हाथरस। शहर के नबीपुर रोड स्थित श्री रामेश्वरदास अग्रवाल कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर भारत को विश्वगुरु बनाने में एक मार्गदर्शक विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में नई शिक्षा नीति को लेकर शिक्षा विधान द्वारा विचारों का मंथन किया गया।
संगोष्ठी की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वन्दना से हुई। जिसमें उद्घ्घाटन सत्र में संगोष्ठी की अध्यक्षता प्रो. चन्द्रशेखर (कुलपति राजा महेन्द्र प्रताप सिंह राज्य वि. वि. अलीगढ़), मुख्यातिथि प्रो. ए. पी. पांडेय (पूर्व कुलपति, मणिपुर वि. वि. मणिपुर), मुख्यवक्ता वी. के. सिंह थे। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर तथा दीप प्रजवलित कर उप कुलपति, प्रबंध समिति अध्यक्ष पदम नारायण अग्रवाल, प्रबंधक प्रदीप गोयल तथा प्राचार्या ने किया।उद्घ्घाटन सत्र में अध्यक्ष के रूप में प्रो. चन्द्रशेखर कुलपति राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय, अलीगढ़, मुख्य अतिथि डा. के. पी. पाण्डेय पूर्व कुलपति मणिपुर विश्वविद्यालय मणिपुर, बीज वक्ता प्रो. वी.के. सिंह, विशिष्ट अतिथि प्रो. के.सी. वशिष्ठ, डॉ. आर.आर. पाडेय, मो. नंदिता सत्संगी, प्रो. रश्मिरेखा पाण्डेय, पूर्व प्राचार्या एस.आर. डी. ए. की उपस्थिति से संगोष्ठी को मान बढ़ाया।
प्राचार्या प्रो.इन्दु द्वारा अतिथियों का औपचारिक स्वागत किया गया। प्राचार्या ने बताया कि हमें अपनी परम्परा को जीवित करना है और संस्कृति को महत्त्व देना है। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि हमें विश्वगुरु बनना है तो हमें अपने साहित्य को अपने संस्कृति को आगे बढ़ाना होगा।
बीजवक्ता वी.के. सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि अब विद्यार्थियों को संकाय विशेष के विषय को पढ़ने की बाध्यता खत्म हो गयी है। एर्न.इ.पी. में भारतीय भाषाओं का विशेष ख्याल रखा गया है।
विशिष्ट अतिथि प्रो. नंदिता संत्संगी ने कहा कि नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों के लिए उपयोगी तो है लेकिन इससे शिक्षकों को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है कि वह कैसे इसे कक्षाकक्ष में लागू करें।
मुख्य अतिथि ए. पी. पाण्डेय ने बताया कि अंग्रेजों द्वारा लागू शिक्षा नीति ने हमारी शिक्षा व्यवस्था हमारी संस्कृति को नष्ट कर दिया है। उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति की विशेषताएं हैं, जिसमें प्राथमिक शिक्षा को मातृभाषा में देना, समग्र विकास और ड्राप आउट विद्यार्थियों का नुकसान होने से बचाना आदि है। संगोष्ठी के अध्यक्ष प्रो. चन्द्रशेखर ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए कारागर है। संगोष्ठी में विभिन्न तकनीकी सत्रो का भी संचालन हुआ जिसमें तकनीक सत्रों के मुख्य विषयों पर चर्चा की गयी। उसमें अनेक प्रतिभागियों ने अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। संगोष्ठी में उद्घ्घाटन सत्र का संचालन प्रो. संगीता अरोरा, प्रो. रंजना सिंह द्वारा तथा तकनीकी सत्रों का संचालन श्रीमती अनामिका सिंह व कु. प्रियेका सरोज ने किया।
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