हाथरस। यूनाईटेड फोरम आॅफ बैंक यूनियन्स के आह्वान पर बैंकिंग क्षेत्र सुधारों के विरुद्ध आज यूनियन बैंक आॅफ इण्डिया पर प्रदर्शन किया गया, जिसमें सभी बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।
प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुए संगठन के जिला संयोजक बी.एस. जैन ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में केन्द्र सरकार द्वारा किये जा रहे सुधार देश की जनता के हित में नहीं हैं। केन्द्र सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण करना चाहती है, जिसका हमारा संगठन शुरू से विरोध कर रहा है, क्योंकि निजीकरण करने से राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था सुदृढ़ नहीं हो सकती। हमारा संगठन चाहता है कि बैंकिंग को मौलिक अधिकार बनाया जाय, जानबूझकर बैंक ऋणों को न चुकाना फौजदारी अपराध घोषित हो, खराब ऋणों के लिए जिम्मेदारी तय हो और दोषियों को दण्ड मिले, परन्तु सरकार का इन मुद्दों पर कोई ध्यान नहीं है। केन्द्र सरकार का ध्यान बैंकों के आपसी विलय एवं निजीकरण पर अधिक है। राष्ट्रीय संगठन ने केन्द्र सरकार के इन तथाकथित सुधारों के विरुद्ध आन्दोलन का आह्वान किया, जो 29 जुलाई की देशव्यापी हड़ताल तक चलेगा। सभी साथी एकजुटता के साथ आन्दोलन कार्यक्रमों को सफल बनायें।
अन्त में यूपीबीईयू के अध्यक्ष वी.के. शर्मा ने सरकार की जनविरोधी नीतियों की निन्दा की तथा आन्दोलनों के सभी कार्यक्रमों को सफल बनाने का आह्वान करते हुए आज के प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए सभी बैंक कर्मियों को ध्यन्यवाद देते हुए आभार व्यक्त किया।
इस प्रदर्शन को सफल बनाने में पीसी रावत, राकेश वर्मा, के.एल. वर्मा, ए.के. वर्मा, डी.सी. गुप्ता, बनी सिंह, रवि राकेश, धर्मेन्द्र कुमार, ओमप्रकाश, अशोक शर्मा, इतवारी लाल, अशोक कुमार, गिर्राज सिंह, देवेन्द्र कुमार उमाशंकर जैन, यतेश गर्ग, गंगा प्रसाद, हुकुम सिंह, राजवीर शर्मा, राजवीर सिंह एवं नरेन्द्र कुमार आदि ने सक्रिय भूमिका अदा की।
प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुए संगठन के जिला संयोजक बी.एस. जैन ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में केन्द्र सरकार द्वारा किये जा रहे सुधार देश की जनता के हित में नहीं हैं। केन्द्र सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण करना चाहती है, जिसका हमारा संगठन शुरू से विरोध कर रहा है, क्योंकि निजीकरण करने से राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था सुदृढ़ नहीं हो सकती। हमारा संगठन चाहता है कि बैंकिंग को मौलिक अधिकार बनाया जाय, जानबूझकर बैंक ऋणों को न चुकाना फौजदारी अपराध घोषित हो, खराब ऋणों के लिए जिम्मेदारी तय हो और दोषियों को दण्ड मिले, परन्तु सरकार का इन मुद्दों पर कोई ध्यान नहीं है। केन्द्र सरकार का ध्यान बैंकों के आपसी विलय एवं निजीकरण पर अधिक है। राष्ट्रीय संगठन ने केन्द्र सरकार के इन तथाकथित सुधारों के विरुद्ध आन्दोलन का आह्वान किया, जो 29 जुलाई की देशव्यापी हड़ताल तक चलेगा। सभी साथी एकजुटता के साथ आन्दोलन कार्यक्रमों को सफल बनायें।
अन्त में यूपीबीईयू के अध्यक्ष वी.के. शर्मा ने सरकार की जनविरोधी नीतियों की निन्दा की तथा आन्दोलनों के सभी कार्यक्रमों को सफल बनाने का आह्वान करते हुए आज के प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए सभी बैंक कर्मियों को ध्यन्यवाद देते हुए आभार व्यक्त किया।
इस प्रदर्शन को सफल बनाने में पीसी रावत, राकेश वर्मा, के.एल. वर्मा, ए.के. वर्मा, डी.सी. गुप्ता, बनी सिंह, रवि राकेश, धर्मेन्द्र कुमार, ओमप्रकाश, अशोक शर्मा, इतवारी लाल, अशोक कुमार, गिर्राज सिंह, देवेन्द्र कुमार उमाशंकर जैन, यतेश गर्ग, गंगा प्रसाद, हुकुम सिंह, राजवीर शर्मा, राजवीर सिंह एवं नरेन्द्र कुमार आदि ने सक्रिय भूमिका अदा की।
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