हाथरस। विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल द्वारा आज हाथरस के रैन बसेरा स्थित पुरानी कलेक्ट्रेट में तथा सासनी में कवि गोष्ठी का आयोजन कर तथा सिकन्दराराव में जयहिन्द मीडिया नेटवर्क के तत्वाधान में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती हर्षोल्लास से मनाई गई। जिसमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया।
हाथरस में रैन बसेरा स्थित पुरानी कलेक्ट्रेट में हुये कार्यक्रम में मनोज ने नेताजी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वह मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम के वेराज थे। उन्होंने अपने सम्पूर्ण जीवन को सनातन धर्म की रक्षा व भारत राष्ट्र की रक्षा व सम्मान के लिये मां भारती को समर्पित किया। उन्होंने भारत में प्रथम बार आजाद हिंद सेना बनाई और अकेले ही पुरूषार्थ कर अंग्रेजों को लोहे के चने चबाने पर मजबूर किया। उन्होंने अनेकों बार देश का भ्रमण कर भारत की सनातन सभ्यता को जानकारी देकर अनेक देशों से हिन्द फौज को सुदृढ किया।
राजनैतिक संगठनों ने आज अपने वोटों की खातिर शहीदों का अपमान कर रही है। शहीदों को सम्मान दिलाने और राष्ट्र को एक धागे में पिरोने का कार्य विहिप, बजरंग दल व दुर्गा वाहिनी कर रही है। स्वस्थ समाज को बनाने के लिये अपने मतदान का और उपयोग करें व अधिक से अधिक मतदान करायें।
जयंती पर्व पर मुकेश कुमार जिला कार्याध्यक्ष, कैलाश कूलवाल जिला मंत्री, गोपाल कृष्ण शर्मा नगराध्यक्ष, गौरव कुलश्रेष्ठ संयोजक बजरंग दल, वीरी सिंह विभाग धर्म प्रसार, विद्याभूषण गर्ग, प्रशांत कुलश्रेष्ठ, अनुराग शर्मा, हिमांशु वशिष्ठ, मोंटी चैधरी, गनेशीलाल, अरोडाजी, सुभाषचंद आदि द्वारा नेताजी सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
शहर में एकमात्र नेताजी सुभाषचन्द्र बोस पार्क विद्यापति नगर में नेताजी की जयंती धूमधाम से मनायी गई और सभासद प्रतिनिधि एवं भाजपा नेता धीरज जैन द्वारा नेताजी सुभाषचन्द्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनको नमन किया और कहा कि नेताजी सुभाषचन्द्र बोस पार्क का नवनिर्माण चल रहा है और शीघ्र ही लोकार्पण होकर कुछ समय बाद पार्क पूरी तरह से जनता के लिये खोल दिया जायेगा। इस मौके पर क्षेत्रीय लोगों द्वारा धीरज जैन को सम्मानित किया गया। वहींसासनी में सीनियर सिटीजन ऐसोशियेशन एवं साहित्यानंद के संयुक्त बैरनतले वयोवृद्ध कवि वीरपाल सिंह की अध्यक्षता में आजादी के महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिन पर सरस कवि गोष्ठी का आयोजन कवि मुरारीलाल शर्मा के आवास पर किया गया। जिसमें कवियों ने ओजस्वी कविताओं के माध्यम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इतवार की देर शाम हुई काव्य गोष्ठी का शुभारंभ शायर हनीफ संदली द्वारा मां सरस्वती वंदना तथा कवियों द्वारा उनके छविचित्र पर माल्यापर्ण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। हनीफ संदली ने काव्य पाठ अपनी गजल से शुरु किया। कि जुल्म जालिम का मिटाओ तो कोई बात बने, प्यार की गंगा बहाओ तो कोई बात बने, सिफ गांधी के खयालों से कुछ नहीं होने वाला सुभाष बनके दिखाओ तो कोई बात बने।। कवि देवेन्द्र बौबी ने सुनाया कि जिस