हाथरस। अपर जिलाधिकारी, (वि0/रा0) रेखा एस0 चैहान ने बताया है कि जनपद हाथरस की सीमा में वहने वाली अरविन्द नदी, सैंगर नदी एवं करवन नदी का ठेका वर्ष 2017-18 के लिये मत्स्य आखेट का पुनः ठेका दिनंाक 05.01.2018 को समय प्रातः 11ः00 बजे कलेक्टेट सभा कक्ष में उठाया जायेगा जो शासनादेश में निहित व्यवस्था/प्रक्रिया के अन्तर्गत उठाया जायेगा। इच्छुक समितियाॅ अथवा ठेकेदार पात्र व्यक्ति उक्त दिनांक को नियत समय पर उपस्थित होकर ठेके में भाग लें। ठेके के विषय में विस्तृत विवरण एवं शर्त आज किसी भी कार्यालय दिवस मे भूलेख अनुभाग में देखी जा सकती हैं। ठेके में भाग लेने वाली समितियाॅ एवं पात्र व्यक्तियों को शर्तो का पूर्ण पालन करना होगा। ठंेका की प्रक्रिया, व्यवस्था एवं ठेका स्वीकृति आदि पर अन्तिम निर्णय जिलाधिकारी का होगा। किसी भी बोली को बिना कारण बताये अस्वीकृत करने का अधिकार भी जिलाधिकारी में निहित होगा। जिसे किसी भी न्यायालय में चुनोती नहीं दी जा सकती है। गांव सभा क्षेत्र, न्याय पंचायत क्षेत्र, विकास खण्ड, जिला स्तर एवं प्रदेशीय स्तर की मत्स्य विभाग द्वारा मान्यता प्राप्त मछुआ समुदाय की सहकारी पंजीकृत समितियों द्वारा ठेका से पूर्व अपना मूल प्रमाण पत्र एवं अपना हैसियत प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना होगा।
ठेका की कार्यवाही में भाग लेने वाले पात्र व्यक्ति को बोली बोलने के लिये नदी के लिये जमानत के रूप में मु0 5,000/- की अग्रिम धनराशि जमा करनी होगी। अधिकतम बोली बोलने वाले व्यक्ति को 1/2 भाग की धनराशि तत्काल जमा करानी होगी। शेष 1/2 भाग की धनराशि बोली स्वीकृत होने के पश्चात एक सप्ताह के अन्दर मय स्टाम्य देयता के जमा करानी होगी। यदि अधिकतम बोलीदाता द्वारा 1/2 भाग की धनराशि तत्काल जमा नहीं कराई गई तो अग्रिम रूप से जमा धनराशि मु0 5,000/- शासन के हक में जब्त करते हुये पुनः नीलामी की कार्यवाही संचालित की जायेगी, जिसे किसी भी न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती है।
ठेका की कार्यवाही में भाग लेने वाले पात्र व्यक्ति को बोली बोलने के लिये नदी के लिये जमानत के रूप में मु0 5,000/- की अग्रिम धनराशि जमा करनी होगी। अधिकतम बोली बोलने वाले व्यक्ति को 1/2 भाग की धनराशि तत्काल जमा करानी होगी। शेष 1/2 भाग की धनराशि बोली स्वीकृत होने के पश्चात एक सप्ताह के अन्दर मय स्टाम्य देयता के जमा करानी होगी। यदि अधिकतम बोलीदाता द्वारा 1/2 भाग की धनराशि तत्काल जमा नहीं कराई गई तो अग्रिम रूप से जमा धनराशि मु0 5,000/- शासन के हक में जब्त करते हुये पुनः नीलामी की कार्यवाही संचालित की जायेगी, जिसे किसी भी न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती है।
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