सासनी। पापी पेट की खातिर मनुष्य को क्या-क्या नहीं करना पड़ता। मेहनत से लेकर अपनी जिंदगी दांव पर लगाने से पीछे नहीं हटता। दो जून की रोटी कमाने के लिए वह दर-दर भी भटक सकता है। ऐसा ही कारनामा सासनी में एक बालिका द्वारा दिखाकर लोगों को हैरत में डाल दिया।शुक्रवार को रुदायन रोड पर अपने भाई और चाचा के साथ परिवार का भरण पोषण करने में सहयोग करने के उद्देश्य को पूरा करने बिहार से आई बालिका रानी ने बताया कि उसके माता
पिता की हालत ठीक नहीं है। परिवार में उसके दो भाई तथा एक चाचा एवं एक बहन है। परिवार सीमित है। फिर भी मुफलिसी ने उसे घेर रखा है। जिससे दो वक्त की रोटी जुटाने के लिए वह अपने चाचा तथा भाई के साथ वह सड़क पर दो खंबे लगाकर उस पर रस्सी बांधकर हैरतंगेज कारनामे दिखाती है। यह कला उसने अपनी मां रजनी से सीखी। रस्सी पर एक पैर से चलना बेलेंस बनाकर और भी कारनामे दिखाना उसे बहुत अच्छी तरह से आता है। इस कार्य में उसके चाचा और भाई सहयोग करते हैं। एक बार का खेल करीब एक घंटे का होता है। जिसमें वह मात्र सौ रुपये भी बड़ी मुश्किल से जुटा पाती है। रानी ने बताया कि आज यदि कहीं डांस पार्टी हो तो लोग रुपये लुटाने में पीछे नहीं रहते मगर उसके खेल को देखकर बगलें झांकने लग जाते हैं। पूरे दिन में चार लोग मात्र दो सौ रुपये तक ही कमा पाते हैं। चाचा रवि ने बताया कि बिहार सरकार ने उनके लिए कुछ नहीं किया। भैया और भाभी बीमार रहते हैं। उनकी दवा तथा परिवार का भरण पोषण करने के लिए वह यह करतब दिखाता है।
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