हाथरस। वन विभाग के द्वारा हरीतिमा अभियान 2018 के तहत प्रदेश भर में पौधों को लगाये जाने के अभियान को सफल बनायें जाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डा0 रमा शंकर मौर्य ने सम्बन्धित अधिकारियांे की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में की। प्रभागीय वनाधिकारी/सदस्य सचिव जिला वृक्षारोपण समिति मुकेश शर्मा ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार कार्यक्रम की प्रस्तावित रूप रेखा इस प्रकार हैं सम्बन्धित विभाग द्वारा जनपद में कन्ट्रोल रूम की स्थापना की जा चुकी हैं। जिसके लिए धमेन्द्र कुमार को प्रभारी अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है। जिनका मोबाइल नम्बर 9457110033 तथा लैण्डलाइन नम्बर 0572223211 है। सम्बन्धित विभाग द्वारा गढ्डा खुदान का कार्य 15 जुलाई 2018 से 07 अगस्त 2018 तक, नर्सरी का चिन्हाकंन 27.07.2018 तक पौध ढुलान दिनांक 30.07.2018 तक, जनपद के गणमान व्यक्ति से सम्पर्क कर उनसे वृक्षारोपण कराने की व्यवस्था 05.08.2018 तक प्रत्येक रोपण स्थल की फोटोंग्राफी कर विभाग को 10.08.2018 तक उपलब्ध करा दे। दिनांक 15.08.2018 को सायं 08ः00 बजें तक प्रत्येक विभाग द्वारा लगायें गये पौधों की सूचना कन्ट्रोल रूम को उपलब्ध करा दे। वृक्षारोपण से सम्बन्धी फोटोग्राफ एवं अन्य अभिलेख को दिनांक 17.08.2018 सम्बन्धित विभाग को प्रेषित करा दें। दिनांक 15.09.2018 से 30.09.2018 तक सेक्टर एवं जोनल अधिकारी द्वारा वृक्षारोपण स्थलों का निरीक्षण एवं जीवितता का सत्यापन कार्य किया जायें।
जिलाधिकारी डा0 रमा शंकर मौर्य ने हरीतिमा अभिायन की समीक्षा के दौरान वृक्षा रोपण के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि वृक्षारोपण राजकीय भूमि, ग्राम सभा भूमि, सडक पटरी भूमि, नहर पटरी भूमि, निजी स्कूल, कालेज, चिकित्सालय, रेजिडेन्ट वेलफेयर समितियां, एग्रों फारेस्टरी मिशन के लियें कृषकों की भूमि के सम्बन्ध में स्थल, समृति वन हेतु चिन्हित स्थल पर वृक्षारोपण किया जाना है। अतः सम्बन्धित अधिकारीगण वृक्षारोपण हेतु भूमि चिन्हित कर वृक्षारोपण किया जाना सुनिश्चित करे। उन्होने कहा कि जिन विभागो को लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है उन्हे हर हालत में अपने लक्ष्य को पूरा करना है। साथ ही वृक्षारोपण की फोटोग्राफ भी संरक्षित किया जाना सुनिश्चित करे। वृक्षारोपण के दौरान पौधो का चयन स्थानीय जलवायु दशा के अनुरूप करे जिससे पौधो का विकास आसानी से हो सके। पयार्वरण शुद्ध रखने तथा प्राकृतिक संतुलन बनाने के लिए वृक्षारोपण करना अति आवश्यक है। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सासनी, परियोजना निदेशक चन्द्रशेखर शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी समस्त खण्ड विकास अधिकारी, तथा अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी डा0 रमा शंकर मौर्य ने हरीतिमा अभिायन की समीक्षा के दौरान वृक्षा रोपण के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि वृक्षारोपण राजकीय भूमि, ग्राम सभा भूमि, सडक पटरी भूमि, नहर पटरी भूमि, निजी स्कूल, कालेज, चिकित्सालय, रेजिडेन्ट वेलफेयर समितियां, एग्रों फारेस्टरी मिशन के लियें कृषकों की भूमि के सम्बन्ध में स्थल, समृति वन हेतु चिन्हित स्थल पर वृक्षारोपण किया जाना है। अतः सम्बन्धित अधिकारीगण वृक्षारोपण हेतु भूमि चिन्हित कर वृक्षारोपण किया जाना सुनिश्चित करे। उन्होने कहा कि जिन विभागो को लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है उन्हे हर हालत में अपने लक्ष्य को पूरा करना है। साथ ही वृक्षारोपण की फोटोग्राफ भी संरक्षित किया जाना सुनिश्चित करे। वृक्षारोपण के दौरान पौधो का चयन स्थानीय जलवायु दशा के अनुरूप करे जिससे पौधो का विकास आसानी से हो सके। पयार्वरण शुद्ध रखने तथा प्राकृतिक संतुलन बनाने के लिए वृक्षारोपण करना अति आवश्यक है। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सासनी, परियोजना निदेशक चन्द्रशेखर शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी समस्त खण्ड विकास अधिकारी, तथा अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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