हाथरस/सासनी। गांव नया नगला में एक व्यक्ति की मुफलिसी के चलते बीमारी में ठीक उपचार न मिलने से मौत हो गई। ग्रामीणों ने मृतक के शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
गांव नया नगला का ओमप्रकाश मेहनत मजदूरी तथा रिक्शा आदि चलाकर अपने परिवार का भरण पोषण करता था। बताते हैं कि मुफलिसी के कारण ओमप्रकाश की पत्नी ने भी उसका साथ छोड़ दिया और एक बेटा छोड़कर चली गई। कुछ समय बाद ओमप्रकाश भी बीमार हो गया। जिसे लेकर ग्रामीणों ने चंदा एकत्र कर काफी उपचार कराया। मगर ओमप्रकाश ठीक नहीं हुआ। बीमारी में हो रहे खर्च को लेकर ग्रामीणों ने भी हाथ खड़े कर लिए। ओर उपचार के अभाव में ओमप्रकाश ने दम तोड़ दिया। ओमप्रकाश कुशवाहा का सत्रह वर्षीय पुत्र जो विकलांग है, अब अनाथ हो गया। हालांकि ग्रामीणों ने चंदा एकत्र कर ओमप्रकाश के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। मगर क्या ओमप्रकाश के विकलांग पुत्र का भी कोई सहारा बनेगा। क्या सरकार द्वारा उसे कोई आर्थिक मदद मिलेगी। जिससे वह शिक्षित हो सके और अपने पैरों पर खड़ा हो सके। यह बात सभी के जेहन में उठ रही है।
गांव नया नगला का ओमप्रकाश मेहनत मजदूरी तथा रिक्शा आदि चलाकर अपने परिवार का भरण पोषण करता था। बताते हैं कि मुफलिसी के कारण ओमप्रकाश की पत्नी ने भी उसका साथ छोड़ दिया और एक बेटा छोड़कर चली गई। कुछ समय बाद ओमप्रकाश भी बीमार हो गया। जिसे लेकर ग्रामीणों ने चंदा एकत्र कर काफी उपचार कराया। मगर ओमप्रकाश ठीक नहीं हुआ। बीमारी में हो रहे खर्च को लेकर ग्रामीणों ने भी हाथ खड़े कर लिए। ओर उपचार के अभाव में ओमप्रकाश ने दम तोड़ दिया। ओमप्रकाश कुशवाहा का सत्रह वर्षीय पुत्र जो विकलांग है, अब अनाथ हो गया। हालांकि ग्रामीणों ने चंदा एकत्र कर ओमप्रकाश के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। मगर क्या ओमप्रकाश के विकलांग पुत्र का भी कोई सहारा बनेगा। क्या सरकार द्वारा उसे कोई आर्थिक मदद मिलेगी। जिससे वह शिक्षित हो सके और अपने पैरों पर खड़ा हो सके। यह बात सभी के जेहन में उठ रही है।
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