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महाराणा प्रताप राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में “रोजगार एवं स्वरोजगार हेतु कैरियर परामर्श” विषय पर कार्यशाला का आयोजन

सिकंदराराव। महाराणा प्रताप राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय  में समस्त छात्र-छात्राओं हेतु प्राचार्या प्रो.शैफाली सुमन के कुशल दिशा-निर्देशन और डॉ0 अजब सिंह के प्रभारत्व में कॉलेज के कैरियर परामर्श और रोजगार प्रकोष्ठ की ओर से “रोजगार एवं स्वरोजगार हेतु कैरियर परामर्श” विषय पर कार्यशाला  का आयोजन संपन्न हुआ। जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। “रोजगार एवं स्वरोजगार हेतु कैरियर परामर्श”  कार्यशाला का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. शैफाली सुमन ने समस्त प्राध्यापकों की गरिमामय उपस्थिति में माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलन एवं माल्यार्पण कर किया। सर्वप्रथम कॉलेज कार्यशाला में दोनों विशेषज्ञों-  गोपाल भारद्वाज एवं  कुलदीप सिंह का महाविद्यालय परिवार द्वारा पुष्प मालाओं से स्वागत किया गया और प्राचार्या द्वारा स्मृति चिन्ह भेट किये तथा कार्यशाला की अध्यक्षता की। यह कार्यशाला बीआईआईटी, सिकन्दराराऊ शाखा और कौशल विकास केन्द्र के सहयोग से संपन्न हुई और प्रशिक्षण तथा परामर्श हेतु विशेषज्ञ- गोपाल भारद्वाज एवं  कुलदीप सिंह रहे। इस सुअवसर पर विशेषज्ञ- गोपाल भारद्वाज एवं कुलदीप सिंह ने  छात्र-छात्राओं को  विभिन्न रोजगारों एवं स्वरोजगारों हेतु  विस्तृत जानकारी दी।


उन्होंने कंप्यूटर और इन्टरनेट आधारित विविध ट्रेनिंग कार्यक्रमों, कंप्यूटर के बेसिक पाठ्यक्रमों पर बल दिया। जिनमें डी सी ए प्लस इन्टरनेट, हिन्दी एवं इंग्लिश टाइपिंग,3-सी0 सी0 सी0,टेली(प्राइम), डी0 टी पी0 ,डी0 सी0 टी0 टी0,‘ओ’ लेवल और इंग्लिश स्पीकिंग  शामिल रहे। छात्राओं हेतु स्वरोजगार के लिए सिलाई, कढाई और ब्यूटी पार्लर कोर्स करने की भी सलाह दी। इस कार्यशाला के दौरान बहुत से छात्र-छात्राओं ने विभिन्न रोजगार व स्वरोजगारों पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण प्राप्त करने हेतु अपना पंजीयन कराया। डॉ0 अजब सिंह, प्रभारी-कैरियर परामर्श और रोजगार प्रकोष्ठ ने अपने सम्बोधन में कहा की रोजगार और स्वरोजगार का परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। स्नातक व परा-स्नातक के छात्र-छात्राओं को बदलते परिवेश को समझकर स्वयं को तैयार करना समय की मांग है। वर्तमान में सेवा और उससे जुड़ें क्षेत्रों में सर्वाधिक रोजगार हैं,परन्तु उन रोजगारों में स्वयं को अच्छी तरह से स्थापित करने के लिए इन्टरनेट आधारित पाठ्यक्रमों को भी तैयार करना होगा, जिनमें डाटा माइनिंग,डीप लर्निंग, मशीन लर्निंग,आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस, एस0पी0 एस0 एस0,ए0म0ओ0एस0 और मक्स्कदा(MAXQDA),आदि शामिल हैं। तदुपरांत कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहीं महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. शैफाली सुमन ने छात्र-छात्राओं को रोजगार एवं स्वरोजगार हेतु स्वयं को तैयार करने और सक्षम बनने हेतु प्रोत्साहित किया एवं कार्यशाला में उपस्थित छात्र-छात्राओं और अन्य प्रतिभागियों को आशीर्वाद दिया और कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की। कार्यशाला में प्रो0 मंजु उपाध्याय, प्रो0 विनीता कुमारी,डॉ0 हिमांशु राय, डॉ0 गोविन्द अग्रवाल व विश्वनाथ प्रताप सिंह उपस्थित रहे। कार्यशाला से लगभग-90-100 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। कार्मिक बृजमोहन ने सहयोग किया।

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