- मोटर दुर्घटना प्रतिकर मामलों के निस्तारण के लियें 11 जुलाई को पक्षकारों के मध्य प्रीट्रायल बैठक
हाथरस। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिव कुमारी ने बताया है कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जनपद में दिनांक 14 जुलाई को प्रातः 10ः00 बजें से जनपद मुख्यालय तथा सभी तहसील मुख्यालयों पर राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जायेगा।
इस राष्ट्रीय लोक अदालत में विशेष रूप से आपराधिक शमनीय वाद, धारा 148 प्रकरण मे लिखित अधिनियम वाद, बैंक वसूली वाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकायें परिवारिक वाद, श्रमवाद, भूमि अधिग्रहण वाद, विद्युत, जल बिल वाद (चोरी से सम्बन्धित विवादों सहित) राजस्व वाद, अन्य सिविल वाद (किराया सुखाधिकार व्ययादेश, विशिष्ट अनुकोष वाद) एवं आपसी सुलह समझौते के वाद, निस्तारित हो सकने वाले समस्त प्रकार के वादों का निस्तारण किया जायेगा,
सचिव ने बताया है कि मोटर दुर्घटना प्रतिकर के अधिक से अधिक वादों के निस्तारण के उद्देश्य से दिनांक 11 जुलाई को पक्षकारों के मध्य प्रीट्रायल बैठक वीडियो कान्फ्रेसिंग कक्ष में आयोजित की जायेगी। उन्होने सम्बन्धित सभी वादकारियों से अपने न्यायालय में सम्पर्क कर अपने वादों को लोक अदालत में नियत करने की अपेक्षा की है जिससे अधिक से अधिक वादों का निस्तारण किया जा सकें। तथा लोक अदालत में वादों को नियत करने में किसी भी प्रकार की असुविधा की दशा में अपर जनपद न्यायाधीश/नोडल अधिकारी श्री योगेन्द्र राम गुप्ता तथा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से सम्पर्क कर सकते हैं प्रीलिटिगेशन स्तर पर बैक मामलों को निस्तारित कराने में ब्याज तथा अन्य छुट प्रदान की जाती है।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आवाहन किया है कि अधिक से अधिक मामलें लोक अदालत में सन्दर्भित कराके लोक अदालत का लाभ उठायें। राष्ट्रीय लोक अदालत में दिनांक 14 जुलाई को समस्त बैकांे के उच्चाधिकारी उपस्थित रहेगें। अतः ऋण कर्ता अपने मामले को प्रीलिटिगेशन के माध्यम से समाप्त कराकर लाभ प्राप्त कर सकतें है।
हाथरस। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिव कुमारी ने बताया है कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जनपद में दिनांक 14 जुलाई को प्रातः 10ः00 बजें से जनपद मुख्यालय तथा सभी तहसील मुख्यालयों पर राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जायेगा।
इस राष्ट्रीय लोक अदालत में विशेष रूप से आपराधिक शमनीय वाद, धारा 148 प्रकरण मे लिखित अधिनियम वाद, बैंक वसूली वाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकायें परिवारिक वाद, श्रमवाद, भूमि अधिग्रहण वाद, विद्युत, जल बिल वाद (चोरी से सम्बन्धित विवादों सहित) राजस्व वाद, अन्य सिविल वाद (किराया सुखाधिकार व्ययादेश, विशिष्ट अनुकोष वाद) एवं आपसी सुलह समझौते के वाद, निस्तारित हो सकने वाले समस्त प्रकार के वादों का निस्तारण किया जायेगा,
सचिव ने बताया है कि मोटर दुर्घटना प्रतिकर के अधिक से अधिक वादों के निस्तारण के उद्देश्य से दिनांक 11 जुलाई को पक्षकारों के मध्य प्रीट्रायल बैठक वीडियो कान्फ्रेसिंग कक्ष में आयोजित की जायेगी। उन्होने सम्बन्धित सभी वादकारियों से अपने न्यायालय में सम्पर्क कर अपने वादों को लोक अदालत में नियत करने की अपेक्षा की है जिससे अधिक से अधिक वादों का निस्तारण किया जा सकें। तथा लोक अदालत में वादों को नियत करने में किसी भी प्रकार की असुविधा की दशा में अपर जनपद न्यायाधीश/नोडल अधिकारी श्री योगेन्द्र राम गुप्ता तथा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से सम्पर्क कर सकते हैं प्रीलिटिगेशन स्तर पर बैक मामलों को निस्तारित कराने में ब्याज तथा अन्य छुट प्रदान की जाती है।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आवाहन किया है कि अधिक से अधिक मामलें लोक अदालत में सन्दर्भित कराके लोक अदालत का लाभ उठायें। राष्ट्रीय लोक अदालत में दिनांक 14 जुलाई को समस्त बैकांे के उच्चाधिकारी उपस्थित रहेगें। अतः ऋण कर्ता अपने मामले को प्रीलिटिगेशन के माध्यम से समाप्त कराकर लाभ प्राप्त कर सकतें है।
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