हाथरस। आगरा-अलीगढ़ बाईपास पर लहरा रोड स्थित भव्य श्री बांकेबिहारी जी मंदिर का द्वितीय वार्षिकोत्सव भारी धूमधाम से मनाया गया और बीती रात्रि को आयोजित विशाल भजन संध्या में प्रख्यात भजन सम्राट चित्र-विचित्र के भजनों पर भक्तों की भारी भीड़ जमकर झूमी और आधी रात तक भजनों का आनन्द लेती रही। भजन संध्या में पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय ने भी भजनों का जमकर आनन्द लिया।
लहरा रोड स्थित श्री बांकेबिहारी जी मंदिर का द्वितीय वार्षिकोत्सव कल भारी धूमधाम से मनाया गया और सुबह से लेकर शाम तक विभिन्न आयोजन हुये। वार्षिकोत्सव के अवसर पर सुबह ठाकुरजी का अभिषेक एवं श्रृंगार हुये और शाम को अलौकिक छप्पन भोग के दर्शन एवं महाआरती हुई। साथ ही विशाल भंडारा प्रसादी भी हुई जिसमें हजारों भक्तों ने प्रसादी ग्रहण की। इस अवसर पर मंदिर को भव्य फूलों से जहां सजाया गया वहीं रंगीन लाइटों व दूधिया रोशनी से अलग ही अद्भुत छठा बिखर रही थी।
वार्षिकोत्सव के अवसर पर शाम को विशाल भजन संध्या आयोजित हुई जिसमें वृन्दावन धाम के प्रख्यात भजन सम्राट चित्र-विचित्र की जोड़ी के भजनों की धूम रही तथा विशाल
भजन संध्या का शुभारंभ श्री राधाकृष्ण जी के समक्ष दीप प्रज्जवलन से हुआ और फिर चित्र-विचित्र की जोड़ी ने भजनों का ऐसा शमां बांधा कि हजारों की भीड़ झूमने नाचने को मजबूर हो गई। इस मौके पर आयोजक एवं प्रमुख युवा समाजसेवी रवि चैहान भट्टा वालों ने सभी का फूलमालाओं से लादकर व दुपट्टा ओढ़ाकर स्वागत किया।
विशाल भजन संध्या में चित्र-विचित्र की जोड़ी ने-मैंने रटना लगायी राधा नाम की, कैसे मैं जीयूं राधारानी तेरे बिना, तू मेरा यार है, काली कमली वाला मेरा यार है, मेरे मन का मोहन तू दिलदार है, ए थोड़ी सी और पिला दे पीते-पीते मैं पागल हुआ, हम पागल हैं वृन्दावन धाम के श्री श्यामा श्याम के, परदे में बैठे-बैठे यूं ना मुस्कराइये आ गये तेरे दिवाने जरा पर्दा हटाइये, हम हो गये राधारानी के, वृन्दावन की महारानी के तथा क्यों आके रो रहा है मोहन की गली में सहित दर्जनों भजनों को सुनाकर भक्तों को भक्तिरस की गंगा में जमकर डुबकी लगवायी।
इस अवसर पर पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय ने भी भजन संध्या में पहुंच कर भजनों का आनन्द लिया और उनका रवि चैहान द्वारा स्वागत व सम्मान किया गया।
लहरा रोड स्थित श्री बांकेबिहारी जी मंदिर का द्वितीय वार्षिकोत्सव कल भारी धूमधाम से मनाया गया और सुबह से लेकर शाम तक विभिन्न आयोजन हुये। वार्षिकोत्सव के अवसर पर सुबह ठाकुरजी का अभिषेक एवं श्रृंगार हुये और शाम को अलौकिक छप्पन भोग के दर्शन एवं महाआरती हुई। साथ ही विशाल भंडारा प्रसादी भी हुई जिसमें हजारों भक्तों ने प्रसादी ग्रहण की। इस अवसर पर मंदिर को भव्य फूलों से जहां सजाया गया वहीं रंगीन लाइटों व दूधिया रोशनी से अलग ही अद्भुत छठा बिखर रही थी।
वार्षिकोत्सव के अवसर पर शाम को विशाल भजन संध्या आयोजित हुई जिसमें वृन्दावन धाम के प्रख्यात भजन सम्राट चित्र-विचित्र की जोड़ी के भजनों की धूम रही तथा विशाल
भजन संध्या का शुभारंभ श्री राधाकृष्ण जी के समक्ष दीप प्रज्जवलन से हुआ और फिर चित्र-विचित्र की जोड़ी ने भजनों का ऐसा शमां बांधा कि हजारों की भीड़ झूमने नाचने को मजबूर हो गई। इस मौके पर आयोजक एवं प्रमुख युवा समाजसेवी रवि चैहान भट्टा वालों ने सभी का फूलमालाओं से लादकर व दुपट्टा ओढ़ाकर स्वागत किया।
विशाल भजन संध्या में चित्र-विचित्र की जोड़ी ने-मैंने रटना लगायी राधा नाम की, कैसे मैं जीयूं राधारानी तेरे बिना, तू मेरा यार है, काली कमली वाला मेरा यार है, मेरे मन का मोहन तू दिलदार है, ए थोड़ी सी और पिला दे पीते-पीते मैं पागल हुआ, हम पागल हैं वृन्दावन धाम के श्री श्यामा श्याम के, परदे में बैठे-बैठे यूं ना मुस्कराइये आ गये तेरे दिवाने जरा पर्दा हटाइये, हम हो गये राधारानी के, वृन्दावन की महारानी के तथा क्यों आके रो रहा है मोहन की गली में सहित दर्जनों भजनों को सुनाकर भक्तों को भक्तिरस की गंगा में जमकर डुबकी लगवायी।
इस अवसर पर पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय ने भी भजन संध्या में पहुंच कर भजनों का आनन्द लिया और उनका रवि चैहान द्वारा स्वागत व सम्मान किया गया।
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