हाथरस/सादाबाद। केन्द्र में मोदी और प्रदेश में योगी सरकार चाहे लाखों यतन कर शिक्षा को पतन से हटाने की कौशिश कर रही हो। पर नकल माफिया किस कदर शिक्षा पर हावी है इसका एक और नजारा सादाबाद एक इंस्टीटयूट में देखने को मिला। हाथरस की सादाबाद तहसील के सलेहपुर चंदवारा में स्थित के एल इंस्टीटयूट आॅफ एजूकेशन में बीए बीएससी की परीक्षा देने आये छात्रों के द्वारा इंस्टीयूट को 5 हजार रूपये ने देने पर उनको परीक्षा से वंचित होना पड़ा।
ये कोई नई बात नहीं है कि शिक्षा एक व्यापार बनी हो हाथरस में ये नजारे अक्सर दिखाई देते रहते है। वो यूपी बोर्ड की परिक्षा हो या उच्च स्नातक की परिक्षा यहंा तो हर प्रकार से शिक्षा को मोल लगता है। जिसे अदा कर छात्र एक टाॅप की डिग्री प्राप्त कर लेते है। हाथरस जनपद में यूपी बार्ड की परिक्षा के साथ अब डिग्री कालेज के पेपर भी नकल की भेट चढ़ गये है। सादबाद के केएल इंस्टीटयूट में परिक्षा देने गये छात्रों से 5 हजार रूपए की मांग की गयी न देेने पर उन्हे पेपर नही देने दिया जा रहा। पेपर देने आये छात्रों द्वारा इसकी शिकायत आला अधिकारियों से भी की जा चुकी है पर उसका भी कोई परिणाम अभी तक नही आया। और बच्चे इंस्टीटयूट के सामने धरना कर उनका सेन्टर बदलने की मांगा कर रहे है।
इसके लिये किसी प्रमाण की जरूरत भी नही बची एएल इंस्टीटयूट के प्रधाना चार्य भी इस बात को कैमरे के सामने बडी सादगी से कबूल करते है कि पैसा लिया जा रहा है। एएल इंस्टीटयूट के प्रधानाचार्य प्रताप सिंह का कहना है जो हमे प्रशासन से निर्देश मिले है उसी तरह काम कर रहे है जो दूसरे काॅलेज वाले है वो हम पर नकल कराने का दबाब बना रहे है। इस लिये पैसे की मांग हो रही है।
ये कोई नई बात नहीं है कि शिक्षा एक व्यापार बनी हो हाथरस में ये नजारे अक्सर दिखाई देते रहते है। वो यूपी बोर्ड की परिक्षा हो या उच्च स्नातक की परिक्षा यहंा तो हर प्रकार से शिक्षा को मोल लगता है। जिसे अदा कर छात्र एक टाॅप की डिग्री प्राप्त कर लेते है। हाथरस जनपद में यूपी बार्ड की परिक्षा के साथ अब डिग्री कालेज के पेपर भी नकल की भेट चढ़ गये है। सादबाद के केएल इंस्टीटयूट में परिक्षा देने गये छात्रों से 5 हजार रूपए की मांग की गयी न देेने पर उन्हे पेपर नही देने दिया जा रहा। पेपर देने आये छात्रों द्वारा इसकी शिकायत आला अधिकारियों से भी की जा चुकी है पर उसका भी कोई परिणाम अभी तक नही आया। और बच्चे इंस्टीटयूट के सामने धरना कर उनका सेन्टर बदलने की मांगा कर रहे है।
इसके लिये किसी प्रमाण की जरूरत भी नही बची एएल इंस्टीटयूट के प्रधाना चार्य भी इस बात को कैमरे के सामने बडी सादगी से कबूल करते है कि पैसा लिया जा रहा है। एएल इंस्टीटयूट के प्रधानाचार्य प्रताप सिंह का कहना है जो हमे प्रशासन से निर्देश मिले है उसी तरह काम कर रहे है जो दूसरे काॅलेज वाले है वो हम पर नकल कराने का दबाब बना रहे है। इस लिये पैसे की मांग हो रही है।
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