हाथरस/सासनी। किसानों ने योग दिवस का तहसील के द्वार पर एकत्र होकर मरण आंदोलन कर अपनी विरोध प्रदर्शित किया। किसानों की समस्याओं को लेकर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
बुधवार को एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में किसानों ने कहा है कि जहां केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित रूप से योग दिवस मनया जा रहा है वहीं किसान की हालत किसी से छिपी नहीं है। मध्य प्रदेश में किसानों को गोली मारने वाले पुलिस व प्रशासन अधिकारियांें के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए, चूंकि भारतीय किसान को एक ओर जहां अन्नदाता कहा जाता हैं वही सरकार द्वारा किसान की हालत पर कोई दया नहीं दिखाई जातीं कभी किसान सरकार द्वारा की गई मंदी और कभी प्रकृति की मार से परेशान हो जाता है।
वहीं किसान महिलाओं ने सरकार की नीतियों से परेशान होकर सडक पर जाम लगा दिया और मरण अनशन करते हुए सडक पर लेट गईं। जिससे वाहनों को आवगमन बाधित हो गया। काफी देर तक जब जाम लगा रही किसान महिलाओ ने जाम लगा रखा। उच्चाधिकारियों के आने और समझाने के बाद ही महिलाओं का गुस्सा शांत हुआ और राजमार्ग से हटी। तब जाकर राजमार्ग सुचारू हो सका। ज्ञापन देने वालों में सुनील शर्मा, विजय पाल सिंह, दलवीर सिंह, श्यामवीर सिंह, कन्हैया लाल, धर्मवीर सिंह ,चंद्रपाल शर्मा, संदीप सिंह, शिवराम सिंह , राजकुमार, हरवीर सिंह प्रधान, कुशलपाल सिंह, जय प्रकाश पाठक, जितेन्द्र सिंह, राजनलाल, योगेश कुमार, अर्जुन सिंह, प्यारेलाल, जोगेन्द्र सिंह, वीरेन्द्र सिंह, दिगम्बर सिंह ,प्रहलाद सिंह , रामकुमार,? लक्ष्मी नारायण, लालाराम, चैधरी अजीत ंिसह, संतोष कुमार, राजेश कुमार, मोरमुकुट, चरन ंिसह, जगमाल ंिसह ,गवेन्द्र सिंह ,बाल किशन, सौदान सिंह, विजेन्द्र सिंह आदि मौजूद थे।
बुधवार को एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में किसानों ने कहा है कि जहां केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित रूप से योग दिवस मनया जा रहा है वहीं किसान की हालत किसी से छिपी नहीं है। मध्य प्रदेश में किसानों को गोली मारने वाले पुलिस व प्रशासन अधिकारियांें के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए, चूंकि भारतीय किसान को एक ओर जहां अन्नदाता कहा जाता हैं वही सरकार द्वारा किसान की हालत पर कोई दया नहीं दिखाई जातीं कभी किसान सरकार द्वारा की गई मंदी और कभी प्रकृति की मार से परेशान हो जाता है।
वहीं किसान महिलाओं ने सरकार की नीतियों से परेशान होकर सडक पर जाम लगा दिया और मरण अनशन करते हुए सडक पर लेट गईं। जिससे वाहनों को आवगमन बाधित हो गया। काफी देर तक जब जाम लगा रही किसान महिलाओ ने जाम लगा रखा। उच्चाधिकारियों के आने और समझाने के बाद ही महिलाओं का गुस्सा शांत हुआ और राजमार्ग से हटी। तब जाकर राजमार्ग सुचारू हो सका। ज्ञापन देने वालों में सुनील शर्मा, विजय पाल सिंह, दलवीर सिंह, श्यामवीर सिंह, कन्हैया लाल, धर्मवीर सिंह ,चंद्रपाल शर्मा, संदीप सिंह, शिवराम सिंह , राजकुमार, हरवीर सिंह प्रधान, कुशलपाल सिंह, जय प्रकाश पाठक, जितेन्द्र सिंह, राजनलाल, योगेश कुमार, अर्जुन सिंह, प्यारेलाल, जोगेन्द्र सिंह, वीरेन्द्र सिंह, दिगम्बर सिंह ,प्रहलाद सिंह , रामकुमार,? लक्ष्मी नारायण, लालाराम, चैधरी अजीत ंिसह, संतोष कुमार, राजेश कुमार, मोरमुकुट, चरन ंिसह, जगमाल ंिसह ,गवेन्द्र सिंह ,बाल किशन, सौदान सिंह, विजेन्द्र सिंह आदि मौजूद थे।
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