धरती पर तूने जन्म लिया उस पर तुम खून बहाओ न, बो जननी है तेरी जन्म भूमि उसकी तुम लाज उठाओ न।। कवि रामनिवासी उपाध्याय ने राजनीति की तस्वीर कुछ इस प्रकार बदली कि इकहत्तर बसंत गुजरे पर नहीं लौटकर आया नेता, लोकतंत्र के भ्रष्ट तंत्र से शायद कुछ शरमाया नेता।। कवि अमर सिंह बच्चा ने सुनाया कि शहीदों तुम को मेरा प्रणाम जब तक चांद सितारे अंबर में जब तक जग में तुम्हारा नाम।। कवि धर्मेन्द्र यदुवंशी ने सुनाया कि ओ राष्टभक्त साधक महान, तुम्हें याद करे सारा जहांन।। कवि महेन्द्र पाल सिंह ने सुनाया कि दिनभर काम शाम कूं सास करै बिस्तर, किंतु बहू जी बैठ बैड पर देख रही पिक्चर।।
व्यंग कवि वीरेन्द्र जैन नारद ने सुनाया कि खामोशी में शोर बहुत यहां मन के काले चोर बहुत, हर तरफ हैं आदमखोर बहुत बे-वफा हैं चारों ओर बहुत।। गोष्ठी का सफल संचालन कर रहे कवि मुरारीलाल मधुर ने सुनाया कि ओ मेरे देश के कलमकार, साहित्यकार पुजारी, कातर भाव से दिख रही तुमको भारत महतारी।। कवि वीरपाल सिंह ने सुनाया कि तन नहीं छूता कोई चेतन निकल जाने के बाद, मुंह मोड़ लेता वह हर कोई खीसा से बीसा निकल जाने के बाद।। कवि सुनील शर्मा ने सुनाया कि- जिनके पग में पनहुई न हुई जिनके उनके दरवाजे पर कार खड़ी है, फूटी हुई कभी बखरी जिनकी अब कोठी गरकी तगड़ी है।। देर रात तक चली कवि गोष्ठी में कवियों ने अपनी कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान शहर के तमाम सभ्रात एवं ग्रामीण मौजूद थे। इधर सिकन्दराराव में जयहिन्द मीडिया नेटवर्क के तत्वाधान में नेताजी सुभाष चन्द्र वोष का जन्मदिवस वडे ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने नेताजी के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला।
हाथरस में रैन बसेरा स्थित पुरानी कलेक्ट्रेट में हुये कार्यक्रम में मनोज ने नेताजी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वह मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम के वेराज थे। उन्होंने अपने सम्पूर्ण जीवन को सनातन धर्म की रक्षा व भारत राष्ट्र की रक्षा व सम्मान के लिये मां भारती को समर्पित किया। उन्होंने भारत में प्रथम बार आजाद हिंद सेना बनाई और अकेले ही पुरूषार्थ कर अंग्रेजों को लोहे के चने चबाने पर मजबूर किया। उन्होंने अनेकों बार देश का भ्रमण कर भारत की सनातन सभ्यता को जानकारी देकर अनेक देशों से हिन्द फौज को सुदृढ किया।
राजनैतिक संगठनों ने आज अपने वोटों की खातिर शहीदों का अपमान कर रही है। शहीदों को सम्मान दिलाने और राष्ट्र को एक धागे में पिरोने का कार्य विहिप, बजरंग दल व दुर्गा वाहिनी कर रही है। स्वस्थ समाज को बनाने के लिये अपने मतदान का और उपयोग करें व अधिक से अधिक मतदान करायें।
जयंती पर्व पर मुकेश कुमार जिला कार्याध्यक्ष, कैलाश कूलवाल जिला मंत्री, गोपाल कृष्ण शर्मा नगराध्यक्ष, गौरव कुलश्रेष्ठ संयोजक बजरंग दल, वीरी सिंह विभाग धर्म प्रसार, विद्याभूषण गर्ग, प्रशांत कुलश्रेष्ठ, अनुराग शर्मा, हिमांशु वशिष्ठ, मोंटी चैधरी, गनेशीलाल, अरोडाजी, सुभाषचंद आदि द्वारा नेताजी सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
