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हाथरस- सेठ फूलचन्द बागला (पीजी) कालेज में सांस्कृतिक एवं साहित्यिक गतिविधियों के अन्तर्गत नोटबंदी की सार्थकता पर हुई प्रतियोगिता

हाथरस। सेठ फूलचन्द बागला (पीजी) कालेज में सांस्कृतिक एवं साहित्यिक गतिविधियों के अन्तर्गत आज  वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसका विषय ‘‘नोटबंदी की सार्थकता’’ था। कार्यक्रम का प्रारम्भ महाविद्यालय के प्राचार्य मेजर राजकमल दीक्षित ने स्वामी विवेकानन्द के छविचित्र पर माल्यार्पण कर किया।
प्रतियोगिता के निर्णायक मण्डल में डा. पी. डी. राठी, डा. राजेश कुमार, हिन्दी, डा. साहब सिंह एवं डा. मोहम्मद दानिश थे। प्रतियोगिता में लगभग 25 प्रतिभागियों ने नोटबंदी के पक्ष एवं विपक्ष में अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में प्रथम कु. कृष्णा गोला बी.काॅम. प्रथम वर्ष, द्वितीय  संयुक्त रूप से नमिता सिंघल बी.एड. एवं मो. इंतजार बी.एससी. तृतीय वर्ष तथा तृतीय स्थान कु. गुंजन अग्रवाल ने प्राप्त किया। कार्यक्रम में डा. संदीप बंसल ने नोटबंदी की बारीकियों से अवगत कराया। डा. पी. डी. राठी ने विस्तार से नोटबंदी की समस्त विन्दुओं पर चर्चा की। डा. के. एन. त्रिपाठी ने मंच का संचालन करते हुए बताया कि नोटबंदी एक साहसिक कदम रहा है लेकिन उसका क्रियान्वयन ठीक ढंग से न होने के कारण जनता को कठिनाइयों का सामना करना पडा परन्तु दीर्घकाल में इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेंगे।
महाविद्यालय के प्राचार्य ने अपने उद्बोधन में स्वामी विवेकानन्द की जयन्ती के उपलक्ष्य में उनके कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला एवं नोटबंदी के राजनीतिक एवं सामाजिक पहलूओं पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम में डा. प्रेमप्रकाश ने नोटबंदी के सामाजिक प्रभाव पर चर्चा की। अन्त में डा. सुनन्दा महाजन ने सभी अतिथियों का आभार ज्ञापन किया। इस अवसर पर डा. मोहम्मद इकबाल, जी.सिंह, डा. वीरेश, जितेन्द्र कुमार, शीलेन्द्रकुमार शर्मा, राजीव अग्रवाल, महेशचन्द्र, के. के. शर्मा, शुभम अग्निहोत्री, यतीश कुमार, निकेश शर्मा, भानु सारस्वत आदि का सराहनीय योगदान रहा।

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