हाथरस/सिकन्दराराव। नवसंवत्सर पर विभिन्न स्थानों पर हवन यज्ञ एवं पूजा अर्चना करके लोगों ने नववर्ष मनाया। कर्मयोग सेवा संघ नेमोहल्ला भूतेश्वर में कवि गोष्ठी का आयोजन किया। गोष्ठी की अध्यक्षता डा0 अनिल गहलोत ने तथा संचालन संघ के संस्थापक विवेकशील राघव ने किया। कवि शिवम कुमार आजाद ने सरस्वती वन्दना प्रस्तुत की। अवशेष कुमार विमल ने नवसंवत मंगलमय होने की कामना की। विवेकशील राघव ने रचना पढी- आदमी अच्छा था सबने यह कहा मरने के बाद, जब तलक जिन्दा था सबको आदमी भी कम लगा। विमल उपाध्याय ने रचना सुनाई- लडखडाकर गिर गया जगमगाते गीत के नीचे अंधेरा। देवेश सिसोदिया ने सुनाया - गलतियों पर परदा गिराता रहा हूं स्वयं से भी आंखे चुराता रहा हूं। कवि ओमप्रकाश सिंह एडवोकेट ने रचना पढी- कली कहीं कहरी, बल्लरी भी कह रही, प्रकृति में हर्ष है यही नववर्ष है। काव्य गोष्ठी में डा0 दत्तात्रेय त्रिवेदी, अतुल चोहान, कवि देवेन्द्र दीक्षित शूल, सत्यप्रकाश शर्मा, मुनी सिसोदिया, आलोक मिश्रा ने भी काव्य पाठ किया।
कर्मयोग सेवा संघ ने कवि गोष्ठी का किया आयोजन
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