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हाथरस जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी का हुआ फैसला, ओमवती यादव बुआजी ने 1 वोट से रामेश्वर उपाध्याय को हराया, सुरक्षा में भारी फोर्स व लगाये गये सीसीटीवी कैमरे

हाथरस। जिले की सबसे बडी पंचायत जिला पंचायत के लिये आज उपचुनाव के तहत मतदान हुआ। प्रशासन द्वारा सुरक्षा के तगडे इंतजामों के साथ प्रत्येक व्यक्ति पर नजर रखने के भी इंतजाम किये गये थे। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के दोनों प्रत्याशी भी अपनी पूरी जी-जान से जुटे रहे। और आज फैसला हो गया कि जिले की सबसे बडी पंचायत जिला पंचायत का मुखिया कौन बनेगा। मतदान को लेकर सुरक्षा के व्यापक कडे इंतजाम किये गये जिसके तहत जहां पूरे कलेक्ट्रेट परिसर व परिसर से लेकर बाहर तक बैरीकैडिंग करायी गई । जिला पंचायत सदस्य कलेक्ट्रेट से 100 मीटर दूर स्थित बैरीकैडिंग तक ही अपनी गाडी से आ सके और वहां से कलेक्ट्रेट तक पैदल पंहुचे। सभी लोगों पर सीसीटीवी व वीडियों कैमरों से निगरानी कर नजर रखी गयी। तथा भारी मात्रा में पुलिस फोर्स भी तैनात रही। पिछले काफी समय से चली आ रही जोर आजमाइश पर आज विराम लग गया और आज जिले की राजनीति में नया गुल खिला और जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर ओमवती यादव बुआजी ने रामेश्वर उपाध्याय को 1 वोट से हराकर जीत हासिल की। ओमवती यादव बुआजी को 13 मत तथा रामेश्वर उपाध्याय को 12 मत मिले।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 1997 से जिले के बनने से लेकर अब तक जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर बसपा का कब्जा रहा है तथा जिसे में भी बसपा की बादशाहत कायम रही है लेकिन इस बार पहली बार बसपा व उपाध्याय परिवार को पहली बार शिकस्त मिली है। जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आने के बाद चुनाव आयोग द्वारा जिला पंचायत अध्यक्ष के उपचुनाव हेतु आज की तारीख तय की गई थी।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिये बसपा की ओर से जिला पंचायत सदस्य रामेश्वर उपाध्याय को उतारा गया था जबकि सपा, रालोद व भाजपा की ओर से संयुक्त प्रत्याशी के रूप में सपा जिलाध्यक्ष श्रीमती ओमवती यादव बुआजी को उतारा गया था तथा चुनाव नामांकन के बाद से संयुक्त प्रत्याशी ओमवती यादव द्वारा जीत का दावा किया जा रहा था और 15 सदस्यों के साथ होने का भी दावा किया था तथा जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में बसपा के पूर्व विधायक गेंदालाल चैधरी व रालोद के जिला पंचायत सदस्य प्रदीप चैधरी उर्फ गुड्डू द्वारा अहम रोल निभाया गया है हालांकि भाजपा के कुछ नेताओं ने सक्रिय रूप से रहकर ओमवती यादव की जीत में अहम भूमिका निभायी है।

नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ओमवती यादव पत्नी जसवंत सिंह निवासी गांव रतिभानपुर सिकन्द्राराऊ को  जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन     अधिकारी अमित कुमार सिंह द्वारा प्रमाण पत्र दिया गया है। इस मौके पर जीत की खुशी में ओमवती यादव व उनके साथी सदस्यों ने कलेक्ट्रेट गेट पर आकर विक्टरी का निशान बनाकर अपनी खुशी का इजहार किया।
जिला पंचायत अध्यक्ष के उपचुनाव को लेकर दोनों खेमों के आला नेता समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट के पास ही जमे रहे। बसपा की ओर से पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय, पूर्व सांसद सीमा उपाध्याय, बनी सिंह बघेल, सुधीर पचैरी, गिरीश पचैरी, ब्रजमोहन राही, मुकेश दीक्षित व उनके तमाम समर्थक मौजूद थे तो सपा व संयुक्त विपक्ष की ओर से पूर्व केन्द्रीय मंत्री रामजीलाल सुमन, एमएलसी जसवन्त सिंह यादव, पूर्व विधायक गेंदालाल चैधरी, भोला यादव, महेन्द्र सिंह सोलंकी, मनोज यादव, इकराम कुरैशी, चै. भाजुद्दीन, पूर्व विधायक यशपाल सिंह चैहान, भाजपा नेता रामवीर सिंह भैयाजी आदि तमाम नेता व समर्थक मौजूद थे।
उपचुनाव को लेकर कलेक्ट्रेट पर जहां कडी सुरक्षा व्यवस्था थी तथा जिले भर के थानों का फोर्स, पीएसी तैनात थी तथा जिलाधिकारी अमित कुमार सिंह, पुलिस कप्तान सुशील चन्द्रभान, एडीएम रेखा एस चैहान, एएसपी डा. अरविन्द कुमार, सीओ सिटी सुमन, सीओ सादाबाद योगेश कुमार, एसडीएम अमिताभ यादव, ज्योत्सना बी आदि अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर पूरी नजर बनाये हुए थे। कलेक्ट्रेट व मथुरा रोड पर दोनों साइड से बैरीकैडिंग कर दी गई थी।
जिलाधिकारी अमित कुमार सिंह ने दोनों ही खेमों के बडे-बडे नेताओं को बुलाकर किसी प्रकार के विजय जुलूस नहीं निकालने को कहा तथा कहा कि धारा 144 लागू है और सभी की वीडियोग्राफी व सीसीटीवी से नजर रखी जा रही थी। नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष ओमवती यादव के स्वागत को समर्थकों की भारी भीड उमड पडी और उन्होंने जमकर नारेबाजी भी की।

 हाथरस जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर 2 दशको से बसपा का ही कब्जा रहा था जिसे आज सिकन्दराराव क्षेत्र के गांव रतिभानपुर निवासी आमजन में बुआजी के नाम से पुकारी जाने वाली सपा जिलाध्यक्ष ओमवती यादव ने छीनकर यहां के बसपा के कद्दावर नेता रामवीर उपाध्याय को भारी पटखनी दी है। आज से पहले अपनी जीत के दावे करते नहीं थकने वाला उपाध्याय परिवार हार के बाद चेहरा छुपाता नजर आया तो वहीं बुआजी और उनके समर्थकों के चेहरे जीत के उत्साह से खिले हुए दिखे। जीत के बाद जहां बुआजी समर्थकों में उल्लाश और जश्न का माहौल बना हुआ है तो वहीं उपाध्याय समर्थकों में मायूसी छाई हुई है।

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