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प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा निकाली गई शोभायात्रा एवं सजाई गई चैतन्य झाँकियां

- शोभायात्रा में उमड़ा विशाल जनसमूह
हाथरस। नवरात्रि के अवसर पर अलीगढ रोड स्थित शान्ति भवन, आनन्दपुरी कालोनी के प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा प्रभातफेरी एवं चैतन्य देवी झाँकियों का आयोजन किया गया। शोभायात्रा आनन्दपुरी कालोनी से आरम्भ होकर वसुन्धरापुरम में भ्रमण करके शिव मंदिर पर सम्पन्न हुई। जहाँ नवदुर्गा चैतन्य झाँकी का आयोजन किया गया।
बी0के0 शान्ता बहिन ने अपने सम्बोधन में देवी स्वरूपों के पूज्या स्वरूप का वर्णन करते हुए कहा कि परमपिता परमात्मा शिव जब कल्प के अन्त में आकर कलियुगी आसुरी सम्प्रदाय की आसुरियता का संहार कराने के लिए मातृशक्तियों को अष्ट शक्ति सम्पन्न, पवित्र ब्रह्मचारिणी बनाते हैं तो कालान्तर में यही मातृशक्तियाँ देवी स्वरूपों के रूप में कलिकाल में पूजी जाती हैं। साल भर में दो बार नवरात्रि का पवित्र पर्व मनाने के बाद भी एक ओर भारत में कन्याओं-बालिकाओं की संख्या लगातार कम होती जा रही है और महिष अर्थात् भैंसे जैसे प्रवृत्ति वाले महिषासुर, क्रोध रूपी धूंऐ को सारे समाज में फैलाने वाले धूम्रलोचन, मधु और कैटभ जैसे प्रवृत्तियाँ रक्तबीज की तरह पैदा हो रही हैं। जब संसार की ऐसी स्थिति बन जाती है तब कल्पान्त में परमपिता परमात्मा शिव को स्वयं इस धरा पर अवतरित होना पड़ता है। दैवी स्वरूपा कन्याओं को वे शिव शक्ति बनाकर मनुष्य के अन्दर से आसुरी वृत्ति का संहार कराते हैं।
इससे पूर्व निकाली गई शोभायात्रा में देवी स्वरूपा चैतन्य झाँकी सजाई गई थी। जिसमें  ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के ब्रह्मावत्स हाथों में शिव ध्वजायें लेकर जागृति नारे लगाते हुए शामिल हुए। नन्ही मुन्नी बालिकायें शक्ति स्वरूपा दुर्गुण संहारिणी दुर्गा, ज्ञान वीणा वादिनी सरस्वती नौदेवियों के सृजनहार परमपिता परमात्मा शिव ज्योर्तिलिंगम के रूप में विराजमान थे। इस अवसर पर कालोनीवासी उपस्थित थे।

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