हाथरस। कोई भी कार्य असंभव नहीं है। यदि संकल्प शुभ हैं और इरादे नेक हों तो शराब की बोतल भी कोई हाथ में दे दे तो भी नहीं पीयेंगे। कोई भी किसी को तम्बाकू नहीं खिला सकता, कोई भी किसी को बीड़ी या सिगरेट नहीं पिला सकता यदि मन ने मान लिया और ठान लिया है तो व्यसनों और उनसे होने वाली बीमारियों से बचा जा सकता है। तम्बाकू यदि मंजन के रूप में भी है तो भी खतरनाक है, यह भी तलब पैदा करेगा और आदी बना सकता है। उक्त भावनापूर्ण विचार डायट प्रवक्ता इन्दिरा जायसवाल ने प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के आनन्दपुरी केन्द्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी शान्ता बहिन के सानिध्य में चलाये जा रहे व्यसन मुक्त भारत अभियान के अन्तर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे डायट की भावी शिक्षिकाओं के लिए आयोजित कार्यक्रम में सम्बोधित करते हुए व्यक्त किये।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में अपने आशीर्वचन देते हुए राजयोग शिक्षिका बी0के0 शान्ता बहिन ने कहा कि गलत संग का असर जल्दी पड़ता है। अच्छे का असर कम पड़ता है। शान्ति, सहनशक्ति और मर्यादित जीवन सबसे बडे़ गुण और हथियार हैं जिससे किसी पर भी विजय पाई जा सकती है। आज धन के लिए सभी भाग रहे हैं लेकिन गुण रूपी धन पीछे छूट रहा है। अगर बहुत धन से तिजोरियाँ भी भरी पड़ी हैं परन्तु जीवन में न सुख है, न शान्ति है, न लोगों के साथ अच्छा व्यवहार है तो निर्धन ही ठहरे। गुणवान ही सबसे अधिक गुणवान है। कोई भी विद्यालय किसी को डाॅक्टर, इंजीनियर तो बना सकता है लेकिन नर में नारायण नहीं बना सकता, नारी में लक्ष्मी नहीं ला सकता। यह कत्र्तव्य तो परमपिता परमात्मा शिव ही आकर कल्पान्त में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय नामक ज्ञान यज्ञ द्वारा करते हैं। बहिनों को आगे बढ़कर व्यसनों रूपी बुराई से घर, परिवार और समाज को बीडी, सिगरेट, शराब , तम्बाकू मुक्त समाज बनाने में सहयोगी बनना होगा।
ज्ञात हो कि ब्रह्माकुमारीज की मैडीकल विंग द्वारा मेरा भारत व्यसन मुक्त भारत अभियान चलाया जा रहा है जिसके अन्तर्गत जिले की विभिन्न शिक्षण संस्थाओं, गाँव, कस्बों, सरकारी दफ्तरों आदि में कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों में व्यसन मुक्ति शिक्षा के साथ-साथ मूल्यनिष्ठ समाज की स्थापना के लिए धार्मिक सेवा प्रभाग की चित्र प्रदर्शनियों आदि के माध्यम से जनजागृति करने का प्रयास किया जाता है।
डायट प्रवक्ता इन्दिरा जायसवाल ने प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की बहिनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ज्ञान-योग के कार्यक्रम समय प्रति समय आयोजित होते रहने से आचरण में शुद्धता आ ही जायेगी।
इस अवसर पर डायट उप प्राचार्य सर्वेष कुमार, प्रवक्ता सुधीर कुमार, प्रवक्ता लोकेन्द्र सिंह, प्रवक्ता इन्दिरा जायसवाल, बी.के. राकेश अग्रवाल, बी.के. दुर्गेश आदि उपस्थित थे।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में अपने आशीर्वचन देते हुए राजयोग शिक्षिका बी0के0 शान्ता बहिन ने कहा कि गलत संग का असर जल्दी पड़ता है। अच्छे का असर कम पड़ता है। शान्ति, सहनशक्ति और मर्यादित जीवन सबसे बडे़ गुण और हथियार हैं जिससे किसी पर भी विजय पाई जा सकती है। आज धन के लिए सभी भाग रहे हैं लेकिन गुण रूपी धन पीछे छूट रहा है। अगर बहुत धन से तिजोरियाँ भी भरी पड़ी हैं परन्तु जीवन में न सुख है, न शान्ति है, न लोगों के साथ अच्छा व्यवहार है तो निर्धन ही ठहरे। गुणवान ही सबसे अधिक गुणवान है। कोई भी विद्यालय किसी को डाॅक्टर, इंजीनियर तो बना सकता है लेकिन नर में नारायण नहीं बना सकता, नारी में लक्ष्मी नहीं ला सकता। यह कत्र्तव्य तो परमपिता परमात्मा शिव ही आकर कल्पान्त में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय नामक ज्ञान यज्ञ द्वारा करते हैं। बहिनों को आगे बढ़कर व्यसनों रूपी बुराई से घर, परिवार और समाज को बीडी, सिगरेट, शराब , तम्बाकू मुक्त समाज बनाने में सहयोगी बनना होगा।
ज्ञात हो कि ब्रह्माकुमारीज की मैडीकल विंग द्वारा मेरा भारत व्यसन मुक्त भारत अभियान चलाया जा रहा है जिसके अन्तर्गत जिले की विभिन्न शिक्षण संस्थाओं, गाँव, कस्बों, सरकारी दफ्तरों आदि में कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों में व्यसन मुक्ति शिक्षा के साथ-साथ मूल्यनिष्ठ समाज की स्थापना के लिए धार्मिक सेवा प्रभाग की चित्र प्रदर्शनियों आदि के माध्यम से जनजागृति करने का प्रयास किया जाता है।
डायट प्रवक्ता इन्दिरा जायसवाल ने प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की बहिनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ज्ञान-योग के कार्यक्रम समय प्रति समय आयोजित होते रहने से आचरण में शुद्धता आ ही जायेगी।
इस अवसर पर डायट उप प्राचार्य सर्वेष कुमार, प्रवक्ता सुधीर कुमार, प्रवक्ता लोकेन्द्र सिंह, प्रवक्ता इन्दिरा जायसवाल, बी.के. राकेश अग्रवाल, बी.के. दुर्गेश आदि उपस्थित थे।
एक टिप्पणी भेजें
जयहिंद मीडिया नेटवर्क में अपनी बात रखने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।