हाथरस/सासनी (मनोज दीक्षित)। भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के कारण ज्यादातर हैंडपंप और नलों ने तो पानी देना बंद कर दिया है या भू गर्भ जल स्तर काफी नीचे आ जाने से कस्बे के नलों ने काम करना बंद कर दिया है । अभी भी शहर के अधिकांश नल खामोश खड़े हैं । कुछ नलों का पानी जल निगम द्वारा पीने के अयोग्य घोषित कर दिये जाने से कई मुहल्लों के नल नाकारा साबित हो रहे हैं ।कस्बे की सीमा से गुजरते गंदे नाले के पास बसी शहर की मलिन बस्तियों में लगे हैंड पंपों पर प्रशासन ने खतरे का लाल निशान लगा कर उसके पानी को पीने के अयोग्य घोषित कर दिया है । परंतु उनके लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है । इधर नगर पंचायत द्वारा की जा रही जलापूर्ति में भी गंदगी युक्त प्रदूषितपानी आने की शिकायतों के कारण पेय जल अपनी शुद्धता और विश्वसनीयता को खो चुका है। कुछ लोगों के यहाँ पर घर के अंदर पानी न पहुँचने के कारण वे नालियों के पास से गुजरते नल के पाइप को खोल लेते हैं और उपयोग के बाद उसे बंद नहीं करते जिससे प्रेसर खत्म होने के बाद नाली का गंदा पानी पाइप में प्रवेश कर जाता है जो अन्य लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बन जाता है। शासन प्रशासन और नगर वासी अगर मिलकर इस समस्या का समाधान खोजें तो ही अंगद का पैर बनी इस समस्या का समाधान हो सकता है ।
हाथरस- सासनी में पेयजल समस्या बनी अंगद का पैर
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