड लाइफ की टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद देर शाम उसे बेहोश करके तथा जाल बिछाकर पकड़ लिया। ग्रामीणों ने इस अभियान में संसाधनों के अभाव तथा लापरवाही को लेकर वन विभाग की आलोचना की है। लेकिन वन अधिकारी इस अभियान को ग्रामीणों के सयोग से सफल हुआ बता रहे है। वन अधिकारीयों की माने तो तेंदुआ जवान तेंदुआ था। एक मीटर ६० सेंटीमीटर लम्बा था। इसे पिंजड़े में बंद कर ले जाया जा रहा है और इलाज के बाद इसे जंगल में छोड़ दिया जायेगा। उनका कहना है की यह तेंदुआ चम्बल नदी किनारे के जंगल से सूखी नदी में होकर यहां आया होगा।
आपको बता दें कि यूपी के हाथरस जिले की तहसील सादाबाद के गांव नगला पदम में कल सुबह खतरनाक जंगली जानवर तेंदुआ आ धमका था। सुबह सुबह गांव की आबादी में आ घुसे इस तेंदुए ने नगला पदम् तथा नगला मोहन के तीन लोगों को हमला करके घायल कर दिया था। तेंदुए के गांव में आने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया था। लोगों में अफरा तफरी मच गयी थी। भीड़ के एकत्रित होने और शोर मचाने पर यह तेंदुआ गांव के बाहर पीपल के एक पेड़ पर चढ़ गया था। वन विभाग और वाइल्ड लाइफ की टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद देर शाम उसे बेहोश करके तथा जाल बिछाकर पकड़ लिया। ग्रामीणों ने इस अभियान में संसाधनों के अभाव तथा लापरवाही को लेकर वन विभाग की आलोचना की है। लेकिन वन अधिकारी इस अभियान को ग्रामीणों के सयोग से सफल हुआ बता रहे है। वन अधिकारीयों की माने तो तेंदुआ जवान तेंदुआ था। एक मीटर ६० सेंटीमीटर लम्बा था। इसे पिंजड़े में बंद कर ले जाया जा रहा है और इलाज के बाद इसे जंगल में छोड़ दिया जायेगा। उनका कहना है की यह तेंदुआ चम्बल नदी किनारे के जंगल से सूखी नदी में होकर यहां आया होगा।
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