हाथरस/सादाबाद। तहसील सादाबाद में महिलाओं ने अपने बच्चों की शिक्षा में रोड़ा बनी गन्दगी से निजात पाने के लिये अलग ही रास्ता चुन लिया और पानी की टंकी पर चढ कर महिलाओं ने गांव को बदहाली से निकालने की मांग की। जिलाधिकारी के आश्वासन के बाद महिलाओं को टंकी से उतारा जा सका।
हाथरस की सादाबाद तहसील में जिलाधिकारी जनता की शिकायते सुन रहे थे कि अचानक तहसील दिवस में हंगामा हो गया। हुआ यह कि आधा दर्जन महिलायें पानी की टंकी पर चढ़कर कूदने जा रही थीं। टंकी पर चढी महिलाओं को देख शिकायत कार्ताओं के साथ तहसील और जिला स्तर के अधिकारियों की भीड़ लग गयी। बहुत देर चली गहमा गहमी के बाद जिलाधिकारी रमाशंकर मोर्य के आश्वासन पर टंकी पर चढ़ी महिलाओं को नीचे उतारा जा सका। पानी की टंकी पर चढी महिलाओं का कहना है कि उनके गांव की सड़के बदहाल पड़ी है। जलभराव और गंदगी के कारण बच्चों का स्कूल जाना दुषवार हो गया है। तमाम शिकायतों के बाद भी उसमें किसी प्रकार का सुधार नही किया गया, जिसके चलते उन्होने यह रास्ता चुना। जिलाधिकारी रमाशंकर मोर्य का कहना है गांव की सड़कों पर भरे पानी की बजह से ये महिला टंकी पर चढी थी।
हाथरस की सादाबाद तहसील में जिलाधिकारी जनता की शिकायते सुन रहे थे कि अचानक तहसील दिवस में हंगामा हो गया। हुआ यह कि आधा दर्जन महिलायें पानी की टंकी पर चढ़कर कूदने जा रही थीं। टंकी पर चढी महिलाओं को देख शिकायत कार्ताओं के साथ तहसील और जिला स्तर के अधिकारियों की भीड़ लग गयी। बहुत देर चली गहमा गहमी के बाद जिलाधिकारी रमाशंकर मोर्य के आश्वासन पर टंकी पर चढ़ी महिलाओं को नीचे उतारा जा सका। पानी की टंकी पर चढी महिलाओं का कहना है कि उनके गांव की सड़के बदहाल पड़ी है। जलभराव और गंदगी के कारण बच्चों का स्कूल जाना दुषवार हो गया है। तमाम शिकायतों के बाद भी उसमें किसी प्रकार का सुधार नही किया गया, जिसके चलते उन्होने यह रास्ता चुना। जिलाधिकारी रमाशंकर मोर्य का कहना है गांव की सड़कों पर भरे पानी की बजह से ये महिला टंकी पर चढी थी।
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