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हाथरस- डीएम ने गोष्ठी मे भूजल की सुरक्षा और संरक्षण पर की चर्चा

हाथरस। जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने कहा है कि भूजल की सुरक्षा और संरक्षण के लिए बृहद स्तर पर जन आंदोलन चलाये जाने की जरूरत है। उन्होंने पेयजल की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए भूजल के अति दोहन से रोकने के लिए लोगों को जागरूक करने की दिशा में सक्रिय प्रयास करने पर जोर दिया।
गुरूवार को कलक्टेªट में भूजल सप्ताह के अंर्तगत आयोजित गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने भूजल की सुरक्षा और संरक्षण की आवश्यकता की चर्चा करते हुए कहा कि यदि समय रहते इस दिशा में सार्थक प्रयास नहीं किये गये तो आने वाली पीढी के सामने पेयजल की किल्लत आने की पूरी संभावना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मानवता को ध्यान में रखकर भूजल के सदुपयोग के लिये हर व्यक्ति को दृढ संकल्प लेना होगा अन्यथा पूरी मानव जाति को पेयजल के संकट से जूझना होगा।
जिलाधिकारी ने सर्विस वाटर के जनोपयोगी न रहने पर गहरी चिन्ता व्यक्त की और कहा कि ऐसी स्थिति में ग्राउण्ड वाटर के सदुपयोग पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो इसके परिणाम अत्यन्त भयावह होंगे। उन्होंने सभी स्कूल-कालेजों में छात्र-छात्ऱाओं को भूजल के संरक्षण और  सदुपयोग के बारे में समुचित जानकारी देकर जागरूक किये जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
      जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय ने पेयजल की समस्या को दूर करने के लिये जन जागरूकता पर जोर दिया। श्री उपाध्याय ने ब्लाक स्तर पर कमेटी गठित करके ग्राम पंचायत और क्षेत्र पंचायत के समस्त जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों और फील्ड स्टाफ की नियमित रूप से बैठक करके भूजल के संरंक्षण के लिये ठोस कदम उठाने की जरूरत पर बल दिया और कहा कि इस दिशा में ऐसे सक्रिय प्रयास किये जाये जिससे जनपद हाथरस से पूरे प्रदेश में इसका संदेश जाये।
परियोजना निदेशक चन्द्रशेखर शुक्ला ने भूजल की सुरक्षा और संरक्षण करने के लिए शासन के निर्देशों की जानकारी दी। उन्होंने वर्षा के पानी के संरक्षण पर जोर दिया और कहा कि यह प्रकृति का अमूल्य वरदान है, अतः इसके संरक्षण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को रूफ टाफ रेन वाटर हार्वेस्टिंग तकनीक को अपनाना चाहियें।
      गोष्ठी में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बीके भावना बहिन ने भूजल को ईश्वर का वरदान बताते हुए भूजल के संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंनेे लोगों से कहा कि वह समय रहते जाग जायें अन्यथा समूची मानवजाति और पशु पेयजल की समस्या से प्रभावित होंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक जेके मलिक, उप निदेशक कृषि रामप्रताप, भूमि संरक्षण अधिकारी डा0 रामप्रवेश, खण्ड विकास अधिकारी मौ0 जाकिर आदि ने भी इस मौके पर विचार व्यक्त किये।
सहायक अभियन्ता लघु सिंचाई प्रेम किशोर अग्रवाल ने गोष्ठी का संचालन किया। इस मौके पर एसडीएम राकेश कुमार, राजपाल सिंह सहित अनेक अधिकारी व गणमान्य व्यकित मौजूद थे।

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