हाथरस (संदीप पुण्ढीर)। जिले में पहली बार क्षत्रिय शिरोमणि लोकनायक शूरवीर श्री महाराणा प्रताप जयन्ती के उपलक्ष्य में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के बैनर तले विशाल क्षत्रिय शिरोमणि महापुरूष महाराणा प्रताप शोभायात्रा तमाम झांकियों व बैण्डबाजों के साथ श्रीकृष्ण गौशाला से आरंभ होकर गणेशगंज चैराहा से होते हुये सरक्यूलर रोड, पंजाबी मार्केट, बैनीगंज, घंटाघर, बुर्ज वाला कुंआ, पत्थर वाला बाजार, नयागंज होते हुये किला दाऊजी महाराज पर पहुंची। शोभायात्रा का शुभारम्भ श्रीकृष्ण गौशाला में विद्वान पंडितों द्वारा विधिवत हवन पूजन आदि के बाद किया गया। शोभायात्रा में जिले भर से क्षत्रिय समाज के लोगों ने भाग लिया। शोभायात्रा के आगे बाइकों पर भगवा झंडा थामे युवको की टोली जय श्री राम, हर हर महादेव के जयकारों को लगाकर यात्रा में शामिल लोगों का उत्साह बढा रही थी। इस अवसर पर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष मतेन्द्र सिंह गहलौत एड., शोभायात्रा संयोजक एवं युवा समाजसेवी रवि चैहान भट्टा वाले, सहसंयोजक हरवीर सिंह तौमर व गोपाल पौरूष ने शोभायात्रा में पधारे क्षत्रिय बन्धुओं को सम्बोधित करते हुये कहा कि लोकनायक श्री महाराणा प्रताप सिंह जी केवल क्षत्रिय समाज के ही नहीं वरन पूरे राष्ट्र के गौरव थे और उन्होंने जीवन भर राष्ट्र धर्म की रक्षा करते हुये अपने प्राणों का बलिदान दे दिया जो किसी से छिपा नहीं है।
उन्होंने बताया कि शोभायात्रा का उद्देश्य पूरे समाज को यह संदेश देना है कि हम समस्त हिन्दू आपस में परस्पर संगठित हों और अपने राष्ट्र धर्म की रक्षा एवं आन, बान, शान के लिये सदैव तत्पर रहें। इसके अतिरिक्त जो परम्परायें हमारा समाज भूल गया है उन आदर्शों पर पुनः चलने का प्रयास करें, विशेषकर समस्त क्षत्रिय बन्धुओं से यह अपील है कि क्षत्रिय समाज हमेशा राष्ट्र धर्म की रक्षा में अग्रणी भूमिका निभाता रहा है, इसलिये अपने क्षत्रिय समाज में फैली हुई कुरीतियों एवं वैमनस्यता को भुलाकर तथा अपनी आने वाली पीढ़ी को पूर्ण शिक्षित कर अपने कर्तव्य का पालन करते हुये राष्ट्र धर्म को निभाने की जागरूकता उत्पन्न हो।
उन्होंने बताया कि शोभायात्रा का उद्देश्य पूरे समाज को यह संदेश देना है कि हम समस्त हिन्दू आपस में परस्पर संगठित हों और अपने राष्ट्र धर्म की रक्षा एवं आन, बान, शान के लिये सदैव तत्पर रहें। इसके अतिरिक्त जो परम्परायें हमारा समाज भूल गया है उन आदर्शों पर पुनः चलने का प्रयास करें, विशेषकर समस्त क्षत्रिय बन्धुओं से यह अपील है कि क्षत्रिय समाज हमेशा राष्ट्र धर्म की रक्षा में अग्रणी भूमिका निभाता रहा है, इसलिये अपने क्षत्रिय समाज में फैली हुई कुरीतियों एवं वैमनस्यता को भुलाकर तथा अपनी आने वाली पीढ़ी को पूर्ण शिक्षित कर अपने कर्तव्य का पालन करते हुये राष्ट्र धर्म को निभाने की जागरूकता उत्पन्न हो।


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