हाथरस/मुरसान। जिले के मुरसान विकास खंड के गांव महामौनी के सरकारी प्राइमरी स्कूल में बच्चे अपने घरों से जाते तो पढ़ने के लिए है लेकिन स्कूल में उनसे साफ -सफाई और घास छीलने का काम कराया जाता है। स्कूली नन्हे मुन्ने बच्चों के जिन हाथों में कलम और किताब होने चाहिए वे अपने हाथों में झाड़ू -खुरपी और फावड़े -बाल्टी लेकर न केवल स्कूल की साफ -सफाई करते हैं साथ ही साथ स्कूल के फील्ड में घास खोदने का भी काम इनसे कराया जा जाता है। बच्चों को पढ़ाने का जिम्मा जिस टीचर पर है उसकी भूमिका लेबर के ऊपर देखभाल करने वाले मेट की सी है। अलवत्ता स्कूल की हैडमास्टर अब बच्चों से सफाई कराने से मना कर रही है। लेकिन उनका कहना यह भी है कि इस स्कूल में सफाईकर्मी सफाई के लिए नहीं आता है। बीएसए खुद यह सब लिखकर ले गयी है। गांव प्रधान से भी कहा गया है लेकिन सुनवाई नहीं हुई है। गांव प्रधान का कहना है कि सफाईकर्मी छः महीने से नहीं आ रहा है इसकी शिकायत की जा चुकी है। उधर बीएसए का कहना है कि प्रकरण उनके संज्ञान में नहीं है। वह एबीएसए को भेजकर जाँच कराएंगी और इसमें जो टीचर दोषी होगा उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। उनका कहना तो यह भी है कि स्कूल में सफाईकर्मी नहीं आता है यह बात उन्हें नहीं बताई गयी है। बताने पर समस्या का समाधान होगा।
हाथरस/मुरसान- महामौनी के सरकारी प्राइमरी स्कूल में बच्चों से लगवायी जाती है झाडू
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