हाथरस। जिला सूचना अधिकारी द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत पत्रकार को सूचनायें उपलब्ध नहीं कराना भारी पड़ सकता है। उ.प्र. सूचना आयोग ने जिला सूचना अधिकारी को नोटिस जारी कर आयोग में तलब कर लिया है।
शहर के रमनपुर निवासी वरिष्ठ युवा पत्रकार सन्तोष कुमार त्रिवेदी ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत जिला सूचना अधिकारी से अपने नवीन प्रेस मान्यता कार्ड से सम्बन्धित पुलिस अधीक्षक कार्यालय, एलआईयू रिपोर्ट व समस्त पुलिस जांच रिपोर्ट आदि की सत्यापित रिपोर्ट, समाचार पत्र शहीदी दरिया की 2 दिसम्बर 2016 की सत्यापित प्रति, प्रेस मान्यता कार्ड के सम्बन्ध में निदेशक जनसूचना एवं जनसम्पर्क लखनऊ से प्राप्त समस्त पत्रों की सत्यापित प्रति आदि बिन्दुओं पर सूचनायें मांगी गई थीं जो कि जिला सूचना अधिकारी द्वारा उन्हें उपलब्ध नहीं करायी गईं।
सूचनायें उपलब्ध नहीं कराये जाने पर आवेदक/पत्रकार संतोष कुमार त्रिवेदी ने उ.प्र. सूचना आयोग में जिला सूचना अधिकारी के खिलाफ अपील कर दी। आयोग ने अपील को गम्भीरता से लेते हुये तत्काल जिला सूचना अधिकारी को नोटिस कर तलब कर लिया है तथा उक्त मामले में आगामी 19 मई को सुनवायी होगी। आयोग ने जिला सूचना अधिकारी से स्वयं उपस्थित होकर 2 प्रतियों में जबाब मांगा है। जिला सूचना अधिकारी को आयोग द्वारा तलब करने से अब उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं और आयोग उन पर जुर्माना या फिर अन्य कोई कार्यवाही कर आदेश सुना सकता है।
शहर के रमनपुर निवासी वरिष्ठ युवा पत्रकार सन्तोष कुमार त्रिवेदी ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत जिला सूचना अधिकारी से अपने नवीन प्रेस मान्यता कार्ड से सम्बन्धित पुलिस अधीक्षक कार्यालय, एलआईयू रिपोर्ट व समस्त पुलिस जांच रिपोर्ट आदि की सत्यापित रिपोर्ट, समाचार पत्र शहीदी दरिया की 2 दिसम्बर 2016 की सत्यापित प्रति, प्रेस मान्यता कार्ड के सम्बन्ध में निदेशक जनसूचना एवं जनसम्पर्क लखनऊ से प्राप्त समस्त पत्रों की सत्यापित प्रति आदि बिन्दुओं पर सूचनायें मांगी गई थीं जो कि जिला सूचना अधिकारी द्वारा उन्हें उपलब्ध नहीं करायी गईं।
सूचनायें उपलब्ध नहीं कराये जाने पर आवेदक/पत्रकार संतोष कुमार त्रिवेदी ने उ.प्र. सूचना आयोग में जिला सूचना अधिकारी के खिलाफ अपील कर दी। आयोग ने अपील को गम्भीरता से लेते हुये तत्काल जिला सूचना अधिकारी को नोटिस कर तलब कर लिया है तथा उक्त मामले में आगामी 19 मई को सुनवायी होगी। आयोग ने जिला सूचना अधिकारी से स्वयं उपस्थित होकर 2 प्रतियों में जबाब मांगा है। जिला सूचना अधिकारी को आयोग द्वारा तलब करने से अब उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं और आयोग उन पर जुर्माना या फिर अन्य कोई कार्यवाही कर आदेश सुना सकता है।
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