सासनी। आगरा अलीगढ रोड स्थि कन्या गुरूकुल महाविद्यालय के निकट मां कंकाली मंदिर में नवरात्रि के तीसरे दिन दर्शनाथियों की लम्बी-लम्बी कतारें देखने को मिली। सुबह ही महिला पुरुषों जलअभिषेक के लिये मंदिर पर पहुँचें। मंदिर पर साल में दो बार नवरात्रि पर भक्तों की भीड उमडती है। जिसमें हजारों लाखों की संख्या में भक्तगण आते हैं।
गुरूवार को चैत्र मास नवदुर्गा महोत्सव के दौरान मां कंकाली मंदिर में हजारों की संख्या में भक्तों ने मां का जलाभिषेक किया तथा दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। मंदिर की मान्यता है, कि इस मंदिर पर जो भी भक्त अपनी मुराद लेकर आता है, माता रानी हर भक्त की मुराद पूरी करती है। करीब एक सौ पचास वर्ष पुराने इस मंदिर के पुजारी चरनसिंह के अनुसार उनके पूर्वज बताते थे। कि राजस्थान से चरवाहे पशु लेकर हर साल आते और यहां डेरा डालते थे। इसके लिए सफाई व जगह समतल करते समय खुदाई में देवी की मूर्ति मिली। इससे पेड़ के नीचे रख कर उन्होंने पूजा शुरू कर दी थी। देवी का नाम कंकाली माता रखा गया। पुजारी चरन सिंह ने बताया कि मंदिर उनके पुरखों की जमीन पर है। पास के गांव महमदपुर में पुस्तैनी मकान है। इसलिए कई पीढ़ी से उनका परिवार पूजा करता आ रहा है। धीरे-धीरे क्षेत्र के लोगों की आस्था भी जुड़ती गई और मंदिर ने विशाल रूप ले लिया। अब इस मंदिर पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। प्रत्येक सोमवार को मेला लगता है।
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