शहर में एकमात्र नेताजी सुभाषचन्द्र बोस पार्क विद्यापति नगर में नेताजी की जयंती धूमधाम से मनायी गई और सभासद प्रतिनिधि एवं भाजपा नेता धीरज जैन द्वारा नेताजी सुभाषचन्द्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनको नमन किया और कहा कि नेताजी सुभाषचन्द्र बोस पार्क का नवनिर्माण चल रहा है और शीघ्र ही लोकार्पण होकर कुछ समय बाद पार्क पूरी तरह से जनता के लिये खोल दिया जायेगा। इस मौके पर क्षेत्रीय लोगों द्वारा धीरज जैन को सम्मानित किया गया। वहींसासनी में सीनियर सिटीजन ऐसोशियेशन एवं साहित्यानंद के संयुक्त बैरनतले वयोवृद्ध कवि वीरपाल सिंह की अध्यक्षता में आजादी के महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिन पर सरस कवि गोष्ठी का आयोजन कवि मुरारीलाल शर्मा के आवास पर किया गया। जिसमें कवियों ने ओजस्वी कविताओं के माध्यम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इतवार की देर शाम हुई काव्य गोष्ठी का शुभारंभ शायर हनीफ संदली द्वारा मां सरस्वती वंदना तथा कवियों द्वारा उनके छविचित्र पर माल्यापर्ण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। हनीफ संदली ने काव्य पाठ अपनी गजल से शुरु किया। कि जुल्म जालिम का मिटाओ तो कोई बात बने, प्यार की गंगा बहाओ तो कोई बात बने, सिफ गांधी के खयालों से कुछ नहीं होने वाला सुभाष बनके दिखाओ तो कोई बात बने।। कवि देवेन्द्र बौबी ने सुनाया कि जिस धरती पर तूने जन्म लिया उस पर तुम खून बहाओ न, बो जननी है तेरी जन्म भूमि उसकी तुम लाज उठाओ न।। कवि रामनिवासी उपाध्याय ने राजनीति की तस्वीर कुछ इस प्रकार बदली कि इकहत्तर बसंत गुजरे पर नहीं लौटकर आया नेता, लोकतंत्र के भ्रष्ट तंत्र से शायद कुछ शरमाया नेता।। कवि अमर सिंह बच्चा ने सुनाया कि शहीदों तुम को मेरा प्रणाम जब तक चांद सितारे अंबर में जब तक जग में तुम्हारा नाम।। कवि धर्मेन्द्र यदुवंशी ने सुनाया कि ओ राष्टभक्त साधक महान, तुम्हें याद करे सारा जहांन।। कवि महेन्द्र पाल सिंह ने सुनाया कि दिनभर काम शाम कूं सास करै बिस्तर, किंतु बहू जी बैठ बैड पर देख रही पिक्चर।।
व्यंग कवि वीरेन्द्र जैन नारद ने सुनाया कि खामोशी में शोर बहुत यहां मन के काले चोर बहुत, हर तरफ हैं आदमखोर बहुत बे-वफा हैं चारों ओर बहुत।। गोष्ठी का सफल संचालन कर रहे कवि मुरारीलाल मधुर ने सुनाया कि ओ मेरे देश के कलमकार, साहित्यकार पुजारी, कातर भाव से दिख रही तुमको भारत महतारी।। कवि वीरपाल सिंह ने सुनाया कि तन नहीं छूता कोई चेतन निकल जाने के बाद, मुंह मोड़ लेता वह हर कोई खीसा से बीसा निकल जाने के बाद।। कवि सुनील शर्मा ने सुनाया कि- जिनके पग में पनहुई न हुई जिनके उनके दरवाजे पर कार खड़ी है, फूटी हुई कभी बखरी जिनकी अब कोठी गरकी तगड़ी है।। देर रात तक चली कवि गोष्ठी में कवियों ने अपनी कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान शहर के तमाम सभ्रात एवं ग्रामीण मौजूद थे। इधर सिकन्दराराव में जयहिन्द मीडिया नेटवर्क के तत्वाधान में नेताजी सुभाष चन्द्र वोष का जन्मदिवस वडे ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने नेताजी के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला।
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जयहिंद मीडिया नेटवर्क में अपनी बात रखने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।