हाथरस/सासनी। गत शुक्रवार नौ सितंबर को श्री रामलीला महोत्सव का ध्वजा रोहण होने के बाद रामलीला की दूसरी कमेटी ने भी धूम-धाम से आचार्य राजकुमार शर्मा द्वारा विधिवत पढ़े गये वेदमंत्रोच्चारण के साथ हरि शंकर वाष्र्णेय नेताजी द्वारा ध्वजा रोहण किया गया।
बता दें कि दो वर्ष से श्रीराम लीला कमेटी को लेकर विवाद चला आ रहा है। जिसके तहत गत वर्ष जिलाधिकारी ने तहसीलदार को रामलीला का रिसीवर नियुक्त कर दिया था। बाद में रामलीला कमेटी का गठन हुआ और सुधीर कुमार अग्रवाल को कमेटी का सन् 2015 में अध्यक्ष चुन दिया गया। वहीं दूसरी समिति के गिरीश कुमार वाष्र्णेय ने वार्षिक रामलीला महोत्सव के संबध में एक प्रार्थना पत्र जिला मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जिसमें जिला मजिस्ट्रेट ने 10 सितंबर को उच्चन्यायायल के अनुपालन हेतु निर्देशित किया। वहीं हरीशंकर वाष्र्णेय सहित ग्यारह लोगों ने रामलीला कमेटी हेतु प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। उक्त प्रार्थना पत्र में पक्षों से वार्ता कर निर्विवाद व उक्त कमेटी संचालन के नाम प्रस्तुत करने हेतु कहा गया तो गिरीश कुमार वाष्र्णेय ने अपने तथा हरीशंकर वाष्र्णय के नाम सहित दाऊदयाल शर्मा, प्रशांत कुमार अग्रवाल, कांता प्रसाद वाष्र्णेय, सुभाष चंद्र वाष्र्णेय, कुलदीप कुमार वाष्र्णेय, सतीश चंद्र, ममतेश, राकेश भगवती प्रसाद कुशवाहा आदि के नाम दिए। जिन्हें एक अक्टूबर 2015 के क्रम में डीएम ने हाथरस द्वारा निर्देशित किया गया। कहा कि परंपरागत चली आ रही रामलीला के आयोजन हेतु चुने गये सदस्य तहसीलदार सासनी की देख-रेख में रामलीला आयोजन कराएंगे। इन ग्यारह सदस्यों द्वारा अन्य किसी भी प्रकार का कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा। यदि कोई भी विवाद पैदा होता है तो रामलीला कराने हेतु ग्यारह सदस्यों द्वारा ली गई अनुमति उसी समय तत्काल निरस्त समझी जाएगी। साथ ही इसे डीएम द्वारा किसी भी समय इस अनुमति को संशोधित व समाप्त किया जा सकता है। इसी को मद्देनजर रखते हुए ग्यारह सदस्यीय समिति ने अयोध्या चैक में विधिवत आचार्यों द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ ध्वजा रोहण किया गया। इस दौरान पुष्कर वाष्र्णेय, नरेन्द्र वाष्र्णेय, रमन वर्मा, विश्नू शरण वर्मा, महेश चंद्र वाष्र्णेय, आचार्य श्रीनाथ पाठक, आचार्य राजकुमार शर्मा आदि मौजू थे।
बता दें कि दो वर्ष से श्रीराम लीला कमेटी को लेकर विवाद चला आ रहा है। जिसके तहत गत वर्ष जिलाधिकारी ने तहसीलदार को रामलीला का रिसीवर नियुक्त कर दिया था। बाद में रामलीला कमेटी का गठन हुआ और सुधीर कुमार अग्रवाल को कमेटी का सन् 2015 में अध्यक्ष चुन दिया गया। वहीं दूसरी समिति के गिरीश कुमार वाष्र्णेय ने वार्षिक रामलीला महोत्सव के संबध में एक प्रार्थना पत्र जिला मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जिसमें जिला मजिस्ट्रेट ने 10 सितंबर को उच्चन्यायायल के अनुपालन हेतु निर्देशित किया। वहीं हरीशंकर वाष्र्णेय सहित ग्यारह लोगों ने रामलीला कमेटी हेतु प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। उक्त प्रार्थना पत्र में पक्षों से वार्ता कर निर्विवाद व उक्त कमेटी संचालन के नाम प्रस्तुत करने हेतु कहा गया तो गिरीश कुमार वाष्र्णेय ने अपने तथा हरीशंकर वाष्र्णय के नाम सहित दाऊदयाल शर्मा, प्रशांत कुमार अग्रवाल, कांता प्रसाद वाष्र्णेय, सुभाष चंद्र वाष्र्णेय, कुलदीप कुमार वाष्र्णेय, सतीश चंद्र, ममतेश, राकेश भगवती प्रसाद कुशवाहा आदि के नाम दिए। जिन्हें एक अक्टूबर 2015 के क्रम में डीएम ने हाथरस द्वारा निर्देशित किया गया। कहा कि परंपरागत चली आ रही रामलीला के आयोजन हेतु चुने गये सदस्य तहसीलदार सासनी की देख-रेख में रामलीला आयोजन कराएंगे। इन ग्यारह सदस्यों द्वारा अन्य किसी भी प्रकार का कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा। यदि कोई भी विवाद पैदा होता है तो रामलीला कराने हेतु ग्यारह सदस्यों द्वारा ली गई अनुमति उसी समय तत्काल निरस्त समझी जाएगी। साथ ही इसे डीएम द्वारा किसी भी समय इस अनुमति को संशोधित व समाप्त किया जा सकता है। इसी को मद्देनजर रखते हुए ग्यारह सदस्यीय समिति ने अयोध्या चैक में विधिवत आचार्यों द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ ध्वजा रोहण किया गया। इस दौरान पुष्कर वाष्र्णेय, नरेन्द्र वाष्र्णेय, रमन वर्मा, विश्नू शरण वर्मा, महेश चंद्र वाष्र्णेय, आचार्य श्रीनाथ पाठक, आचार्य राजकुमार शर्मा आदि मौजू थे।
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