हाथरस/सिकन्दराराव (संदीप पुण्ढीर) । अधर्म पर धर्म की जीत, अन्याय पर न्याय की विजय, बुराई पर अच्छाई की जय जयकार, यही है दशहरे का त्यौहार। जी हां हम बात कर रहे हैं असत्य पर सत्य की विजय के पर्व विजय दशमी की। सिकन्दराराव नगर में विजय दशमी का पर्व बडी ही धूमधाम के साथ मनाया गया। नगर के क्रिडा स्थल में हमेशा की तरह मेले का आयोजन हुआ जिसमें क्षेत्र के लोगों ने बढ चढकर हिस्सा लिया। बच्चों ने मेले से अपनी मनपसन्द खिलौने आदि खरीदे और चाट पकौडी, जलेबी आदि खायीं। हमेशा की तरह क्रिडा स्थल के बीचो बीच रावण और मेघनाथ के बडे- बडे पुतले लगाये गये थे। शाम होते ही भगवान राम, लक्ष्मन एवं हनुमान तथा रावण के स्वरूप आयें और लीला करने लगे । मां काली की झांकी अपने करतब दिखाते हुये मेले में आगे आगे चल रही थी और लोगों के आकर्षन का केन्द्र बनी हुयी थीं। मेले में जैसे ही भगवान राम के स्वरूप ने रावण को तीर मारा तो चारो और से जय श्रीराम, जय श्रीराम की जोरदार आवाज गूंजने लगी। देखते ही देखते बुराई के प्रतीक रावण का पुतला धूं धूं करे जलकर राख हो गया। मेले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन भी चैकन्ना नजर आया जहां जिले के पुलिस कप्तान अजय पाल शर्मा ने मेला स्थल का निरीक्षण किया तो वहीं सीओ डीके बाल्यान, कोतवाली प्रभारी गंगाप्रसाद यादव, सिटी इंचार्जविपिन यादव भारी पुलिस बल के साथ मेला स्थल पर मौजूद थे। और मेला स्थल के चप्पे चप्पे पर पुलिस व पीएसी बल तैनात रहा।
सिकन्दराराव में धूमधाम से मनाया गया असत्य पर सत्य की विजय का पर्व विजय दशमी
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